असली कारण क्या था कि बीजेपी इतनी बड़ी पार्टी बन गई बिहार मे

14 नवंबर का दिन केवल बाल दिवस के लिए ही ऐतिहासिक दिन नहीं है बल्कि बिहार की जनता के लिए भी बहुत बड़ा दिन है,कई महीनो के लगातार परिश्रम के बाद इस दिन रिजल्ट आया जिसका बिहार की जनता बेसब्री से इंतजार कर रही थी तमाम पार्टियों ने भाषण कर इस लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा लिया सब ने जीत का दावा किया था लेकिन यह तो तय है जीत किसी एक को ही मिलेगी और आज परिणाम आए तो सारे के सारे दाव उलट पलट जाए बिहार की जनता ने एकतरफा वोट दिया है एनडीए गठबंधन को,बिहार की जनता जाति से ऊपर इस बार वोट डाली है और एनडीए को पूर्ण बहुमत की सरकार दी हैhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं कुछ फैक्ट्स:
14 नवंबर को जो परिणाम आए हैं वह अप्रत्याशित परिणाम आए हैं बहुत कम लोगों ने सोचा था कि ऐसे रिजल्ट सामने आ सकते हैं,आपको बता दे कि बिहार में जो लड़ाई थी वह एनडीए गठबंधन और इंडिया गठबंधन में थी ऐसा कहा जा रहा था कि यह लड़ाई एकदम टक्कर की है और दावा भी किया जा रहा था कि इंडिया गठबंधन की सरकार बन सकती है,तेजस्वी यादव ने 175 के करीब रैलियां की और यह जनता को भरोसा दिलाया कि इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी तो वह बिहार की जनता को सरकारी नौकरी देंगे लेकिन सारा का सारा खेल बिगड़ गया बिहार की जनता एक बार फिर नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी को पर अपना भरोसा जताया है नीतीश कुमार के शासन को महिलाओं ने बहुत सम्मान दिया है
कांग्रेस की स्थिति और भी हुई गड़बड़:
आपको बता दे कि कांग्रेस ने हमेशा वोट चोरी का आरोप लगाया इलेक्शन कमीशन पर,भारतीय जनता पार्टी पर,राहुल गांधी की खासियत है कि आरोप लगाकर सिद्ध नहीं करते भाग जाते हैं अगर वह सिद्ध कर दिए रहते हैं तो आज कांग्रेस के भी अच्छी खासी सिट आ जाती,राहुल गांधी ने मात्र 14 रैलियां की बिहार में उसके बाद अंतर ध्यान हो गए जनता के बीच में पूर्ण रूप से जा नहीं पाए कांग्रेस के जितने भी दिग्गज नेता थे सब के सब जनता तक अपनी बात नहीं पहुंचा पाए तेजस्वी यादव की हार का कारण कांग्रेस भी है क्योंकि जो लोग कांग्रेस को वोट नहीं दिए वह बीजेपी को वोट दे दिए कांग्रेस की हालत दिन पर दिन बदतर होती जा रही ह,2020 के चुनाव से भी खराब प्रदर्शन रहा है कांग्रेस का इस चुनाव में,राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार हार रही है इसका मतलब है कि राहुल गांधी को अपनी रणनीति बदलनी होगी जनता के प्रति जो राहुल गांधी कर रहे हैं वह जनता को पसंद नहीं आ रहा है, बिहार की जनता ने वोट चोरी के मुद्दे को सीरियस नहीं लिया और सारा का सारा फोकस जंगल राज भ्रष्टाचार पर केंद्रित किया क्योंकि बिहार की जनता को लगा कि तेजस्वी यादव की अगर सरकार आ जाएगी तो फिर वही जंगल राज लौट के आ जाएगा जिसमें बहू बेटियों की इज्जत लूटी जाती थी जबरन चोरी होती थी भ्रष्टाचार होता था
नितीश और मोदी पर क्यों किया भरोसा:
बिहार की जनता ने एक बार फिर नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी पर अत्यधिक भरोसा किया बीजेपी को इतनी सिट की अनुमान नहीं थी जितनी बिहार की जनता ने उनकी झोली में डाल दी इसका सबसे बड़ा फैक्टर है नीतीश कुमार की छवि अभी तक नीतीश कुमार पर कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है ना भ्रष्टाचार का,ना कोई आपराधिक मामले का,बिहार की महिलाओं का कहना है कि नीतीश कुमार बिहार की महिलाओं के लिए बहुत काम किए हैं इस वजह से बिहार की महिलाएं ने जमकर नीतीश कुमार को वोट दिया है नरेंद्र मोदी की भाषा शैली,नरेंद्र मोदी की कार्य करने की क्षमता,नरेंद्र मोदी की योजनाएं,नरेंद्र मोदी का जनता के बीच विश्वास पैदा करना यही सब फैक्टर है कि नरेंद्र मोदी को आज बिहार की जनता ने सबसे अधिक पसंद किया है पिछली बार के चुनाव से इस बार का चुनाव दोनों में बहुत अंतर है इस बार का चुनाव ऐतिहासिक चुनाव है क्योंकि बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी बनकर उभरी है जबकि ऐसा संभव नहीं था सर्वे पोल यह बता रहे थे कि राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उबरेगी बिहार में,लेकिन एग्जिट पोल का यह दावा भी गलत निकला बिहार की जनता ने बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी बना दी
जाति फैक्टर काम आया:
बिहार की राजनीति की बात करें और जाति की बात ना हो ऐसा हो नहीं सकता और यह के एक पार्टी में नहीं सारी पार्टियों में जाति फैक्टर होता है बिहार में सबसे अधिक मुसलमान है लगभग 19 प्रतिशत उसके बाद यादव है 14 प्रतिशत उसके बाद अन्य जातियां हैं जिसमें अति पिछड़ा वर्ग,पिछड़ा वर्ग,सामान्य वर्ग आते हैं सारी पार्टियों ने अपने हिसाब से टिकट वितरण किया था लेकिन बिहार की जनता ने जाति को छोड़कर विकास के मुद्दे पर वोट डाला है इस बार अब देखना है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनेंगे या कोई और बनेगा,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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