बर्बाद करना चाहते हैं ट्रंप इंडिया के आईटी सेक्टर को

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत पर हमले किए हैं लेकिन इस बार हमला टैरिफ पर नहीं जब h1 वीजा पर है डोनाल्ड ट्रंप ने h1 वीजा को $1500 से बढ़कर एक लाख डॉलर कर दिया है, यह वीजा अमेरिका के द्वारा प्रदान की जाती है उन देश के लड़कों को जो अमेरिका की कंपनी में जॉब करने के लिए आना चाहते हैं, यह वीजा खासकर इंजीनियर हेल्थ केयर साइंस में रुचि रखने वाले बच्चों के लिए उपलब्ध कराया जाता है http://news24hourslatest.in
अब देखते हैं कि आगे क्या होता है:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने h1 वीजा का चार्ज लगभग 14 गुना बढ़ा दिया है, आपको बता दे कि इसके पहले इस वीजा को लेने में यार 1 लाख से ₹500000 लगते थे लेकिन अब इस पर 88 लख रुपए लगेंगे, आखिर अमेरिका ने इतना बड़ा फैसला कैसे लिया
आईए जानते हैं भारत पर क्या असर पड़ेगा:
आपको बता दे की इंडियन आईटी सेक्टर में से 70% से अधिक लोग h1 वीजा का उपयोग करते हैं, रिपोर्ट के अनुसार 2024 में h1 वीजा का प्रयोग लगभग 72% भारतीय ने किया था यानी करीब 3 लाख लोग, h1 वीजा के बड़े डैम से इंफोसिस विप्रो टीसीएस जैसी कंपनीयों को बहुत प्रभाव पड़ेगा, वीजा के बढ़ते दाम को देखकर जितने भी इंडियन अमेरिका में जॉब कर रहे हैं उन्हें भारत वापस आना पड़ेगा, आपको पता ही होगा कि आईटी सेक्टर हर साल लाखों लड़कों को अमेरिका भेजति है, अब फीस बढ़ाने के कारण कंपनियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ जाएगा, बहुत से लड़के ऐसे हैं जो उन्हें अमेरिका जाकर अपना काम करना पसंद होता है लेकिन इस नई पॉलिसी के कारण अब बहुत कम बच्चे अमेरिका जा पाएंगे क्योंकि कंपनियां इतने महंगे खर्चे पर अमेरिका नहीं भेज सकती है
भारतीय स्टूडेंट पर इसका गहरा असर पड़ेगा:
आपको बता दे कि यशवंत वीजा का दाम एक लाख से बढ़कर 88 लाख हो गया है जिसके वजह से भारत के आईटी सेक्टर पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ने वाला है जो स्टूडेंट अमेरिका जाकर पढ़ाई करके नौकरी पाना चाहते हैं उनके लिए अब यह मुश्किल होगा, भारत के आईटी सेक्टर जो बच्चों को अमेरिका भेजते हैं उनके जनक काम हो जाएगा अब उन्हें भारत में ही किसी तरह जॉब करनी होगी, अब जितने भी भारतीय टैलेंट है उनका अमेरिका जाना काम हो जाएगा, 21 सितंबर के बाद अगर कोई भारतीय स्टूडेंट अमेरिका जाता है तो उसे 88 लख रुपए का भुगतान करना होगा, और जिसके चलते अमेरिकी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वापस आने के लिए 24 घंटे का वक्त दिया है और इस कारण एयरपोर्ट पर भी सर गर्मी तेज हो गई है, ट्रंप के इस डिसीजन से एयरलाइन वाले भी खूब पैसा कमा रहे हैं क्योंकि अब स्टूडेंट अपने-अपने वक्त वतन वापस लौट रहे हैं जिसके कारण फ्लाइट कंपनियों ने अपने दम भी दोगुनी कर दिए हैं
क्या भारत में अब रोजगार के अवसर ज्यादा पैदा होंगे:
अमेरिका के इस डिसीजन से भारतीय आईटी सेक्टर सल टीसीएस जैसे कंपनियों पर प्रभाव पड़ा है क्योंकि आप अगर कंपनियां अपने भारतीय स्टूडेंट्स को अमेरिका भेजते हैं तो 88 लख रुपए खर्च करना पड़ेगा जोकि कंपनियों के लिए एक महंगा सौदा पड़ेगा ऐसे में अब यह हो सकता है कि भारत में जो भी आईटी सेक्टर हैं वह रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और अपने स्टूडेंट को अमेरिका जाने से रोक सकेंगे मतलब की उनको नौकरी भारत में ही मिल सकेगी इससे भारत में रोजगार के अवसर ज्यादा से ज्यादा पैदा होंगे, भारतीय टैलेंट अमेरिका नहीं जाएगा तो जाहिर सी बात है इंडिया में स्किल डेवलप्ड की संख्या बढ़ेगी,स्किल्ड लोग अगर यहीं रुकते हैं तो स्टार्टअप और इनोवेशन को भारत में बढ़ावा मिलेगा।
मतलब कुल मिला-जुला के कहने का तात्पर्य है कि अमेरिका ने जो अश्विन वीजा पर दाम बढ़ाया है उसका भारत को एक तरीके से लाभ भी मिल सकता है और दूसरे तरीके से हानि भी हो सकती है क्योंकि भारत से अमेरिका जाने वाले स्टूडेंट की संख्या कम हो जाएगी तो जाहिर सी बात है उनको नौकरी के लिए भारत के आईटी सेक्टर पर ही डिपेंड रहना पड़ेगा और भारत में ही नौकरी करनी पड़ेगी इस नजरिए से भारत में रोजगार के अवसर ज्यादा पैदा हो सकते हैं, ट्रंप एक तरफ भारत को टैरिफ की धमकी दिए ताकि भारत के अर्थव्यवस्था पर असर पड़े उसके बाद आप h1 वीजा का दाम बढ़ाकर भारत को संकट पैदा करना चाहते हैं, लेकिन भारत उनके हर चुनौतियों का सामना डट के कर रहा है ट्रंप के इस क्रिया से भारत को नुकसान तो झेलना पड़ेगा, अमेरिका को लगता है कि भारत के खिलाफ ऐसे कदम उठाकर वह भारत को नुकसान पहुंचा रहा है तो यह उसकी भूल है, भारत हर विपत्ति का सामना डट के करता है हालांकि भारत में विपक्षीय पार्टी सवाल उठा रही हैं भारत की विदेश नीति पर उनका कहना है कि आखिर भारत की विदेश नीति क्यों फेल हो गई, अब देखना है कि आगे क्या होता है जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
