टिकट बटवारा या फिर भ्रष्टाचार का बंटवारा

जी हां दोस्तों बिहार में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में सारी पार्टियों ने अपनी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दिए,बिहार की राजनीति में इन दिनों गठबंधन की सीटों को लेकर बहुत चर्चा है,इंडिया गठबंधन हो या एनडीए गठबंधन हो इसके साथ जो भी छोटे दल हैं वह काफी प्रभावित है,उनकी मांग है कि उन्हें यथोचित सीट दी जाए नहीं तो वह अन्य पार्टियों की तरफ रुख कर सकते हैं,ऐसे में जो टिकट वितरण हो रहा है,उसका कोई पैमाना तय नहीं है जो उम्मीदवार वोट ला दे उसी को पार्टी टिकट दे रही है चाहे वह भ्रष्टाचार में सम्मिलित हूं या फिर कोई उसके ऊपर मुकदमा हो इससे कोई फर्क पड़ता नहीं है,लगभग हर पार्टियों में ऐसे बाहुबली नेता है जो केवल टिकट लेने के लिए पीछे पड़े हुए हैं उनका भी बिहार की जनता,से बिहार के विकास से कोई लेना देना नहीं है,उन्हें बस अपना बैंक बैलेंस बनाना है,ऐसे लोगों को पार्टी अगर टिकट दे रही है तो यह बेहद ही शर्मनाक पूर्ण हैhttp://news24hourslatest.in
क्या टिकट को लेकर पारदर्शिता है:
टिकट वितरण तो कार्यकर्ता की निष्ठा सत्यता पर निर्भर करता है ना की इस पर निर्भर करता है कि वह कितना पढ़ा लिखा है बल्कि यह पूरी प्रक्रिया पैसा,प्रभाव,भाई भतीजाबाद पर आकर टिक गया है,आपको बता दे कई दलों में टिकट लेने से पहले पार्टी को फंड चाहिए तभी पार्टी उन्हें टिकट देती है इसका अर्थ यह है की टिकट और संघर्ष,सेवा का नहीं बल्कि धन और अपने संबंधों का सौदा बन चुका है,पार्टियां टिकट का स्तर गिरा दि है जो पैसा दे रहा है उसे ही टिकट मिल रहा है और इस समूचे खेल में जो सबसे अधिक नुकसान हो रहा है वह कार्यकर्ताओं का हो रहा है जिन्होंने दशकों से अपनी पार्टी की विचारधारा के लिए काम किया,जनता के बीच गए,खून पसीना बहाया सब की समस्याएं सुनि, लोगों से जुड़ाव किया लेकिन जब टिकट देने का समय आता है तो उनका नाम प्रत्याशियों की सूची में नहीं होता है और ऐसे लोगों को उम्मीदवार बनाया जाता है जिनका जनता से कोई मतलब नहीं है उन्हें नाम दिया गया है “पैराशूट उम्मीदवार” जिनका क्षेत्र से कोई मतलब नहीं है
पार्टी का लोकतंत्र खतरे में होता है:
पार्टी में टिकट देने का जो लोकतंत्र है वह बेहद ही खराब है इससे क्या होता है कि कार्यकर्ता हतोत्साहित होते हैं फिर काम करने का जज्बा उनके अंदर नहीं आता है अगर उनके मनपसंद कैंडिडेट की जगह अन्य कैंडिडेट को टिकट मिल जाता है,जनता देखती है कि उसके इलाके का मेहनती और लोकप्रिय कार्यकर्ता कैसे किनारे कर दिया गया और किसी फिल्मी गायक,अभिनेता, अभिनेत्री को टिकट दे दिया जाता है,तो ऐसे में समझ लेना चाहिए की राजनीति अब वह सेवा का भाव नहीं है जो पहले हुआ करती थी,राजनीति केवल सौदेबाजी का माध्यम बन चुका है और यही कारण है कि आज बिहार में बड़े नेता अपने बेटे बेटियों या अपने सगे संबंधियों के लिए सीट मांग रहे हैं कोई अपने बहू को सीट दे रहा है, कोई अपने समधन को सीट दे रहा है,कोई अपने लड़के को सीट दे रहा है,केवल और केवल अपना बैंक बैलेंस बनाने के लिए,मै दावे के साथ कह सकता हूं कि उनका बिहार के विकास से कोई मतलब नहीं है,बड़े-बड़े गायक अभिनेता जिन्हें लोग पसंद करते हैं वह अचानक पार्टी में आ जाते हैं और तुरंत टिकट मिल जाता है जैसा कि मैथिली ठाकुर को मिला,पार्टी के नेतृत्व को यह सोेचना चाहिए कि जिस इंसान को वह टिकट दे रही है क्या वह राजनीति के लिए सक्षम है क्या उन्होंने कोई मेहनत किया है पार्टी में रहकर अगर नहीं किया है तो पहले पार्टी के सदस्य बने,सक्रिय कार्यकर्ता बने,सारी चीज समझे उसके बाद पार्टी टिकट देती है तो यह बात समझ में आती है,आपको पता है जब एक पार्टी किसी अभिनेता,गायिका,गायक को टिकट देती है तो कितने कार्यकर्ताओं का,वहां के जमीनी स्तर के नेताओं का दिल टूटता है, कितना कष्ट होता है कि जो मेहनत उन्होंने किया उसका फल कोई और ले रहा है और इसका दुष्परिणाम क्या निकलता है कि जनता और जमीनी कार्यकर्ता दोनों धीरे-धीरे राजनीति से विमुख होते जाते हैं और अगर यही स्थिति बनी रही तो लोकतंत्र ज्यादा दिन तक टिकने वाला नहीं है क्योंकि पार्टियों में वह नेता हावी हो जाएंगे जिनके पास पैसा है जो बड़े-बड़े नेताओं को जानते हैं,आज के परिपेक्ष में यह देखा जाए तो राजनीति केवल अमीर लोगों का अड्डा बन चुका है यह देश की सेवा के लिए तत्पर नहीं है,बिहार के चुनाव में यह देखा जा रहा है कि कैसे उम्मीदवार पार्टी के फंड में पैसा दे रहा है और उन्हें टिकट मिल रहा है,उनके लिए सेवा कोई मायने नहीं रखती,उनके लिए बस टिकट और पैसा और कुछ नहीं,आप पैसे देकर टिकट खरीद सकते हैं,आपके संबंध अच्छे हैं तो टिकट मिल सकता है लेकिन आप जनता का भरोसा नहीं जीत सकते,जनता उन्हें ही अपना उम्मीदवार चुनती है जो उनके क्षेत्र में दिन-रात रहे हो,उनको समझे हो, उनके दुख सुख में भागीदारी किए हो और उनसे वादा किया हो कि उनके हर समस्याओं का निवारण करेंगे,धन्यवाद
