Dr. Shahin 10 साल से जैस-ए- मोहम्मद के संपर्क में थी

10 नवंबर की रात दिल्ली के रेड फोर्ट के पास i20 कार में जो ब्लास्ट हुआ उसमें करीब 20 से 25 लोग मारे गए, भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ था, इस ब्लास्ट के दोषी सारे डॉक्टर थे,फरीदाबाद के अलफलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे और इस यूनिवर्सिटी के एक कमरे में पिछले कई महीनो से बम ब्लास्ट की शाजिस रची जा रही थी,ऐसा कहा जा रहा था कि लगभग 32 गाड़ियां तैयार की जा रही थी अलग-अलग जगह हमले के लिए,दिल्ली में धमाका करना उनका पहला मकसद था जिसमें लाल किला,मंदिर,मॉल स्टेशन ऐसी जगह थी जहां भीड़भाड़ वाला इलाका हो इस धमाके में जो मुख्य आरोपी थी वह एक महिला थी जिसका नाम था डॉक्टर शाहीन है,जिसका कनेक्शन इस पूरे वारदात से थाhttp://news24hourslatest.in
डॉक्टर शाहीन का कनेक्शन पाकिस्तान से था:
दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट में शामिल डॉक्टर शाहीन शईद लखनऊ की थी,आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह डॉक्टर शाहीन शईद पिछले 10 साल से पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के संपर्क में थी,इस आरोपी की सोच ही बिल्कुल अलग थी “इसका कहना था कि परिवार और नौकरी में क्या रखा है अपने लिए बहुत जी लिए अब हमारे कौम का कर्ज उतारने का समय आ गया है,मेरे बारे में चिंता करना छोड़ दो,कुछ बड़ा करने की तैयारी चल रही है जो मैं करूंगी उस पर आप सबको फक्र होगा”,आपको बता दें कि जैस-ए-मोहम्मद के आतंकी डॉक्टर शाइन शईद को मैडम सर्जन कहकर बुलाते थे
दो अन्य डॉक्टर भी गिरफ्तार हुए हैं:
दिल्ली बम ब्लास्ट में डॉक्टर शाइन शईद के अलावा पुलिस ने दो डॉक्टर सहित तीन लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया है जो अलफलाह यूनिवर्सिटी के ही थे अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी के दौरान इन दोनों डॉक्टरों को और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है,आपको बता दे कि दोनों डॉक्टर लाल किले के पास ब्लास्ट करने वाली हुंडई i20 कार के ड्राइवर डॉ उमर के करीबी थे,शुरुआती पूछताछ में यह पता चला की हिरासत में लिए गए दो डॉक्टरों में से एक डॉक्टर एम्स में इंटरव्यू देने के लिए आया था,उसी दिन धमाका हुआ था,जांच में यह भी पता चला है कि इन आरोपियों ने 26 लाख रुपए इकट्ठा किए थे विषफोटक पदार्थ खरीदने के लिए और ब्लास्ट करने के लिए
32 गाड़ियों में होना था ब्लास्ट:
अभी तो यह आगाज था अभी अंजाम तो पूरा बाकी ही था,आपको बता दे कि यह आतंकी बहुत बड़े प्लानिंग में थे भारत के अलग-अलग राज्यों को खास कर उत्तर प्रदेश को दहलाने वाले थे और ऐसा कहा जा रहा है कि इनका मकसद था 6 दिसंबर को उत्तर प्रदेश में धमाका करना क्योंकि 6 दिसंबर 1992 कोे बाबरी मस्जिद गिराई गई थी,यह पढ़े-लिखे आतंकवादी अमोनियम नाइट्रेट से आरडीएक्स बनाने की विधि सीख लिए थे और थोड़ा-थोड़ा करके यह हजारों किलो इकट्ठा कर चुके थे,और प्लानिंग में थे कि दिल्ली,उत्तर प्रदेश, हरियाणा,मध्य प्रदेश जैसे राज्यों को बम से उड़ा दे, लेकिन उससे पहले ही उनकी गाड़ी में ब्लास्ट हो गया और एक डॉक्टर की मौत भी हो गई जिसका नाम था डॉक्टर उमर जो उस समय i20 कार बम से भरा हुआ लेकर दिल्ली से जा रहा था
6 दिसंबर 1992 का बदला:
यह सारे पढ़े लिखे आतंकवादियों का प्लान था 6 दिसंबर को अलग-अलग राज्यों में ब्लास्ट करना क्योंकि 6 दिसंबर 1992 को ही बाबरी मस्जिद गिराई गई थी लेकिन इनका धमाका बहुत बड़ा होने वाला था लगभग 32 कारों में बम से अलग-अलग राज्यों में पहुंचना था, सूत्रों के हवाले से यह भी खबर मिली थी कि यह कुछ महीने पहले भी ब्लास्ट करने की कोशिश में थे लेकिन असफल हो गए अलफलाह यूनिवर्सिटी के कमरे में कई महीनो से यह शाजिस रची जा रही थी लेकिन अलफलाह यूनिवर्सिटी के किसी भी डॉक्टर अपने इस पूरी घटना का कोई चर्चा तक नहीं किया,यह वही i20 कार थी जो बम लेकर अलग-अलग राज्यों में घूम रही थी और अंततः दिल्ली में ब्लास्ट हो गई
पाकिस्तान में हुए हमले का बदला:
पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत में जो पाकिस्तान के घर में घुसकर हमला किया उनके आतंकी संगठनों को मारा,आतंकियों को मारा उनके एयरबेस तबाह कीये,उससे पाकिस्तानी आतंकवादी बहुत गुस्से में थे और धमकी भी दे रहे थे कि वह भारत को सबक सिखाएंगे और उनका कनेक्शन भारत में कर रहे कुछ नामर्द मुसलमान थे जो भारत को ही तबाह करना चाहते थे,उनकी कोशिश तो नाकाम हो गई लेकिन यह कहा नहीं जा सकता कि वह चुप बैठेंगे अभी इनके और भी शिष्य होंगे जो इस काम में लगे होंगे,पुलिस को चाहिए कि उनकी भी छानबीन करके उन्हें जेल में डाले, अब देखते हैं आगे क्या खुलासा होता है,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
