क्या रामदेव ने 30,000 करोड़ का चूना लगाया?

कांग्रेस का आरोप है कि उत्तराखंड के मसूरी में स्थित जॉर्ज एवरेस्ट स्टेट नामक 142 एकड़ के हेरिटेज जमीन को बाबा रामदेव के अत्यंत करीबी आर्चय बालकृष्ण को बहुत कम किराए पर दे दिया है,और इसकी मार्केट वैल्यू लगभग ₹30,000 करोड़ बताई जा रही हैhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं क्या है पूरा मामला:
उत्तराखंड में स्थित मसूरी में जॉर्ज एवरेस्ट स्टेट जो 142 एकड़ में फैला हुआ है 2022 में उत्तराखंड की सरकार इसे टूरिस्ट स्पॉट के लिए प्रस्तावित करती है,उसके बाद इसके लिए टेंडर निकाले जाते हैं,और इस टेंडर में तीन कंपनियों ने भाग लिया था:
1-Rajas Arrow
2-Bharua Agri Science Pvt.Ltd
3-Prakriti Organics India Ltd
अब ये कहा जा रहा है कि यह जो तीनों कंपनियां है वह एक ही इंसान की है और वह इंसान है योग गुरु बाबा रामदेव के बेहद करीबी आचार्य बालकृष्ण
उत्तराखंड सरकार का क्या कहना है:
उत्तराखंड सरकार का कहना है कि यह जो तीनों कंपनियां है जिन्होंने चार्ज एवरेस्ट स्टेट के टेंडर में शामिल थे वह बाबा रामदेव के करीबी आचार्य बालकृष्ण के नहीं है बल्कि आचार्य बालकृष्ण उन तीनों कंपनी में महज एक इन्वेस्टर है,इसलिए कौन सी कंपनी कितनी बोली लगा रही है यह उनका नहीं पता है,और जो भी टेंडर पास हुआ है और जो भी कंपनियां इस टेंडर में हिस्सा लिए,सारे काम पारदर्शी तरीके से हो रहे हैं ऐसा कहना है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का
क्या झूठ बोल रहे हैं पुष्कर सिंह धामी?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आचार्य बालकृष्ण पर जो आरोप लगाए गए हैं उसका खंडन किया उनका कहना है कि आचार्य बालकृष्ण इन तीनों कंपनी के मालिक नहीं बल्कि उसमें एक इन्वेस्टर के तौर पर है,लेकिन कुछ अखबारों के अनुसार यह पता चला है कि आचार्य बालकृष्ण इन तीनों कंपनी के ऊपर अच्छा खासा स्टेक है,आईए जानते हैं आचार्य बालकृष्ण का इन तीनों कंपनी में कितने प्रतिशत स्टेक है:
1-Rajas Arrow-99%
2-Bharua Agri Science Pvt.Ltd -99%
3-Prakriti Organics India Ltd -70%
ऊपर लिखे हुए खबर से पता चलता है कि आचार्य बालकृष्ण इस कंपनी में इन्वेस्टर नहीं बल्कि इस कंपनी के ओनर है और जो भी डिसीजन यह कंपनी लेती है वह सब आचार्य बालकृष्ण के कहने पर लेती है
कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए उत्तराखंड की सरकार पर :
कांग्रेस का कहना है कि जो जमीन उत्तराखंड सरकार ने आचार्य बालकृष्ण को दी है,उसकी रियल कॉस्ट 30,000 करोड़ है लेकिन इसे मात्र एक करोड़ प्रतिवर्ष किराए पर दिया गया है,कांग्रेस ने इसे उत्तराखंड का सबसे बड़ा घोटाला बताया,और राज्य उच्च न्यायालय और सीबीआई जांच करने की त्वरित मांग की
भाजपा का क्या कहना है:
भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने जो भी आरोप लगाए हैं वह भी बेबुनियाद है,सरकार ने जो टेंडर लाया है और तीन कंपनियां जो उसमें शामिल है सब में पूरी तरीके से पारदर्शि है इसमें कोई घोटाला नहीं हुआ है,सरकार का कहना है की जमीन का एक हिस्सा जो है वह उपयोग में नहीं है इसलिए उसके किराए कम है
अभी तक न्यायालय और सीबीआई ने कोई जांच की पुष्टि नहीं की:
अभी तक राज्य उच्च न्यायालय या फिर सीबीआई ने कोई पुष्टि नहीं की है कांग्रेस ने आरोप लगाया है सरकार ने उसे खारिज किया है,क्योंकि अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है कि यह पूरी तरीके से एक घोटाला है, इसलिए इस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है
कांग्रेस का आरोप,सरकार का आरोप को खारिज करना अब देखना है कि यह जो ₹30,000 करोड़ का घोटाला कांग्रेस बता रही है इसकी सत्यता के कितने प्रमाण है,अगर यह आरोप सत्य सिद्ध होते हैं तो आचार्य बालकृष्ण और बाबा रामदेव दोनों पर जांच बैठेगी सरकार को भी इसका जवाब देना पड़ेगा कि आखिर यह घोटाला हुआ तो हुआ कैसे,एक बार इसकी जांच अवश्य होनी चाहिए क्योंकि पता तो चले कि आखिर यह कौन सी मिलीभगत है सरकार की ओर बाबा रामदेव की की ऐसी खबरें सुनने को मिल रही है,या फिर कांग्रेस वाले केवल जनता के बीच भ्रम फैला रहा जा रहे हैं,सरकार को कटघरे में रखना चाहते हैं,देखते हैं इस पर आगे की कार्यवाही क्या होती है फिलहाल अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल