45 मिनट मीटिंग चलने के बाद भी हल नहीं निकला

जी हां दोस्तों मैं बात कर रहा हूं बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की चिराग पासवान इस समय काफी नाराज नजर आ रहे हैं,हम सबको पता है की सीट बंटवारे को लेकर एनडीए में कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा है,चिराग पासवान जितनी सीटों की मांग कर रहे हैं उतना एनडीए गठबंधन देने को तैयार नहीं है और इसी बात पर खींचतान चल रहा हैhttp://news24hourslatest.in
45 मिनट की मीटिंग में क्या हुआ आईये जानते हैं:
चिराग पासवान के साथ 45 मिनट की मीटिंग हुई जिसमें बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान,बिहार प्रभारी विनोद कावडे और मंगल पांडे मुख्य रूप से उन्हें मनाने के लिए शामिल हुए थे,यह मीटिंग 45 मिनट तक चली लेकिन निष्कर्ष कुछ नहीं निकला,चिराग पासवान का कहना है कि उन्हें 40 सिट दी जाए लेकिन पार्टी उन्हें 20 सिट दे रही है और इसी वजह से अभी चिराग और एनडीए में काफी नाराजगी नजर आ रही है,उसके बाद चिराग पासवान ने अपनी कुछ शर्तें रख दी लिए जानते हैं उन शर्तों के बारे में
1-2024 के लोकसभा चुनाव में जीती गई पांच सीटों के प्रदर्शन के आधार पर चिराग पासवान की पार्टी को सम्मानजनक सिट दी जाए
2- 2020 के विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को जो भी वोट प्रतिशत मिले थे उसको भी इस बार के विधानसभा के मापदंड के नजरिए से देखा
3-2024 के लोकसभा में जीती हुई हर सीट के अंतर्गत कम से कम दो विधानसभा सिट दी जाएं,लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को
4- गोविंदगंज के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी समेत पार्टी के कई वरिष्ठतम नेताओं को मद्देनजर रखते हुए सीटों का आकलन किया जाए
2020 के विधानसभा चुनाव:
2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान एनडीए से अलग लड़े थे,चिराग पासवान ने 137 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे लेकिन जीत सिर्फ एक सीट पर हुई थी और वह सीट थी बगहा जो पश्चिम चंपारण जिले में स्थित है और जीते थे राम सिंह,लेकिन अब चिराग पासवान का कहना है कि 2020 के चुनाव के वोट प्रतिशत को आधार मानिए,2024 के लोकसभा सीटों को भी आधार मानकर चलिए,आपको बता दे की 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी को 5.55% वोट मिले थे
2024 के लोकसभा चुनाव:
2024 के लोकसभा चुनाव में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 5 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और पांचो में जीत हासिल की थी और इसी के साथ 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट प्रतिशत रहा 6.47
बीजेपी के लिए कौन सी सीट सर दर्द बन रही है:
आपको बता दे की चिराग पासवान 40 सीटों की मांग किए हैं लेकिन पार्टी ने उन्हें 20 सीट देने का वादा किया है मुसीबत तो तब आ गई जब चिराग पासवान ने कहा कि लोकसभा में जीती हुई सीटों में दो विधानसभा सिट दी जाए,साधारण शब्दों में आपको बताएं कि लोकसभा की पांच सीटों में कुल 30 विधानसभा सिट आती हैं जिसमें से चिराग पासवान 10 सीटों की मांग कर रहे हैं लेकिन इस 30 सीटों में चिराग पासवान का कोई विधायक नहीं है इन सीटों पर या तो बीजेपी के विधायक हैं या नीतीश कुमार के या जीतन राममांझी के,अब कैसे नीतीश कुमार या जीतन राम मांझी अपनी सीटों को चिराग पासवान को सौंपे या फिर भाजपा अपनी जीती हुई सीट चिराग पासवान को कैसे दें,बात पूरी तरीके से फंस चुकी है,अब यह शर्त बीजेपी के लिए सर दर्द बना हुआ है,इसीलिए चिराग पासवान को मनाने की भरपूर कोशिश हो रही है,चिराग पासवान ने साफ-साफ कह दिया है कि वह 30 सीटों के भीतर नहीं मानेंगे 20 से 25 सीट पर वह बिल्कुल मुंह खोलने के लिए भी तैयार नहीं है,अब बीजेपी में मंथन चल रही है पार्टी का कहना है कि चिराग पासवान के इस सीटों पर जल्द ही कोई निवारण निकलेगा और इसी बीच यह भी खबर आ रही है कि चिराग पासवान कांग्रेस और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के संपर्क में हैं अगर भाजपा उन्हें मन मुताबिक सिट नहीं देती है तो हो सकता है चिराग पासवान अपना पाला बदल ले,हालांकि चिराग पासवान प्रशांत किशोर का हर समय समर्थन किए हैं उनकी नीतियों का समर्थन करते आ रहे हैं और प्रशांत किशोर ने भी चिराग पासवान का समर्थन किया है और अगर एनडीए में बात नहीं बनी अगर वह चले गए किसी अन्य दल में तो भाजपा के लिए यह चुनाव जीतना भी मुश्किल हो सकता है क्योंकि वैसे ही इस चुनाव मे टक्कर बहुत कांटे की है,एनडीए गठबंधन और इंडिया गठबंधन के बीच मे,जिसमें जन सुराज भी अपनी पूरी दावेदारी ठोक चुका है,प्रशांत किशोर का कहना है कि कि उनकी सिट बहुत अच्छी खासी आने वाली है,कांग्रेस या जन सुराज दोनों पार्टी चिराग पासवान पर कोई गलत टिप्पणी अभी तक नहीं किए हैं अब देखना है कि आगे चिराग पासवान को एनडीए गठबंधन सम्मानजनक सिम देता है या फिर चिराग पासवान अन्य दलों में शामिल होंगे जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल