लालू परिवार में हो रहे फुट का कारण

लालू यादव का परिवार इन दोनों बहुत विसंगतियों से गुजर रहा है घर के सदस्य एक-एक करके परिवार छोड़ रहे हैं,हाल ही में आपने देखा कि कैसे तेज प्रताप यादव को लालू यादव ने घर से निकाल दिया,पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया अब खबर आ रही है कि रोहिणी आचार्य भी लालू यादव के परिवार से बाहर का रास्ता देख रही है,रोहिणी आचार्य ने कहा कि अब मेरा कोई परिवार नहीं है यह बात जा करके आप संजय यादव,तेजस्वी यादव,रमीज से पूछिए कि क्या हुआ है, रोहिणी आचार्य का कहना है कि पूरा देश सवाल कर रहा है कि लालू परिवार के घर में आखिर अलगाव कैसे हुआ,तेज प्रताप यादव को निकाल दिया गयाhttp://news24hourslatest.in
रोहिणी आचार्य का छलका दर्द:
आखिर रोहिणी आचार्य को चप्पल किसने मारा किसने घर से निकला,मीडिया से बात करते हुए रोहिणी आचार्य की आंखें नम थी, उन्होंने परिवार पर आरोप लगाया कि परिवार के कुछ सदस्य घर तोड़ रहे हैं जिनमें नाम है संजय यादव का,रमीज का,तेजस्वी यादव का रोहिणी आचार्य का कहना है कि संजय यादव,रमीज इनके खिलाफ कुछ भी बोलिए तो आपकोे जूते चप्पल से मारा जाएगा,गाली दिया जाएगा,घर से निकाल दिया जाएगा आपको बदनाम भी किया जाएगा,आखिर रोहिणी आचार्य के साथ ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने घर छोड़ दिया,तेजस्वी यादव अपनी बहन को समझ क्यों नहीं पा रहे हैं या फिर तेजस्वी यादव ही अपनी बहन के साथ गलत व्यवहार किए हैं और घर के बाहरी लोगों को सपोर्ट कर रहे हैं और घर के अंदर के लोगों को घर से निकाल रहे हैं,सोचिए यह वही रोहिणी आचार्य हैं जो अपनी पिता को बचाने के लिए अपनी एक किडनी दान कर दी थी किसी भी लड़कों में यह हिम्मत नहीं हुई कि अपने पिताजी को अपनी किडनी दान देते हैं,यह केवल उस लड़की की हिम्मत थी क्यों क्योंकि उसे अपने परिवार से प्यार था,अपने पिता से प्यार था,शादीशुदा होने के बाद भी अपने परिवार को देखना और अपने घर को देखना यह केवल बेटी ही कर सकती है अपने व्यस्ततम समयों में से कुछ पल निकाल कर रोहिणी आचार्य अपने भाई के प्रचार के लिए बिहार में आई थी ताकि उनका भाई मुख्यमंत्री बन जाए
तेजस्वी यादव जिम्मेदार हैं:
बिहार में अभी विधानसभा चुनाव बीते हैं आरजेडी तेजस्वी यादव को चेहरा बनाकर चुनाव लड़ी,राजद की बुरी तरीके से हार हो गई है,जिसका ठीकड़ा तेजस्वी यादव के ऊपर फूटा है और जाहिर सी बात है फूटना भी चाहिए क्योंकि पार्टी का नेतृत्व तेजस्वी यादव ही कर रहे थे मुख्यमंत्री का चेहरा भी तेजस्वी यादव ही थे,बताइए 2024 का लोकसभा चुनाव रोहिणी आचार्य हार गई थी उसके बावजूद भी अपने भाई का प्रचार करने आई ताकि परिवार एक में रहे,भाई तरक्की करें,तनिक भी अहंकार तेजस्वी यादव के बहन में नहीं दिखा वही तेजस्वी यादव अहंकार से चूर थे अपने परिवार को कुछ नहीं समझ रहे थे अपने भाई को कुछ नहीं समझ रहे थे और आज स्थिति यह हो गई जितनी रैलियां की है उसका आधा भी उनको सीट नहीं मिला,बस एक ही प्लस पॉइंट है कि राघवपुर वह जीत गए अन्यथा घर बैठने का पूरा बंदोबस्त जनता ने कर दिया था
हारने के बाद उठा यह मामला:
चुनाव हारने के बाद घर में सब इधर-उधर हो गया,बड़ा भाई वैसे ही अलग हो गया था अब छोटी बहन भी अलग हो गई,इसमें रोहिणी आचार्य की क्या गलती है,आरजेडी का चुनाव तेजस्वी यादव ने लड़ा मुख्यमंत्री का चेहरा तेजस्वी यादव थे पार्टी के प्रमुख तेजस्वी यादव थे और जब हार गए तो अपने परिवार पर गुस्सा उतारने लगे यह बेहद गलत है यह तो उस बहन की शक्ति देखिए की एक बार अपमानित होने के बाद भी दोबारा वह अपने भाई के प्रचार के लिए आई और अपने परिवार के लिए आई इसमें कोई राजनीतिक मंशा नहीं थी
तेज प्रताप यादव को भी निकाला गया घर से:
केवल यह रोहिणी आचार्य ही नहीं है जिन्हें घर से निकाला गया,आपको पता होगा कि लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भी पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया,घर से निकाल दिया गया उन्होंने अपनी एक अलग पार्टी बना ली जनशक्ति जनता दल,नामांकन करने के लिए अपने पिता की तस्वीर नहीं बल्कि तेज प्रताप यादव अपनी दादी की तस्वीर लेकर गए थे,आपको बता दे चाहे तेज प्रताप यादव हो चाहे रोहीणी आचार्य हो इन सबको परिवार का मोह है,यह सब चाहते हैं कि परिवार एक में रहे लेकिन राजनीति की वजह से यह सब अलग हो गए और यह बात अभी तेजस्वी यादव को समझ में नहीं आ रही है क्योंकि उनके ऊपर मुख्यमंत्री का भूत सवार था जो अब उतर गया जनता ने तेजस्वी यादव को खारिज कर दिया अभी भी समय है तेजस्वी यादव अगर चाहे तो अपने परिवार को एकजुट कर सकते हैं,अब देखते हैं आगे क्या होता है रोहिणी आचार्य के बाद और कौन-कौन से खुलासे होते हैं,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल