क्या प्रशांत किशोर किंग मेकर की भूमिका में आ गए हैं

बिहार में पहला चरण 6 नवंबर को संपन्न हुआ,आपको बता दे की 1952 के चुनाव के बाद यह पहला चुनाव है जिसमें सबसे अधिक वोटिंग हुई है लगभग 66% जिसमें यह कहा जा रहा है कि महिलाओं ने इस बार चुनाव में बहुत बढ़कर हिस्सा लिया है,यानी कि इस बार का भविष्य महिलाओं के हाथ में है कि बिहार में किसकी सरकार बनती हैं,ज्यादातर लोग यह कह रहे हैं कि नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए बहुत कुछ किया है इसलिए महिलाएं बढ़ चढ़कर वोट दे रही है,इंडिया महागठबंधन और एनडीए गठबंधन इस बार इन दोनों में जमकर टक्कर है,लेकिन सबसे बड़ा फैक्टर है गेम चेंजर है प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी,प्रशांत किशोर का दावा है वह ना किसी के साथ गठबंधन करेंगे बल्कि अकेले दम पर चुनाव लड़ेंगे और जन सुराज पार्टी पूरे 243 सीटों पर अपनी उम्मीदवार उतारी हैhttp://news24hourslatest.in
क्या किंग मेकर की भूमिका में रहेंगे प्रशांत किशोर:
पहले चरण का चुनाव संपन्न हो चुका है एनडीए अपनी जीत बता रही है वही इंडिया गठबंधन को सपोर्ट करने आए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि मतदान आधा हुआ है लेकिन इंडिया गठबंधन पूरी तरीके से जीत गई है इसी बीच खबर यह भी आ रही है की जन सुराज पार्टी इन दोनों का खेल बिगाड़ सकती है कुछ लोगों का कहना है कि किंग मेकर की भूमिका में प्रशांत किशोर है,प्रशांत किशोर के कुछ उम्मीदवार ऐसे हैं जिनका वोट बैंक बहुत अधिक है,ऐसे में वह एनडीए और इंडिया गठबंधन को झटका दे सकते हैं
प्रशांत किशोर का मुद्दा क्या था:
जन सुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर बिहार के चुनाव में पूरी तरीके से सक्रिय है भले ही वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं क्योंकि उनका कहना है की वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं लेकिन उनका मुद्दा शिक्षा,रोजगार,विकास पलायन रोकना,यही सब रहेगा और जहां-जहां प्रशांत किशोर ने रैली की है यही मुद्दा रहा है,अपने एक इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने यह भी कहा था कि या तो प्रशांत किशोर की 10 से नीचे सिट आएंगे या फिर 100 से ऊपर आएंगे बीच वाला कोई कॉन्सेप्ट नहीं है,प्रशांत किशोर के कहने का तात्पर्य यह है की या तो एकदम बुरी तरीके से हार जाएंगे या फिर सरकार बनाने की भूमिका में आ जाएंगे
राजनीतिक विश्लेषक का क्या कहना है:
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार का जो वोटिंग प्रतिशत बढ़ा है उसमें महिलाओं ने काफी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है,लेकिन महिलाओं के बढ़ते हुए वोटिंग को आप यह नहीं कह सकते कि वह एनडीए में जाएंगे या फिर इंडिया गठबंधन में जाएंगे या फिर जन सुराज में जाएंगे परंतु कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि महिलाओं के लिए नीतीश कुमार ने बहुत ज्यादा काम किया है इसलिए ज्यादा सिट नीतीश कुमार को जा सकता है महिलाओं की वहीं कुछ और विशेषज्ञ यह कह रहे हैं कि इस बार जन सुराज पार्टी किंग मेकर की भूमिका में आ सकती है उनका कहना है कि महिलाओं की जो बढ़ती वोटिंग है वह जन सु राज को भी जा सकती है
क्या महिलाओं का वोट नीतीश कुमार को गया:
महिलाओं का जो वोट प्रतिशत इस बार बढ़ा है उसमें अधिकतम वोट नीतीश कुमार को जाने वाला है क्योंकि नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए बहुत अच्छी-अच्छी योजनाएं लागू की हैं जो इससे महिलाओं को काफी लाभ मिला है जैसे
1-स्वयं-सहायता समूह (SHG) योजना:इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को समूह में बांटा गया है जिसमें उनकी आर्थिक स्थिति को भी बेहतर बनाई गई है और सामाजिक सशक्तिकरण का भी प्रयास हुआ है
2-सरकारी नौकरी और आरक्षण:पंचायत और नगरी स्तर पर महिलाओं के लिए 50% आरक्षण,सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 35% आरक्षण
3-नियोजित रोजगार योजना:हर परिवार की एक महिला को ₹10000 राशि प्रदान करना,और व्यवसाय में सफलता मिलने पर अतिरिक्त 2 लख रुपए प्रदान किया जाएगा
4-स्वास्थ्य/सामाजिक भत्ते एवं श्रमिकों के वेतन सुधार:आंगनवाड़ी आशा और मातृकर्मियों का मानदेय बढ़ाना, विधवा दिव्यांग बुजुर्ग महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा राशि पेंशन बढ़ाना
ऐसे कई योजनाएं हैं जो नीतीश कुमार द्वारा महिलाओं के लिए लागू किए गए हैं जिसका लाभ महिलाओं को प्रत्यक्ष तौर पर मिलता है,अब देखना है की प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी 10 सीटों के अंदर सिमट जाती है या फिर सरकार बनाने की भूमिका में आ जाती है अगर 100 से अधिक सिट जन सुराज पार्टी कि आ गई तो यह बहुत बड़ा संदेश जाएगा पूरे भारत में जैसे आम आदमी पार्टी का गया था कि लोगों ने जात,धर्म इन सबसे ऊपर उठकर वोट किया था,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल