आखिर चुनाव से पहले कैसे फंस गए लालू तेजस्वी

IRCTC मामले में जो आरोप लालू यादव,तेजस्वी यादव,राबड़ी देवी पर लगे हैं वह तय हो चुके हैं,दिल्ली की राऊज़ एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में आरोप तय करने का आदेश सुना दिया है,आपको बता दे कि यह निर्णय ऐसे समय आया है जब बिहार में 6 नवंबर और 11 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं,बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव,पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को कोर्ट ने कटघरे में खड़ा कर दिया है,हालांकि तेजस्वी यादव ने कहा है कि वह इसका सामना डट के करेंगेhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं पूरा मामला क्या है:
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव को यह बड़ा झटका कोर्ट की तरफ से मिला है,आपको बता दे कि इस केस में लालू यादव,तेजस्वी यादव,रावड़ी देवी सहित 15 लोग आरोपी है,दिल्ली की राऊज़ एवेन्यू कोर्ट में लालू यादव आज व्हीलचेयर पर जाते हुए नजर आये,कोर्ट का कहना है कि लालू यादव की जानकारी में ही टेंडर की पूरी साजिश रची गई थी आपको बता दे की आईआरसीटीसी घोटाला 2004 से 2009 के बीच यूपीए के कार्यकाल में जब लालू यादव रेल मंत्री थे तब हुई थी,आपको बता दे कि यह मामला बहुत सालों से चला आ रहा है जिसका फैसला आज कोर्ट ने किया है
मामला क्या है:
मामला उस समय का है जब लालू यादव रेल मंत्री हुआ करते थे यानी की 2004 से 2009 के बीच जब केंद्र में यूपीए की सरकार थी,आपको बता दे कि सीबीआई के अनुसार जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे तब उन्होंने आईआरसीटीसी के दो होटल को एक निजी कंपनी के हाथों शौप दिया था और इन दोनों होटल को लीज देने के बजाय लालू यादव ने परिवार और उनसे जुड़ी हुई कंपनियों को जमीन रिश्वत में दे दी गई थी,सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि ठेका देने के लिए नियमो का भी पालन नहीं किया गया जानबूझकर कुछ खास कंपनियों को इसका फायदा पहुंचाया गया बाद में यह कंपनियां राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के नाम पर ट्रांसफर कर दी गई
आईए जानते हैं अदालत में क्या हुआ:
दिल्ली के राऊज़ एवेन्यू कोर्ट में इस पूरे मामले की सुनवाई हुई,कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव,राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर धोखाधड़ी (IPC 420), आपराधिक साजिश (IPC 120B) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में आरोप तय किए और जब अदालत में उनके ऊपर लगे हुए आरोप पढ़कर उन्हें सुनाएं तो उन्होंने कहा कि यह आप बेबुनियाद है और हम निर्दोष है, आगे उन्होंने यह भी कहा कि हम मामले का सामना डट के करेंगे,सीबीआई की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि आरोप पत्र में यह स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि लालू यादव जब रेल मंत्री थे तब अपने पद का उन्होंने दुरुपयोग किया,आईआरसीटीसी के होटल को बेचा और अपने परिवारों के लिए जमीन खरीदा
लालू यादव के तरफ से क्या कहा गया:
लालू परिवार के तरफ से वकील ने यह कहा कि यह मामला सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है,वकील का कहना है की 2017 में जब सीबीआई में यह आरोप दर्ज किया था तब एनडीए और जेडीयू में तनाव चल रहा था इसलिए पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध का है,लालू यादव ने कहा की ये राजनीतिक बदले की कार्यवाही है वही राबड़ी देवी का कहना है कि हमने कोई गलत काम नहीं किया है यह सब आरोप झूठे हैं, सरकार हमारे परिवार को बदनाम करने की साजिश कर रही है वही तेजस्वी यादव का कहना है कि सरकार इस मामले को चुनावी समय में इसलिए लाई है ताकि मूल मुद्दों से जनता का ध्यान भटका सके लेकिन हम संघर्ष करेंगे और जनता के बीच जाएंगे
इसका राजनीतिक प्रभाव क्या पड़ेगा:
आपको बता दे कि यह मामला ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और तेजस्वी यादव इस समय सबसे अहम भूमिका निभा रहे हैं और वही इंडिया गठबंधन लगातार सत्ता पक्ष को घेर रहा है,तेजस्वी यादव विधानसभा प्रतिपक्ष के नेता हैं,बिहार की सबसे बड़ी पार्टी के नेता है इसलिए सारी जिम्मेदारी उन्हीं के ऊपर है,कुछ विशेषज्ञों का कहना है
यह मामला आने वाले विधानसभा चुनाव पर असर डाल सकता है यानी की तेजस्वी यादव के राजनीतिक प्रभाव को कम कर सकता है,तेजस्वी यादव लगातार यात्रा का रहे हैं,कभी रैली कर रहे हैं,कभी अलग-अलग योजनाएं बना रहे हैं,खुद को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश में है लेकिन ऐसे समय में लगता है कोर्ट ने उनकी दुखती नस को पकड़ लिया,चुनाव के ठीक समय आरोप तय हो गए और उन्हें कोर्ट का सामना करना पड़ा,अब देखना है कि इसका असर कितना व्यापक होता है जानने के लिए पढ़ते रहिए,मेरा न्यूज़ चैनल
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