Gen Z आंदोलन आखिर पहुंची गया भारत में

जी हां दोस्तों जैन जी का आंदोलन अब भारत भी पहुंच चुका है,भारत के उत्तरी भाग में बसा शहर लद्दाख अब जैन जी आंदोलन का शिकार हो चुका है,जैन जी आंदोलनकारीयों ने लद्दाख के बीजेपी कार्यालय को आग लगा दिया,यानी कि जो 18 से 28 साल के बीच में है वही इस आंदोलन का हिस्सा है,इस आंदोलन में इतनी आग जानी हुई की 5 से 10 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 70 से अधिक लोग घायल हो चुके हैंhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं क्या है पूरा मामला:
जैन जी आंदोलनकारीयों ने लद्दाख के बीजेपी ऑफिस को आग लगा दिया है इसके पीछे का कारण है लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठवीं अनुसूची में शामिल करना,प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन की शुरुआत की जो बाद में हिंसक रूप में परिवर्तित हो गई और आंदोलनकारी की पुलिस से झड़प हो गई जिसकी वजह से बीजेपी कार्यालय को आंदोलनकरियों ने आग लगा दिया और सीआरपीएफ वाहन को भी आग लगा दिया उसके बाद पुलिस ने आंसू गैस छोड़े और लाठीचार्ज भी किया
कैसे आंदोलन इतना व्यापक हो गया:
लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग 2024 से हो रही है इस कारण लद्दाख को बंद भी किया गया था,शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक 10 सितंबर 2025 को भूख हड़ताल की शुरुआत की थी,जिसमें उन्होंने लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की थी उसके बाद 24 सितंबर 2025 को शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन की शुरुआत की उसके बाद यह आंदोलन हिंसक हो गया और जैन जी आंदोलनकारी ने बीजेपी ऑफिस को आग लगा दी और इस आंदोलन को सोनम वांगचुक ने ही Gen Z क्रांति का करार दिया जिसमें युवा पीढ़ी की भागीदारी सबसे अधिक
केंद्र सरकार ने क्या कहा:
केंद्र सरकार का कहना है की सोनम वांगचुक के भड़काऊ भाषणों के वजह से लद्दाख में आंदोलन हुआ, केंद्र सरकार का कहना है की सोनम वांगचुक ने इस आंदोलन को जैन जी का करार दिया है और युवाओं को भड़काया है,उकसाया है,लद्दाख प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए कर्फ्यू लगा दिया है और सार्वजनिक सभाओं पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है
आईए जानते हैं राज्य का दर्जा क्या होता है:
अगर किसी राज्य के पास राज्य का दर्जा होता है तो उसका एक अपना मुख्यमंत्री होता है,उस राज्य का विधानसभा होता है,कानून बनाना,बजट पास करना यह राज्य सरकार के अधीन होता है मतलब की कुछ एक फैसले को छोड़कर सारा फैसला राज्य सरकार लेती है लेकिन वही अगर केंद्र शासित राज्य है तो सारा फैसला केंद्र सरकार लेती है,कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में विधायिका होती है जैसे दिल्ली,लेकिन अधिकांश प्रशासन केंद्र सरकार के नियंत्रण में रहता है यानी कि जो भी फैसला उस राज्य के हित में लिए गए हो वह केंद्र सरकार द्वारा लिया जाता है
छठी अनुसूची क्या है:
भारतीय संविधान का एक विशेष प्रावधान छठी अनुसूची है जो राज्य को विशेष स्वायत्तता देती है,इस अनुसूची में जनजाति परिषद का निर्माण होता है,इस सूची में भूमि,वन,संसाधन इन सब पर कानून बनाने का अधिकार होता है,कर लगाने और बजट तय करने का भी अधिकार होता है,उदाहरण के तौर पर समझिए कि आपके समाज के खेत,पानी,जंगल,स्कूल इन सब चीजों पर खुद निर्णय ले राज्य दर्जा उन्हें राजनीतिक शक्तियां देगा और छठी अनुसूची उन्हें अपनी संस्कृति और जमीन बचाने का विशेष अधिकार देगी
लद्दाख में हो रहे जैन जी आंदोलन क्या अब भारत में उग्र रूप लेगा या इस Gen Z आंदोलन के जरिए भारत की सरकार को गिराने की कोशिश हो रही है,हाल ही में आपने देखा की नेपाल में कैसे जैन जी आंदोलनकारियो ने वहां की सरकार गिरा दी और प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा,कुछ लोगों का कहना है कि भारत मे जैन जी आंदोलन हुआ तो भाजपा को बहुत नुकसान झेलना पड़ेगा और वैसे भी आपने देखा कि लद्दाख में आंदोलनकारी ने बीजेपी कार्यालय में आग लगा दी, विपक्षी पार्टियों का कहना है कि आंदोलन का आगाज हो चुका है अब सत्ता पक्ष के लिए मुश्किल की घड़ी है, अब देखना है कि केंद्र सरकार लद्दाख के अंदर आंदोलनकारी की जो मांग है उसे स्वीकार करती है,क्या लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठवीं अनुसूची में शामिल होने दिया जाएगा या फिर लद्दाख के जरिए यह जैन जी आंदोलन भारत के अलग-अलग हिस्सों में प्रवेश करेगा,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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