महागठबंधन में सीट को लेकर महाभारत

बिहार विधानसभा चुनाव सर पर है,ऐसे में सभी पार्टियों अपने उम्मीदवार को लेकर सक्रिय हो चुकी है,सीट बंटवारे को लेकर रोज बैठकें हो रही है,खबर में कभी आप एनडीए के सीट बंटवारे की खींच तान को सुन रहे होंगे तो कभी प्रशांत किशोर के सीट बंटवारे को सुन रहे होंगे और अब जो महाभारत हो रहा है वह महागठबंधन के सीट बंटवारे को लेकर हो रहा है,आपको बता दे की राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव ने अपने उम्मीदवारों को सिंबल देना शुरू कर दिया है,कुछ खबर आई है कि तेजस्वी यादव भी 15 अक्टूबर को राघोपुर सीट से नामांकन करेंगे
आईए जानते हैं क्या हो रहा है महागठबंधन में:
बिहार में महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है,इसी बीच खबर आई है कि कांग्रेस को 52 सिट मिल सकती हैं,कांग्रेस अधिक सीटों की मांग कर रहा है लेकिन राष्ट्रीय जनता दल उन्हें देने के लिए तैयार नहीं है,ऐसा भी कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है लेकिन केवल दो और तीन सीटों में दावपेच फंसा हुआ है,ऐसा भी कहा जा रहा है कि 15 अक्टूबर को सब कुछ साफ-साफ हो जाएगा,परबत्ता सीट से डॉ संजीव कुमार और मटिहानी सीट से बोगो सिंह को सिंबल मिला है. इसके अलावा, हथुआ विधानसभा सीट पर RJD ने राजेश कुमार सिंह उर्फ राजेश कुशवाह,कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल में जो विवाद सेट को लेकर था वह लगभग समाप्त हो चुका है अन्य दल जैसे विकासशील इंसान पार्टी और भी अन्य दल सीट बंटवारे को लेकर थोड़े असहज़ दिख रहे हैं,मुकेश साहनी जब पटना पहुंचे तो पत्रकारों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सब कुछ अभी ठीक है,बहुत जल्दी हम लोग ऐलान करने वाले हैं अपनी सीटों का,उन्होंने दावा किया है कि गठबंधन एकदम मजबूती के साथ सरकार बनाएगी और एनडीए गठबंधन को हराएगी,उन्होंने कहा कि जो भी कंफ्यूजन था वह अब मिट चुका है,सब कुछ साफ हो चुका है हमें बस अब चुनाव लड़ने की तैयारी करनी है और NDA को हराना हैhttp://news24hourslatest.in
कांग्रेस और JDU के बीच क्यों फंसा पेच:
इस समय हर पार्टी में सीट शेयरिंग को लेकर तमाशा मचा हुआ है,कभी एनडीए में चिराग पासवान नाराज हो जाते हैं तो कभी इंडिया गठबंधन में कांग्रेस और जदयू के बीच में असहमति हो जाती है,आपको बता दें कि राष्ट्रीय जनता दल ने कांग्रेस को 52 सिट देने पर मोहर लगाया है कांग्रेस की मांग है कि उसे 60 सिट कम से कम दी जाएं,कुछ विधानसभा सिट ऐसी है जहां कांग्रेस और राजद दोनों दावा कर रही हैं
• कांग्रेस चाहती है कि सीमांचल क्षेत्र के बैसी और बहादुरगंज उसे मिले क्योंकि वह क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है,कांग्रेस का प्रदर्शन उन क्षेत्रों में बेहतर रहा है लेकिन राजद का कहना है कि वह सीट कांग्रेस को न दी जाए
• लेफ्ट की कुछ पार्टियों भी ज्यादा हिस्सेदारी की मांग कर रही है
• विकासशील इंसान पार्टी का कहना है कि सीटों की संख्या बढ़ाई जाए और अगर सीटों की संख्या बढ़ाई जाती है तो कांग्रेस और जदयू को समझौता करना पड़ेगा यानी कि अपनी सिट काट कर देनी पड़ेगी
• कांग्रेस को लगता है कि अगर उन्हें कम सिट दी गई तो उनकी छवि काफी प्रभावित होगी क्योंकि जिस तरह से राहुल गांधी वोट चोरी के आरोप पर बीजेपी और चुनाव आयोग को घेरा है उनको जन समर्थन अब मिल रहा है
• आरजेडी का सोचना है कि गठबंधन में उसकी स्थिति मजबूत रहे और ज्यादा से ज्यादा सीटों पर वह चुनाव लड़े क्योंकि एक तो आरजेडी बिहार की पार्टी है,पुरानी पार्टी है और इसकी पकड़ जनता में बहुत मजबूत है इसलिए वह अपनी छवि को धूमिल करना नहीं चाहते, इंडिया गठबंधन में एक बात देखने को मिली है कि तेजस्वी तो मुख्य चेहरा है इंडिया गठबंधन का लेकिन रैली में राहुल गांधी ज्यादा सक्रिय नजर आ रहे हैं और राजद यह हमेशा चाहेगी कि कांग्रेस कम सीटों पर लड़े क्योंकि तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनना है और उनकी पार्टी को ज्यादा से ज्यादा सिट चाहिए,तेजस्वी यादव यह रणनीति बना रहे होंगे कि अगर भविष्य में वह मुख्यमंत्री बने कांग्रेस और अन्य छोटे दलों के सहयोग से और अगर कहीं खींचतान हो गई विधायक इधर से उधर चले गए तो तेजस्वी यादव को नुकसान भी हो सकता है लेकिन वहीं पर कांग्रेस आब कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती है क्योंकि एक तरफ से देखा जाए तो बिहार में कांग्रेस का नामोनिशान भी नहीं था और जिस तरह से राहुल गांधी यात्रा कर रहे हैं,रैलियां कर रहे हैं तो कांग्रेस के लोगों में थोड़ी आस जगी है कि बिहार में कांग्रेस भी आ सकती है इसलिए कांग्रेस अपनी पकड़ को मजबूत रखने के लिए ज्यादा सीटों की मांग कर रही है,अब देखना है की कि आगे क्या होता है,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
