Bihar Vidhansabha Chunav: पीएम मोदी का मिशन मोतिहारी

बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी अब तेज हो चुकी है, प्रधानमंत्री मोदी का दौरा भी तेज हो गया हैं, प्रधानमंत्री मोदी बिहार के विधानसभा चुनाव को लेकर मोतिहारी में 7217 करोड़ का सौगात दिए हैं, पीएम मोदी का इस चुनावी विधानसभा का बिहार का पांचवा दौरा है, आपको बता दे कि प्रधानमंत्री मोदी बिहार और पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं, अगले साल पश्चिम बंगाल में भी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं सत्ताधारी पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है इसलिए पीएम मोदी लगातार दौरे कर रहे हैंhttp://news24hourslatest.in
बीजेपी का चुनावी समीकरण:
बीजेपी का चंपारण का जो बेल्ट है वह सबसे मजबूत बताया जाता है और यह कहा जाता है कि बीजेपी हर संभव प्रयास करती है कि वह बेल्ट उनसे ना छूटे, इसीलिए बीजेपी ने प्रधानमंत्री मोदी की जो रैली कराई है वह चंपारण के मोतिहारी में हुआ है ताकि आसपास के जो भी पूर्वी क्षेत्र हैं और पश्चिम चंपारण है दोनों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि सब आसपास ही सटे हुए जिले हैं, आपको बता दे की 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने चंपारण क्षेत्र पर पूरा कब्जा किया था विपक्ष को मात्र चार सीटें मिली थी,और यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी की रैली भी वहीं से हो रही है, और बीजेपी इस चंपारण को छोड़ना नहीं चाहती है
चंपारण में कितनी सीटे हैं:
चंपारण एक ऐसा क्षेत्र है जहां बीजेपी ने विपक्ष का सफाया ही कर दिया था, आपको बता दे कि पूर्वी चंपारण में टोटल 12 सीटे हैं जिसमें मोतिहारी,ढाका,चिरैया, मधुबन, पिपरा, गोविंद राज,हरसिद्धि, रक्सौल और केसरिया सीट है और यह सारी सीटे एनडीए ने जीती थी, वही बात करें पश्चिमी चंपारण में तो 9 सीटें हैं जिसमें बाल्मीकि नगर बेतिया, लौरिया, रामनगर, नरकटियागंज बगहा,नौतन,चनपटिया और सीकटा सीट है,पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण दोनों को मिलाकर 21 विधानसभा सीटे हैं,आपको बता दे की 2020 के चुनाव में चंपारण क्षेत्र में 21 में से 17 एनडीए ने जीती थी, जिसमें एनडीए में बीजेपी 15 और जेडीयू 2 सीटे जीती थी, वही महागठबंधन को सिर्फ चार सीटें मिली थी जिनमें से तीन RJD और एक CPI के खाते में गई थी
पीएम मोदी का मोतिहारी में क्या प्लान:
जैसा कि हमको पता है कि चंपारण क्षेत्र को लेकर 21 सीटें हैं जिसमें से चार महागठबंधन ने जीती थी ऐसा माना जा रहा है कि पीएम मोदी की नजर भी उन्हें चार सीटों पर है जो वो हारे थे, भाजपा अपनी 4 सीटों पर भी पकड़ मजबूत करना चाहती है, आपको बता दे कि भाजपा के जो दिग्गज नेता है राधा मोहन सिंह वह इसी क्षेत्र से सांसद हैं और पूर्वी चंपारण से ही चुनाव जीतते आ रहे हैं वह वहीं पश्चिम से संजय जयसवाल लोकसभा का चुनाव जीते हैं इसलिए बीजेपी को यहाँ मजबूत माना जा रहा है और जो चार सीटें हारी हैं उनको भी अपने पाले में खींचने की पूरी कोशिश हो रही है,
इस बार बीजेपी को कितना सफल बना सकते हैं नीतीश बाबू:
आपको बता दें कि जनता दल यूनाइटेड के नीतीश कुमार बीजेपी को बहुत लाभ पहुंचाते हैं इसलिए भाजपा उनका साथ नहीं छोड़ती है क्योंकि नीतीश कुमार के रहने से बीजेपी को लाभ मिलता है और वही 2015 में जब नीतीश कुमार बीजेपी से अलग हुए थे तो बीजेपी को नुकसान भी हुआ था, आपको बता दें कि 2015 के विधानसभा चुनाव में जब नीतीश कुमार की पार्टी एनडीए के साथ नहीं थी तो यही पूर्वी चंपारण के 12 विधानसभा सीटों में से एनडीए के खाते में मात्र पांच सीटें आई और महागठबंधन में 7 सीटें मिली थी और उस समय नीतीश कुमार महागठबंधन में ही थे,और फिर 2020 में जब नीतीश कुमार फिर एनडीए में शामिल हो गए तो फिर भाजपा को लाभ मिला और चंपारण की 21 सीटों में 17 सीट एनडीए ने जीती, इसलिए बीजेपी नहीं चाहती है कि नीतीश कुमार एनडीए का दामन छोड़े क्योंकि नितीश के छोड़ते ही एनडीए के सीटें घट जाती है और नीतीश कुमार जी गठबंधन के साथ रहते हैं उनकी सरकार बन जाती है उनकी सीटें भी अधिक आती है,वोट शेयर भी बढ़ जाता है,
पीएम मोदी का दौरा क्यों है खास:
पीएम मोदी का इस साल का पांचवीं बार का दौरा है बिहार के विधानसभा चुनाव को देखते हुए, पहलगाम हमले के बाद भी पीएम मोदी ने जो पहली रैली की थी वह बिहार में ही की थी जहां से उन्होंने पाकिस्तान को धमकाया था, आपको बता दे की पीएम मोदी पटना में रैली कर चुके है,20 जून को सिवान में जनसभा को संबोधित किए थे, फिर विक्रमगंज में बहुत बड़ी रैली हुई थी फिर,मधुबनी रैली में किए थे और अब मोतिहारी में फिर हजारों करोड़ों का सौगात देने जा रहे हैं बिहार को, बिहार को पीएम मोदी कई लाख करोड़ का योजना दे चुके हैं अभी तक, आपको बता दे कि बिहार के विधानसभा में 243 सीटें हैं और बीजेपी नहीं चाहती कि किसी भी सीट पर उनका कोई कमजोर उम्मीदवार उतरे, क्योंकि इस बार के चुनाव में बहुत खास मुकाबला होने वाला है क्योंकि जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर भी मैदान में उतरे हैं इधर महागठबंधन को लेकर चर्चाएं बहुत तेज हो गई है, इसलिए बीजेपी हर कदम सोच समझ कर रख रही है
ये भी पढ़े:India News:पहले मस्क आये और अब ट्रम्प आएंगे भारत