मुकेश अम्बानी और गौतम अदानी अंतत: एक साथ को गये है

भारत के दो सबसे उद्योग बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी और दूसरे गौतम अडानी दोनों ने अपने व्यापार को लेकर एक दूसरे से हाथ मिला लिया है,यह दोनों मिलकर भारत की अर्थव्यवस्था को और बड़ा करने के प्रयास में है,और ऐसा कहा जा रहा है की अंबानी अडानी एक दूसरे के समान को बेच सकते हैं यानी अडानी के समान को अंबानी बचेंगे और अंबानी के समान को अडानी बेचेंगे, आईए जानते हैं कैसे इन दोनों ने एक दूसरे का दामन थामाhttp://news24hourslatest.in
किस सेक्टर में एक दूसरे के हाथ पकड़े हुए हैं:
आपको पता है कि मुकेश अंबानी भारत के सबसे धनी इंसान है उनके कई सारे उद्योग हैं,जैसे रिलायंस के पेट्रोल पंप,रिलायंस डिजिटल, जिओ और भी न जाने क्या-क्या,आपको बता दे कि मुकेश अंबानी जी के 2000 से ज्यादा पेट्रोल पंप है जिसका नाम है जिओ बीपी,और गौतम अडानी के 600 से ज्यादा सीएनजी के स्टेशन है,अब साधारण सा डील हुआ की अंबानी ने कहा कि तुम मेरे पेट्रोल पंप पर अपना सीएनजी स्टेशन खोलना और अडानी ने कहा कि तुम मेरे सीएनजी स्टेशनों पर अपना पेट्रोल पंप खोल देना,आब दोनों को मिलाकर ढाई हजार से अधिक पेट्रोल पंप और सीएनजी है
इससे फायदा क्या होगा:
जैसा की हम सबको पता है कि अंबानी के पेट्रोल पंप पर सीएनजी स्टेशन खुलेंगे और अडानी के सीएनजी स्टेशनों पर पेट्रोल पंप भी खुलेंगे,अभी से इन दोनों को फायदा यह होगा कि अन्य स्टेशन खोलने की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ेगी,उनको ज्यादा लैंड स्पेस की जरूरत नहीं होगी,आपको पता ही होगा पेट्रोल पंप खोलने के लिए बाहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को कितना डेवलप करना पड़ता है या फिर सीएनजी स्टेशन खोलने के लिए भी डेवलपमेंट की जरूरत होती है, अब वह पूरी तरीके से समाप्त हो जाएगा क्योंकि दोनों एक दूसरे के स्टेशनों पर अपनी दुकान खोल लेंगे
फ्यूल का मार्केट कितना है:
यह जो फ्यूल का मार्केट है वह है 150 बिलीयन डॉलर का दिन प्रतिदिन गाड़ियों की मैन्युफैक्चर बढ़ती जा रही है लोगों को गाड़ियों की आवश्यकता ज्यादा पड़ रही है, इस हिसाब से पेट्रोल डीजल की बिक्री भी और ज्यादा होने वाली है,और जितनी ज्यादा गाड़ियां बिकेंगी यह अमाउंट उतना ही ज्यादा बढ़ता जाएगा,और इसी तरह रहा तो उन प्राइवेट स्टेशनों के साथ भी इनका टाइअप बढ़ता जाएगा,और धीरे-धीरे इनकी सेल भी बढ़ने लगेगी और मुनाफा भी ज्यादा होने लगेगा
तो क्या हिंदुस्तान पैट्रोलियम,इंडियन ऑयल घाटे में चला जाएगा:
मुकेश अंबानी और गौतम अडानी के एक होने के बाद यह जो बिजनेस में नया परिवर्तन आया है वह एक भूचाल सा है भारत के लिए,मतलब की अंबानी और अडानी दोनों एक साथ काम कर रहे हैं पेट्रोल पंप और सीएनजी पर,इसका सीधा असर पड़ेगा भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पैट्रोलियम, इंडियन ऑयल पर, क्योंकि यह दो बड़े उद्योगपति भारत के जो पहले एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हुआ करते थे वह अब एक दूसरे के साथ मिलकर बिजनेस कर रहे हैं,जिसका सीधा असर हमारे अन्य पेट्रोल पंप पर पड़ सकता है
क्या इन दोनों की जोड़ी ज्यादा देर तक टिकी रहेगी:
गौतम अडानी और मुकेश अंबानी दोनों ने हाथ मिला लिए हैं व्यापार के क्षेत्र मे,मुकेश अंबानी के पेट्रोल पंप पर गौतम अडानी का सीएनजी स्टेशन रहेगा और गौतम अडानी के सीएनजी स्टेशन पर मुकेश अंबानी के पैट्रोल पंप्स,यह जो मास्टर स्ट्रोक इन दोनों ने खेला है वह कोई बड़ा बिजनेसमैन हीं कर सकता है,ना तो अभी ने उन्हें लैंड की जरूरत होगी ना तो इन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर बनवाना पड़ेगा और नहीं इनका ज्यादा समय व्यतीत होगा, लेकिन देखना यह है यह तो पेट्रोल पंप का और सीएनजी का क्षेत्र है जिसमें इन दोनों ने मिलकर काम करना शुरू कर दिया है अभी और किस-किस सेक्टर में यह दोनों एक दूसरे के साथ मिलकर काम करेंगे यह तो भविष्य ही बताएगा
क्या नुकसान झेलना पड़ सकता है भारत को:
यह दोनों बड़े उद्योगपति पहले से ही अलग-अलग क्षेत्र में चाहे वह ऊर्जा हो,इंफ्रास्ट्रक्चर हो,रियल स्टेट हो,मीडिया हो या अन्य कोई क्षेत्र सब में महारत हासिल कर चुके हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं इससे छोटे और मध्यम वर्गीय उद्योगों को दबाव पड़ता है,और बाजार में इनकी आपस की प्रतिस्पर्धा घटती रहती है,क्या आपको पता है अंबानी और अडानी की संपत्ति मिला दी जाए तो भारत तथा को अन्य देश के जीडीपी से भी बड़ी है,और यही कारण है कि सामाजिक विषमताओं की चुनौतियां मडराती रहती है,मीडिया जगत का प्रभाव और बढ़ता जाएगा जिससे कि मीडिया की छवि को भी नुकसान पहुंचेगा,बाजार में जो अर्थव्यवस्था में असंतुलन पहुंचेगी उसका खामियाजा देश की जनता को भुगतना पड़ेगा, क्योंकि इन दोनों के एक साथ होने से अन्य क्षेत्र में जो अवसर होते हैं वह सीमित हो जाएंगे,जिससे नवाचारी प्रवृत्तियाँ और नवोन्मेष सिद्धांत कमजोर हो सकते हैं, फिलहाल तो यह देखना है इन दोनों के एक होने से भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है?
