सारे एग्जिट पोल हो गए फेल रिजल्ट हुआ उल्टा

बिहार विधानसभा चुनाव समाप्त हो चुका है तमाम सारे एग्जिट पोल अपने-अपने आंकड़े पेश कर रहे हैं यह एग्जिट पोल के रुझान बता रहे हैं कि बिहार में किसकी सरकार बन सकती है,लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि यह एग्जिट पोल बिहार के मामलों में हमेशा गलत साबित हुआ है आप 2020 का भी एग्जांपल देख लीजिएhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं कि एग्जिट पोल ने कितनी सिम पार्टी को दी
1-Matrize exit poll:
NDA-150-165 सीट
MGB-70-85
OTH-0-7
2-Peoples Pulse:
NDA-135-160
MGB-75-100
OTH-2-8
3-Peoples इन्सिइट
NDA-133-148
MGB-87-102
OTH-0-8
4-Dainik Bhaskar
NDA-145-160
MGB-73-90
OTH-5-10
यह सारे एग्जिट पोल यह दिखा रहे हैं कि 14 नवंबर को बिहार में एनडीए की सरकार बनने वाली है, भले ही बिहार में इस वक्त एनडीए को बाधक मिलती दिखाई दे रही है लेकिन यह असलियत नहीं है यह मात्र कुछ लोगों द्वारा किया हुआ सर्वे है बिहार की राजनीति को समझना बहुत डिफिकल्ट काम है ऐसा कहां जा रहा है कि बिहार के एग्जिट पोल का नतीजा बिल्कुल प्रतिकूल आता है यानी कि जो एग्जिट पोल में दिखता है वह पूर्णता सत्य नहीं होता है खासकर बिहार के लिए
बिहार का वाटर कैसे गेम खेलते हैं:
कोई भी सर्वे बिहार में किया जाता है वोटिंग के लिए तो इसका मतलब यह नहीं कि वह पूरा सत्य है क्योंकि बिहार की जनता अब रिपोर्टर की बातों को पड़ती है अगर रिपोर्टर सरकार के पक्ष का लगता है उन्हें,तो वोटर भी कह देंगे कि एनडीए को मैंने वोट कर दिया लेकिन अगर उन्हें लगा कि यह विपक्ष का मीडिया है तो वह तुरंत एनडीए के विरोध में बता देंगे कि मैं वोट महागठबंधन को कर दिया इस हिसाब से सर्वे अगर देखा जाए तो किसी एक पार्टी को बढ़त तो मिलेगी ही खास कर उनकी जिनकी सरकार है यानी कि जो बिहार के वोटर है वह सामने वाले संवाददाता से खुद जानना चाहते कि वह क्या सुनना चाहता है और उसे हिसाब से उसका जवाब देते हैं, और यही कारण है कि जब परिणाम आता है तो यह एग्जिट पोल फेल नजर आते हैं
2020 में राष्ट्रीय जनता दल की लहर थी:
ऐसा कहां जा रहा है कि 2020 का जो बिहार का विधानसभा चुनाव हुआ उसे समय राष्ट्रीय जनता दल की लहर थी और यह दिखाया जा रहा था कि राष्ट्रीय जनता दल की सरकार बनेगी लेकिन नतीजा ठीक उलटा हुआ सरकार बनी जनता दल यूनाइटेड की और मुख्यमंत्री नितेश कुमार,बिहार में जो साइलेंट वोटर हैं उनकी भी संख्या अधिक है और वह गेम चेंजर के रूप में काम करते हैं,बिहार के वाेटर मतदान के पहले दिन तक सोचते हैं कि इस पार्टी को वोट करेंगे लेकिन जिस दिन मतदान होता है उसे दिन गेम चेंज हो सकता हो जाता है
महिला बनी मेन फैक्टर:
2025 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर वोटिंग की है और ऐसा कहा जा रहा है कि इस बार महिलाएं जिस तरफ वोट कर कीए हैं, उन्हीं की सरकार बनने वाली है और ज्यादातर अनुमान एनडीए का ही लगाया जा रहा है क्योंकि यह जो ₹10000 दिया गया हर महिलाओं को यह बहुत बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है बिहार चुनाव में, महिलाओं का यह भी कहना है कि नितेश बाबू ने महिलाओं के लिए बहुत कुछ किया है उतना लाल यादव के शासन में कभी नहीं हुआ
युवा का झुकाव तेजस्वी की तरफ:
इस बार के चुनाव में कुछ रिपोर्ट के अनुसार यह पता चला है कि ज्यादातर युवा तेजस्वी को वोट दिए हैं क्योंकि तेजस्वी ने वादा किए हैं नौकरी की रोजगार की और बीजेपी कही इससे वादे से पीछे जाती हुई नजर आ रही है, युवाओं का कहना है कि तेजस्वी यंग है एक्टिव है 17 महीने उन्होंने सरकार चलाई है उसमें युवाओं को नौकरी दिए हैं उसे आधार पर युवा तेजस्वी को वोट करते हैं कर रहे हैं वैसे भी तेजस्वी यादव इस बिहार विधानसभा चुनाव में 155 रैलियां की है जो कि सारे नेताओं से सबसे अधिक है,युवाओं में जोश भरने का काम तेजस्वी ने किया तो जरूर है लेकिन देखते हैं कि 14 नवंबर को परिणाम किसके अनुकूल आता है जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल