AIMIM के पास है असरदार रास्ते जो बिगाड़ेंगे महागठबंधन का खेल

आपको बता दे की 2020 के बिहार के विधानसभा चुनाव में AIMIM(ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) 5 सीटे जीती थी, यह सारी सिट सीमांचल के इलाके की थी जो की एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र माना जाता है,असदुद्दीन ओवैसी 2020 के विधानसभा चुनाव में BSP और अन्य छोटे दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थे, लेकिन इस बार अकेले ही चुनाव लड़ने वाले है क्योंकि महागठबंधन ने उन्हें अभी तक कोई संकेत नहीं दिया है शामिल होने काhttp://news24hourslatest.in
पहले यह जानिए वह कौन सी 5 सीट AIMIM जीती थी:
AIMIM को मिली सीटें (2020)
1. कोचाधामन (Kishanganj जिला)
2. अमौर (Purnia जिला)
3. बहादुरगंज (Kishanganj जिला)
4. बायसी (Purnia जिला)
5. जोकीहाट (Araria जिला)
वह कौन से रास्ते हैं जहां AIMIM इंडिया महागठबंधन का खेल बिगाड़ सकता है:
सीमांचल के इलाके वाले क्षेत्र में जो कि मुस्लिम बहुल क्षेत्र है जहां aimim (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) 5 सिटे जीती थी जिससे कि राजद और महागठबंधन को नुकसान हुआ था,जब अब जब AIMIM इंडिया महागठबंधन या किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं है और वह अकेले दम पर चुनाव लड़ेगा,तो सीमांचल के जो इलाके हैं जहां पर कुल 24 विधानसभा सिट हैं वहां फिर महागठबंधन को नुकसान पहुंचा सकता है,हालांकि AIMIM के पांच विधायकों में से चार विधायक तो राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए,अगर आरजेडी इन इलाकों पर सीट बंटवारे को लेकर कोई कड़क फैसला नहीं लेती है तो उसे काफी नुकसान भी पहुंच सकता है और कहीं ऐसा ना हो जाए कि AIMIM और इंडिया गठबंधन को नुकसान हो जाए और बाजी एनडीए मार ले जाए हालांकि यह थोड़ा असहज लगता है क्योंकि वो मुस्लिम बहुल क्षेत्र है,और वैसे भी इंडिया महागठबंधन में सीटों को लेकर खींचतान जारी है कभी तेजस्वी यादव कहते हैं कि उनकी पार्टी 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी,तो कभी कांग्रेस कहती है कि हम अलग चुनाव लड़ेंगे,और कहीं ऐसा ना हो जाए की महागठबंधन इसी असमनजस में फंसा रह जाए और बाजी AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी मार ले जाये, आपको बता दे की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर अन्य पार्टियों को या एनडीए को इसका फायदा मिल सकता है
आरजेडी कैसे अपना बचाव कर सकती है:
सीमांचल के इलाके में 24 विधानसभा सिट जहां पर पांच विधानसभा सीट तो ओवैसी ने जीता था और जिससे राजद और महागठबंधन को नुकसान हुआ लेकिन इस बार ओवैसी अपने दम पर चुनाव लड़ रहे हैं और राजद महागठबंधन में अभी सीट बंटवारे को लेकर खिचतान जारी है,अब ऐसे भी राजद सीमांचल के क्षेत्र में कैसे अपने आप को बचा सकती है आईए जानते हैं
1-पहले तो इंडिया गठबंधन को यह करना चाहिए की सीट बंटवारे का भ्रम जल्दी से दूर करें और AIMIM को शामिल करना है या नहीं करना है इसका भी भ्रम दूर करें
2-आरजेडी को चाहिए कि वहां ऐसे उम्मीदवार को खड़ा करें जिसकी पकड़ जमीनी स्तर पर बहुत मजबूत हो तभी वह AIMIM के उम्मीदवार को टक्कर दे सकता है
3-RJD को स्थानीय समस्याओं (कृषि, रोज़गार, शिक्षा, बुनियादी ढांचा) पर जोर देना होगा।
4-छोटे स्थानीय दलों और प्रभावशाली नेताओं से समझौते करें,वाराणसी नेताओं के संपर्क मे रहे जो जिसे वहां के लोग अच्छे से समझते हो
5-छोटे-छोटे बदलाव पर ध्यान केंद्रित करना होगा, आपको बता दे कि एआइएमआइएम और राजद के बीच का जो वोट प्रतिशत था 2020 के चुनाव में वह बहुत कम था
6-RJD को लगातार लोगों के बीच में रहना होगा तभी एआईएमआईएम के प्रभाव को कम किया जा सकता है
सीमांचल में एआईएमआईएम का वोट शेयर 40 से 42% है और अगर वोट में बटवारा हुआ तो उसका नुकसान राष्ट्रीय जनता दल को हो सकता है,आरजेडी को अपने पुराने वोट बैंक को सक्रिय करना होगा,और एआइएमआइएम के प्रभाव को कम करने के लिए लगातार लोगों के बीच में बना रहना होगा और उनकी ज़रूरी समस्याओं को उजागर करना होगा,कृषि,स्वास्थ्य रोजगार,पर लगातार चर्चा करनी होगी तभी जाकर आरजेडी को थोड़ा फायदा मिल सकता है,देखते हैं आगे क्या होता है जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
