यूपी क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर निकला छांगूर का मददगार, किया गया सस्पेंड:

बलरामपुर के जमालुद्दीन उर्फ़ छांगूर बाबा के गैंग का मददगार निकाला क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर, जिसे गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर ने सस्पेंड कर दिया है,एक के बाद एक खुलासे रोज हो रहे हैं,कितने अफसरों, अधिकारियों से संपर्क में था यह जमालुद्दीन, सोचिए इसके जांच का जो दायरा है वह आम इंसान से लेकर सरकारी अफसर से लेकर न्यायालय तक पहुंच गया हैhttp://news24hourslatest.in
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी पर अवैध धर्मांतरण का रैकेट चलाने का आरोप लगा है, बताया जा रहा है यह छांगूर के गैंग से जुड़ा हुआ था, यह आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलाने वाला बाबा न जाने कितनों को अपने गिरफ्त में रखा था, मैं पहले ही यह बता चुका हूं कि इसके अवैध धर्मांतरण के धंधे में, मनी लांड्रिंग के धंधे में, विदेशी फंडिंग के धंधे में बहुत सारे लोग आने वाले हैं, क्योंकि यह अकेले इस काम को अंजाम नहीं दे सकता, जांच एजेंसियां धीरे-धीरे इस गहराई में जा रही हैं और रोज नए अधिकारि इस चपेट में आ रहे हैं जिन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है
यह जो क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर है अब्दुल रहमान सिद्दीकी इस पर एक आरोप है कि 2019 में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक पीड़ित लड़की के परिवार को अवैध धर्मातारण के मामले में अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने धमकाया था, मामला यह था कि इस परिवार को लव जिहाद के जाल में फसाया गया और जबरन धर्मांतरण कराया गया और इसकी शिकायत पीड़िता के परिवार ने पुलिस में की थी, लेकिन शिकायत के बाद अब्दुल रहमान सिद्दीकी इसकी जांच पड़ताल कर रहा था,
लेकिन अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने लड़की के अपहरण का मुकदमा दर्ज नहीं किया ऊपर से उनके परिवार वालों को धमकाया डराया जबकि लड़की के परिवार वालों ने कहा था कि छांगूर बाबा के गैंग के लोग इस लड़की का अपहरण किए हैं,सिद्दीकी ने जानबूझकर इस जांच मे लापरवाही की और पीड़िता के पक्ष को चुप रहने की नसीहत दी, साथ ही इसका कहना था कि अगर पीड़िता के पक्ष वाले अपना कहीं भी मुंह खोले तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा, गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर ने इस आरोप की छानबीन की और इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी को निलंबित कर दिया, आपको बता दे की छांगूर बाबा का पुलिस के अधिकारियों से कनेक्शन बहुत गंभीर था क्योंकि ऐसा कहा जा रहा है कि पुलिस अधिकारी उनकी काफी मदद करते थे
कुछ दिन पहले न्यायालय कर्मी भी इस छांगूर बाबा के गिरोह का शिकार हुआ था जिसे गिरफ्तार कर लिया गया, आपको बता दे की राजेश उपाध्याय नाम का एक व्यक्ति जो सीजीएम कार्यालय में बाबू है वह छांगूर बाबा का मददगार निकला, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है,भोली भाली हिंदू लड़कियों का जबरन धर्मांतरण, विदेश से फंडिंग,मनी लांड्रिंग जैसे जघन्य अपराधों में सम्मिलित छांगूर बाबा का एक सहयोगी राजेश उपाध्याय जो कि सीजेएम कोर्ट में बाबू था गिरफ्तार हो चुका है, एटीएस द्वारा की गई जांच में यह बात सामने आई है कि की राजेश उपाध्याय छांगूर बाबा की मदद करता था और राजेश की पत्नी संगीता के नाम मुनाफा लेने का भी जिक्र है, शनिवार की रात को राजेश उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया गया और उसकी पत्नी से अभी पूछताछ जारी है
आईए जानते हैं जांच में और क्या पता चला:
बलरामपुर का यह मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगूर बाबा की जांच पड़ताल तेज हो गई है और रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं, ऐसा माना जा रहा है कि जो भारत नेपाल सीमावर्ती इलाके हैं वहां से इनका काम चलता था और ये बाबा कई विदेश यात्राएं नेपाल सीमा से जाकर की है, इस काम में संलिप्त दो और लोगों को भी हिरासत में ले लिया गया है, पुलिस जांच में लगी है कि किसके द्वारा यह फंडिंग हो रही थी आपको बता दे की बाबा को 300 करोड़ से अधिक विदेशी फंडिंग मिली है और ऐसा माना जा रहा है कि नेपाल, दुबई,पाकिस्तान सहित अन्य देशों में भी इसके संपर्क थे, धीरे-धीरे जांच एजेंसियां आगे बढ़ रही हैं और गिरफ्तारी कर रही
फिलहाल छांगूर बाबा एटीएस के गिरफ्त में है,अब आप बताइए कि छांगूर बाबा से पूछ ताछ के दौरान यह 6 साल पहले का मामला आज सुर्खियों में है,इन 6 सालों में यह छांगूर बाबा ना जाने कितने अधिकारियों को पैसे की लालच देकर अपने जाल में फसाया होगा जिनका नाम अभी उजागर होना बाकी है, जांच एजेंसियां लगी हुई है जाँच में की इसके काले अवैध कमाई में और अवैध काम में कौन-कौन शामिल है, विदेश से जो फंडिंग आता था वह इन्हीं अधिकारियों में बांटा जाता था, जांच में यह भी पता चला है कि इसमें अधिकारी की पत्नी की भी मिली भगत है उन्हें भी इस काली कमाई का हिस्सेदार माना गया है, अब आगे यह देखना है कि इन जांच एजेंसियों द्वारा कौन-कौन से रोज नये खुलासे हो रहे हैं और कौन बड़े से बड़े अधिकारी छोटे से छोटा अधिकारी गिरफ्त में आ रहे हैं, जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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