आखिर क्यों नहीं रुक रहा है जदयू में इस्तीफे का दौर

बिहार में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं,सारी पार्टियों ने अपने उम्मीदवार घोषित करके नामांकन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है लेकिन नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड में अभी घमासान जारी है आखिर क्यों नहीं रुक रहा है जनता दल यूनाइटेड में इस्तीफा का दौर,आखिर क्या कारण है कि नीतीश कुमार के पार्टी के लोग पार्टी से बगावत कर रहे हैं,मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास एक इस्तीफा का लिफाफा आता नहीं है कि दूसरा तैयार रहता है,पार्टी के नेताओं का कहना है कि जितने भी अहम फैसले लिए जा रहे हैं वह बिना राय मशवरा के लिए जा रहे हैं जिससे कि लोगों में काफी आक्रोश है और एक के बाद एक इस्तीफा दिए जा रहे हैं, जबकि भाजपा के प्रवक्ता का कहना है कि पार्टी में सब कुछ ठीक चल रहा है कोई अवरोध नहीं है लेकिन वास्तविकता कुछ और ही हैhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं असली कारण क्या है:
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस समय बहुत परेशानी में है क्योंकि उनके पार्टी के लोग लगातार इस्तीफा दे रहे हैं, एक इस्तीफे की खबर आती नहीं है की दूसरी तैयार रहती है,मैं आपको बता दे कि जदयू के सांसद अजय मंडल के इस्तीफा की चर्चा अभी कम ही नहीं हुई थी कि जेडीयू की प्रदेश महासचिव आसमा परवीन ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया,आपको बता दे की आसमा परवीन महुआ सीट से चुनाव लड़ना चाहती थी लेकिन इस बार यह सीट लोक जन शक्ति पार्टी (रामविलास) के खाते में चला गया फिर क्या था आसमा परवीन पार्टी से खफा हो गई और अपना इस्तीफा सौंप दिया
आखिर इतना इस्तीफा क्यों हो रहा है:
नीतीश कुमार की पार्टी के नेता इस्तीफा पर इस्तीफा दिए जा रहे हैं इसके कई कारण है आईए जानते हैं
1- जनता दल यूनाइटेड के कई पुराने और अनुभवी नेता नीतीश कुमार के नीतियों से काफी नाराज है उनका कहना है कि पार्टी बिना निर्णय लिए किसी को भी टिकट दे दे रही है और यही कारण है कि पार्टी के नेताओं में और कार्यकर्ताओं में काफी असंतोष का माहौल है
2-इस चुनाव में जनता दल यूनाइटेड की छवि भी खराब हुई है कुछ पार्टी के नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार ने इतनी बार गठबंधन बदला है कि लोगों के मन में और नेताओं के मन में काफी गुस्सा है,नीतीश कुमार कभी बीजेपी के साथ चले जाते हैं कभी कांग्रेस और राजद के साथ चले जाते हैं,जिससे पार्टी की छवि को काफी नुकसान पहुंचा है,कई नेताओं का कहना है की पार्टी की वैचारिक पहचान धीरे-धीरे आखिरी पड़ाओ पर है
3-कुछ नेताओं का यह कहना है कि नीतीश कुमार ने बहुत ऐसे नवयुवकों को पार्टी में शामिल किया है जिनको अभी कोई अनुभव नहीं है जिससे की पार्टी के नेता काफी नाराज है और पार्टी का चुनाव में प्रचार भी नहीं कर रहे हैं
4-जनता दल यूनाइटेड के कई नेताओं का यह भी कहना है की पार्टी का जनाधार तेजी से घट रहा है,पार्टी के लोग कह रहे हैं कि इस बार के विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशियों को मन मुताबिक सिट नहीं मिल पा रहा है,इसलिए पार्टी के लोग अब विकल्प ढूंढ रहे हैं
5-आपको बता दे की जनता दल यूनाइटेड के कई नेता पार्टी छोड़कर या तो राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो रहे हैं या कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अब जनता दल यूनाइटेड में उनका भविष्य उज्जवल नहीं है इसलिए वह अन्य पार्टियों में अपने भविष्य को देख रहे हैं
6-कुछ नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार जिस तरह से जनता की उम्मीदोे पर खरा उतरना चाहिए उतना नहीं उतर पा रहे हैं
आईए जानते हैं कुछ नेताओं के नाम जिन्होंने जदयू को अलविदा कहा:
1-अजय कुमार मंडल:अजय कुमार मंडल ने चुनाव से ठीक पहले पार्टी से इस्तीफा दे दिया है उनका कहना है कि टिकट वितरण के समय उनकी सलाह को नजरअंदाज किया गया उन्हें निर्णय की प्रक्रिया से भी अलग रखा गया
2-जय कुमार सिंह:पूर्व विधायक व जे.डी.यू. नेताओं में से एक है उन्होंने उस समय इस्तीफा दिया जब उनकी विधानसभा सीट (डिनारा) को गठबंधन की सीट-बंटवारे के तहत जे.डी.यू. से हटाकर अन्य दल को दे दी गई।
3-गोपाल मंडल:जे.डी.यू. के विधायक,उन्होंने खुलकर धरना दिया था कि उन्हें इस बार पार्टी से उम्मीद के अनुसार टिकट नहीं मिला,बगैर टिकट मिलने की संभावना के चलते उनकी नाराजगी सार्वजनिक हुई।
बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस समय इस्तीफा को लेकर काफी परेशान है उनकी पार्टी के नेता एक के बाद एक इस्तीफा दे रहे हैं उन लोगों का कहना है कि पार्टी सही तरीके से टिकट वितरण नहीं की है जिसका खामियाजा उन्हें इस चुनाव में भोगना पड़ेगा अब देखना है कि नीतीश कुमार की पार्टी को जानता कहां तक पहुंचा जाती है धन्यवाद