क्या इंडिया और रूस की दोस्ती महंगी पड़ने वाली है?

रूस,चीन और इंडिया यह तीनों एक बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरने के प्रयास में है जो विश्व पटल पर छा जाएगा और जिसे देखकर अमेरिका भी तिलमिला उठा है,बहुत सारे व्यापारिक संबंध, सीमाओं पर विवाद अर्थव्यवस्था, में सुधार इन सबको लेकर इन तीनों देशों में बातचीत हो रही है,लेकिन क्या रसिया की दोस्ती भारत पर भारी पड़ेगी?http://news24hourslatest.in
आखिर क्यों रसिया की दोस्ती भारत पर भारी पड़ेगी?
जैसा कि हम सबको पता है कि इंडिया,चीन, रूस अभी एक साथ मिलकर एक बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपने आप को स्थापित करने वाले हैं,जिसके लिए वह एक दूसरे से लगातार संपर्क में है परंतु NATO के चीफ मार्क रूट ने भारत,रूस और चीन तीनों देशों को एक कड़ा निर्देश दिया है,और वह भी तेल आयत निर्यात को लेकर,सबको पता है कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है सस्ते दामों पर और अमेरिका नहीं चाहता कि रूस से भारत तेल खरीदे,लेकिन भारत में साफ-साफ कह दिया है कि हम वहीं से तेल खरीदेंगे जहां से हमें सस्ता पड़ेगा
NATO चीफ ने क्या कहा:
NATO चीफ मार्क रूट ने कहा कि इंडिया,चीन और ब्राजील को धमकी देते हुए कहा है कि अगर यह देश रूस से पेट्रोल खरीदना बंद नहीं करेंगे तो उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी,यानी कि इन देशों के ऊपर 100% का सेकेंडरी सैंक्शन लगाया जाएगा,यह खबर कब आई जब भारत ने अमेरिका के प्रस्ताव को ठुकराते हुए यह कहा कि हम रसिया से सस्ते दामों पर तेल खरीद रहे हैं,यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर सैंक्शन लगाया जिसके कारण रूस के व्यापार पर प्रभाव पड़ने लगा,जिससे कि उसकी अर्थव्यवस्था डगमग होने लगी और रूस सस्ते दामों पर तेल आयात करने लगा,एक ये भी कारण हो सकता है कि जो यूरोपीय देश रूस से तेल खरीदना बंद कर दिए है जिसके कारण रूस अपने अन्य देशों को सस्ते दामों पर तेल बेचना शुरू कर दिया
क्या होता है सेकेंडरी सैंक्शन:
सैंक्शन का आपको पता ही होगा कि जैसे अमेरिका ने रूस पर लगाया लेकिन सेकेंडरी सेक्शन का मतलब यह है कि रूस से जो भी देश तेल खरीदेंगे उस पर अत्यधिक जुर्माना लगेगा जिसमें भारत भी शामिल है,क्योंकि भारत रूस से काफी सस्ते दामों पर तेल खरीद रहा है,जिससे कि हमारे देश में डीजल और पेट्रोल के दाम अभी बड़े नहीं हैं,और अगर यह सेकेंडरी सेक्शन लगता है तो भारत की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा चोट पहुंचेगा क्योंकि फिर उसे तेल खरीदने में परेशानी होगी अन्य देश उसे तेल देने में दिक्कत करेंगे मतलब की मनमाने दाम पर भेजेंगे
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या धमकी दी:
युद्ध चल रहा है यूक्रेन और रूस के बीच लेकिन सारा क्रेडिट लेना चाहते है अमेरिका का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अगर रूस ने 50 दिनों के अंदर युद्ध समाप्त नहीं किया तो रूस और उसके साथ व्यापार करने वाले जितने भी देश हैं उसे पर 500% अतिरिक्त टैक्स लगाया जा सकता है
भारत के लिए मुसीबत की घड़ी:
भारत के लिए यह मुसीबत की घड़ी साबित हो रही है क्योंकि एक तरफ तो भारत रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीद रहा है उधर अमेरिका नहीं चाहता कि भारत रूस से तेल खरीदें या फिर कोई अन्य देश रूस से तेल खरीदें और एक तरफ नाटो ने यह घोषणा कर दी कि जो भी देश रूस से तेल खरीदेंगे उन पर सेकेंडरी सेक्शन लगाया जाएगा,अब भारत एक दुविधा में फंसा हुआ है कि अगर वह अमेरिका की बात मानेगा तो रूस से तेल सस्ते दामों पर नहीं मिलेगा और अगर रूस से तेल वह खरीद रहा है तो उस पर अतिरिक्त सैंक्शन लगाया जाएगा,मतलब दोनों तरफ से भारत के लिए यह मुसीबत की घड़ी है
भारत का संबंध इस समय रूस और चीन जैसे देशों से ज्यादा बढ़ गया है जिसके कारण अमेरिका को परेशानी हो रही है,और इसी परेशानी में अमेरिका कभी भारत पर 25% टैरिफ कभी 50% तारीफ लगता है,अब अमेरिका ने खुलकर यह कह दिया है कि अगर रूस से कोई भी देश तेल खरीदेगा तो उस पर अतिरिक्त सैंक्शन लगेगा, डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति के लहजे से बात कर रहे हैं या कि अमेरिका के एक बिजनेसमैन,अमेरिका यह सब करके खुद को सुपर पावर बनने की कोशिश कर रहा है,लेकिन वह भूल गया है की सुपर पावर के रेस में अमेरिका ही नहीं अन्य देश भी शामिल है,रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच में अमेरिका कूद पड़ा है और यही नहीं भारत और पाकिस्तान के भी युद्ध में अमेरिका ने यह बात कही थी कि युद्ध विराम की घोषणा अमेरिका ने की परंतु युद्ध के कुछ महीनाे बाद न्यूयॉर्क टाइम्स में यह बाकायदा आर्टिकल छपा कि अमेरिका का इसमें कोई योगदान नहीं था,एक बात तो स्पष्ट है डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल आखिरी है,और वह चाहते हैं शांति के पुरोधा बनना लेकिन ऐसा फिलहाल संभव नहीं है,अमेरिका हर युद्ध में जरूर कूद रहा है चाहे वह रसिया यूक्रेन का हो या फिर भारत-पाकिस्तान का हो ताकि वह दुनिया को बता सके कि वह शांति का पैगाम फैलाना चाह रहा है, लेकिन अमेरिका के इन्हीं हरकतों से कई देश उसके दुश्मन भी हो गए हैं क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मन में जो आता है वह बिना सोचे समझे करते हैं,और यही सब कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं,खैर अब यह देखना है कि भारत इन विसंगतियों का सामना कैसे करता है,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
