UN मे भी इतना बदलाव कैसे आ गया

पहले की अपेक्षा अब संयुक्त राष्ट्र में वो आपसी सदभाव देखने को नहीं मिल रहा है जैसा कि पहले देखने को मिलता था,सब नेता एक दूसरे से आपसी प्रेम से बात करते थे, सहयोग की बात करते थे लेकिन अब समय के साथ बहुत कुछ बदल गया है इस बार के संयुक्त राष्ट्र में देखा आपने कैसे प्रधानमंत्री आते है तो कुछ लोग नाराज होकर चले जाते हैं, तो कभी ट्रंप से लोग नाराज दिखते हैं आखिर कारण क्या है इतना बदलाव कैसे आयाhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं इतना मतभेद क्यों है:
संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पहले जब नेता भाषण देते थे तो आपसी प्रेम,सौहार्द,सम्मान,झलकता था जोे अब देखने को नहीं मिलता है,इसके बहुत सारे कारण है कि ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई
1-दुनिया में हर देश का राजनीतिक संतुलन इस समय बदल चुका है,सब दूसरे को पछाड़ के आगे बढ़ना चाहते हैं,आपको बता दे की कुछ समय तक अमेरिका और पश्चिमी देशों में जो संबंध था वह बहुत मजबूत था जो अब देखने को नहीं मिल रहा है,चीन,रूस,ब्राजील जैसे देश अब आपसी लड़ाई के लिए जाने जा रहे हैं,सब अपनी अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना चाहते हैं जिसके वजह से पूरी दुनिया में आपसी भाईचारा,प्रेम का कोई नामोनिशान नहीं है
2-पहले वैश्विक समस्या जैसे आतंकवाद,पर्यावरण प्रदूषण,स्वास्थ्य संबंध समस्याएं इन सबका निवारण करने पर बहुत जोर दिया जा रहा था जो अब देखने को नहीं मिल रहा है
3-अब जो भी नेता उस वैश्विक पटल पर भाषण देता है तो अपनी देश की कामयाबी को सर्वोपरि रखता है उसमें ना तो कोई आपसी प्रेम,आपसी भाईचारा,सौहार्द इन सब की कोई बात नहीं होती है
4-हाल ही में आपने देखना यूक्रेन युद्ध,भारत पाकिस्तान युद्ध,ताइवान का विवाद,इजराइल फिलिस्तीन का संकट इन सब देशों ने आपसी सौहार्द को ध्वस्त कर दिया है, गुटबाजी में बांट दिया है
5-पहले दुनिया देखती थी कि संयुक्त राष्ट्र में जो भीड़ होती है वह देश के लिए काम आएगी और वहां से कोई ऐसा ठोस निर्णय निकलेगा जो पूरी विश्व को फायदा पहुंचाएगा लेकिन अब ऐसा नहीं है
6-अब कोई भी प्रस्ताव UN में रखा जाता है अगर किसी देश को नापसंद हो तो वीटो लग जाता है तो प्रस्ताव वही खारिज कर दिया जाता है
आईए जानते हैं संयुक्त राष्ट्र के बारे में:
संयुक्त राष्ट्र एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई थी,जिसका उद्देश्य था विश्व में शांति बनाए रखना सब देशों में संतुलन बनाकर आगे चलना,मानव अधिकार की रक्षा करना,गरीबी भुखमरी ऐसी चुनौतियों का डटकर सामना करना
UN के छह मुख्य सदस्य हैं:
1-General Assembly:इस महासभा मे सभी 193 सदस्य देश यहाँ बैठते है और अपनी अपनी समस्याएं रखते है
2-Security Council:सुरक्षा परिषद मे 15 सदस्य होते है,जिसमे 5 स्थायी सदस्य (चीन,अमेरिका,रूस,ब्रिटेन,फ्रांस)जो विश्व शांति और सुरक्षा पर कड़े फैसले लेते है और इन 5 सदस्य के पास veto power है,भारत आठ बार गैर अस्थाई सदस्य चुना जा चुका है परंतु अभी वह सुरक्षा परिषद के गैर स्थाई सदस्य में भी नहीं है
3-International Court of Justice:ICJ का मुख्यालय Netherland के हेग मे है जो विश्व में हो रहे विवादों को सुलझाता है
4-आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC)–विकास,शिक्षा,स्वास्थ्य,मानवाधिकार और सहयोग से जुड़े कार्य।
5-Secretariat:यह सुरक्षा परिषद का प्रशासनिक अंग है,इसके महासचिव एंटोनियों गुटेरेस है
6-निगरानी परिषद (Trusteeship Council):उपनिवेशों और आश्रित क्षेत्रों के स्वतंत्रता अधिकार की देखरेख
सुरक्षा परिषद में जो भी फैसले लिए जाते हैं पूरा विश्व उसे देखता है सबकी नज़रें उस पर टिकी रहती है कि वहां से कौन सा निर्णय निकलेगा,लेकिन अब जो दृश्य देखने को मिल रहा है वह बिल्कुल विपरीत है एक दूसरे के प्रति वैमनश्य का भाव देखने को मिल रहा है, पाकिस्तान जैसे आतंकवादी देश को अमेरिका का साथ मिलना यह बेहद शर्मनाक है,रूस से अमेरिका का तनाव पैदा होना,चीन से अमेरिका का तनाव पैदा होना यह सब एक संकेत देते हैं कि भविष्य में आपसी देश में टकराव ज्यादा बढ़ सकते हैं,आखिर इसका कारण क्या है?क्या सभी देश सुपर पावर बनने की जद में दूसरे को नीचा दिखाना चाहते हैं जैसा कि अमेरिका कर रहा है,एक कहावत आप लोगों ने सुना होगा एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है और वही हाल आज अमेरिका का है,अमेरिका के प्रतिकूल व्यवहार से हर देश में आपसी तनाव बढ़ गया है,अमेरिका चाहता ही नहीं कि उसके खिलाफ कोई खड़ा हो,ट्रंप का सोचना है कि जो वह निर्णय व्हाइट हाउस से दे देते हैं वह सब को मानना पड़ेगा जबकि ऐसा नहीं है सब देशों की अपनी अपनी स्वतंत्रता है और अपने अधिकार है जिसकी रक्षा करने के लिए सब खड़े रहते हैं,अमेरिका खुद को सुपर पावर बनने की कोशिश में लगा रहता है जिसके कारण आपकी संबंध भी ख़राब कर चुका हैं,अब देखना है कि भविष्य में संबंधों का टकराव है कितना व्यापक होता है और इसका असर दुनिया पर कैसे पड़ता है जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल