जानिए आठवें वेतन आयोग का किसको लाभ नहीं मिलेगा

जी हां दोस्तों केंद्र सरकार ने आठवे वेतन आयोग की शर्तों को मंजूरी दे दिया,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए मंजूरी दे दी है कहां जा रहा है कि इस फैसले से करीब 50 लाख कर्मचारी और करीब 70 लाख पेंशन धारा को लाभ मिलेगा,आपको बता दे कि आयोग की इस अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगे,उनके अलावा बेंगलुरु के प्रोफेसर पूलक घोष भी इस आयोग में नामित सदस्य हैं वहीं पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन सचिव होंगे,यह जानकारी दिल्ली में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दीhttp://news24hourslatest.in
अंतरिम रिपोर्ट भी होगी संभव:
18 माह के भीतर अपनी सिफारिश देगा आयोग और आवश्यकता पड़ने पर आयोग अंतिम रिपोर्ट भी पेश कर सकेगा आपको बता दे की सिफारिश आयोग को देश की आर्थिक स्थिति राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति पर सिफारिश के संभावित प्रभाव केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों और निजी छात्रों में कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन भत्ता और सेवा शर्तों की तुलना और अन्य बिंदुओं का ध्यान रखना होगा
आईए जानते हैं कौन सी बिंदुओं पर जोर रहेगा ज्यादा:
1-राजकोषीय अनुशासन में आर्थिक स्थिति का ध्यान रखना होगा
2-निजी क्षेत्र और सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन भत्ता सेवा इन सब की तुलना
3-वित्तीय स्थिति राज्य सरकारों की उसे पर संभावित प्रभाव बना रहेगा
कब तक लागू होगा:
ऐसा कहा जा रहा है की लगभग 18 महीना में सिफारिश आयोग देगा यानी कि अप्रैल 2027 तक रिपोर्ट आएगी 2 से 4 महीने सिफारिश को लागू होने में भी वक्त लगता है यानी की 2027 के अंत में यह सिफारिश से लागू हो सकती है लेकिन वेतन बढ़ोतरी लाभ जनवरी 2026 से मिल सकता है आपको बता दे की सातवें वेतन की अवधि दिसंबर में खत्म होने वाली है,यानी की यदि आप केंद्रीय कर्मचारी हैं और केंद्र सरकार में नौकरी किए हैं तो आपका वेतन में वृद्धि होगी यह निश्चित है पर कितनी होगी यह अभी तय नहीं हुआ
फिटमेंट फैक्टर क्या है:
फिटमेंट फैक्टर यानी कि आपका जो मौजूदा वेतन है उसमें 18वें वेतन आयोग लागू होगा तो कितने गुना अधिक वेतन आपको मिलेगा,उदाहरण के तौर पर यदि फिटमेंट फैक्टर 1.96 हो जाए तो न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹35,280 हो जाएगा,लेकिन आपको बता दे कि अभी तक आयोग की अंतरिम सिफारिश जारी नहीं हुई है,तो वास्तविक वेतन में कितनी वृद्धि होगी और कब होगी यह अभी निश्चित नहीं है,वेतन बढ़ने के बाद महंगाई भत्ता (DA),HRA आदि भत्तों में भी असर हो सकता है,लेकिन वहाँ भी प्रदेश-स्थिति के हिसाब से अलग अलग होंगे,आपको बता दें आयोग लागू होने पर जो अनुमानित वेतन है उसमें 30 से 35% की वृद्धि हो सकती है परंतु अभी यह तय नहीं हुआ है यह एक अनुमान है,कितनी वृद्धि होगी यह आयोग लागू होने के बाद ही पता चलेगा
आठवा वेतन लागू होने के बाद सरकार पर कितना आर्थिक भोझ पड़ेगा आईये जानते हैं:
• ऐसा रिपोर्ट के अनुसार माना गया है कि 18वा वेतन लागू होने के बाद प्रतिवर्ष केंद्र सरकार पर ₹2.5 से ₹3 लाख करोड़ तक बोझ पड़ सकता है,यह सातवें वेतन आयोग से इसलिए अधिक है क्योंकि कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि हुई है
•आपको बता दे की सत्ता वेतन लागू होने के बाद केंद्र सरकार पर एक से डेढ़ लाख करोड़ का आर्थिक बोझ बढ़ा था
आपको बता दे कि यदि फिटमेंट फैक्टर 1.96 हुआ तो सरकारी कर्मचारियों की वेतन ₹18,000 है तो वह बढ़कर ₹32,280 हो जाएगी,महंगाई भत्ता,मकान किराया भत्ता इन सब में भी वृद्धि हो सकती है,आपको बता दे कि राज्य सरकारों के पास भी लगभग एक करोड़ से अधिक कर्मचारी और पेंशन भोगी हैं यदि वे 8वाँ वेतन आयोग लागू करते हैं,तो कुल मिलाकर देशभर में सरकारों पर लगभग ₹4.5 – ₹5 लाख करोड़ प्रति वर्ष का अतिरिक्त बोझ आ सकता है, ऐसा कहा जा रहा है की कमजोर राजस्व वाले राज्यों में जैसे बिहार,झारखंड,उत्तराखंड इन सब में बजट की कटौती हो सकती है,कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार जो वेतन की बढ़ोतरी होगी वह क्रमबद्ध तरीके से होगी ताकि वित्तीय दबाव कम हो,अब देखना है कर्मचारी की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होती है जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल