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क्या बंजर भूमि पर चढ़ा था मजार का नाम

क्या बंजर भूमि पर चढ़ा था मजार का नाम

क्या बंजर भूमि पर चढ़ा था मजार का नाम

 

 

 

देवरिया शहर के गोरखपुर रोड पर स्थित यह मजार है कहां जा रहा है कि 1399 में फसली खतौनी में बंजारा के नाम दर्ज था,देवरिया सदर विधायक सलभ मणि त्रिपाठी ने इस मजार का मामला जून के महीने में उठाया था उसके बाद यह मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ लिया, मामले की जांच होती रही उसके बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों ने इस मामले में सक्रियता दिखाई,मजार का मामला पूरे देवरिया में चर्चित हो चुका था जून से लगातार इस पर कार्रवाई हो रही थी अंततः एएसडीएम कोर्ट का फैसला आया की बंजर खाते में दर्ज होगी भूमिhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं पूरा मामला क्या है:
देवरिया शहर के गोरखपुर ओवर ब्रिज के पास स्थित मजार या कब्रिस्तान पर कोर्ट ने फैसला सुना दिया एएसडीएम कोर्ट ने कहा है कि भूमि को फर्जी तरीके से कब्रिस्तान के नाम पर चढ़ाया गया है आपको बता दे कि मामले की सुनवाई करते हुए एसडीएम कोर्ट ने भूमि पर से मजार का नाम निरस्त कर बंजारा खाते में दर्ज करने का आदेश दिया है वहीं इस भूमि को मजार के नाम से चढ़ावाने वाले लोगों एवं कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं देवरिया के विधायक सलभ मणि त्रिपाठी ने इस मामले की छानबीन की है पूरा मामला जून से ही सक्रिय था देवरिया के लोगों के बीच राजस्व विभाग ने जांच में पाया कि 1992 में फर्जी तरीके से कर एटीएम की राजस्व अपर वक़्फ़ आयुक्त के न्यायालय से जारी परवाना के आधार पर बंजर भूमि को मजार और कब्रिस्तान के नाम से दर्ज किया गया था इस मामले के लिए सदर विधायक सलभ मणि त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर शिकायत भी की थी जिससे मामला और सुर्खियों में आ गया उसके बाद अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व जयदीप गुप्ता द्वारा एसडीम कोर्ट में अभिलेख दृष्टि का वार्ड दाखिल किया गया उसके बाद इसकी फाइल एसडीएम अवधेश निगम के कोर्ट में स्थानांतरित कर दी गई अधिवक्ता गुप्ता ने बताया कि इस मामले की सुनवाई करते हुए एएसडीएम कोर्ट ने मजार व कब्रिस्तान के नाम पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराए गए भूमि को फर्जी करार दिया गया
गुरुवार को आया फैसला:
बंजर भूमि पर फर्जी तरीके से चढ़ा था मजार का नाम, आपको बता दे गुरुवार को मामले में फैसला सुनाते हुए एएसडीएम अवधेश निगम ने मजार व कब्रिस्तान के नाम पर तर्ज भूमि को निरस्त कर दिया और उसे पुनः बंजारा खाते में दर्ज करने के निर्देश भी दे दिया है वहीं इस भूमि को कुतरचित तरीके से मजार दर्ज करने वाले लोगों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है इस आदेश के बाद मामले में फर्जीवाड़ा करने वाले कर्मचारियों में खलबली मच गई है वही देखा जाए तो मजार के पक्ष में जो लोग खड़े हैं वह इसे फर्जी करार देने में लगे हैं उनका कहना है कि उनके पास सारे दस्तावेज और प्रमाण है कि यह फर्जी नाम नहीं चढ़ाया गया है
SS Mall का किया था खुलासा:
आपको बता दें कि यह वही सदर विधायक सलभ मणि त्रिपाठी है जिन्होंने से मॉल में हो रहे धर्मांतरण का खुलासा किया था जिसमें SS Mall के मालिक उस्मान गनी को लखनऊ के चिनहट से गिरफ्तार किया गया था और यह आरोप लगाया गया था कि वहां पर बहुत सालों से यह धर्मांतरण का खेल जारी है उसके बाद पुलिस के एक्शन में आने के बाद तमाम गिरफ्तारियां हुई,आपको बता दे की माल को सील भी कर दिया गया था और कई दिनों तक वहां पुलिस निगरानी भी कर रही थी,विपक्ष की पार्टियों ने इसका जमकर विरोध भी किया था उनका कहना था कि आखिर सत्ता पक्ष को क्यों इतनी देर में क्यों मामला पता चला इसमें कुछ ना कुछ मिलीभगत जरूर है,हालांकि मॉल खुल गया है और लोग उसमें खरीदारी करने जाते हैं, आपको बता दे की शलभ मणि त्रिपाठी अक्सर ऐसे विवादों को लेकर चर्चा में रहते हैं, अब माल का मामला बंद हुआ तो मजार का मामला सामने आ गया
क्या विवादों से घिरा है देवरिया:
आपको बता दे की देवरिया की विवादों से गिरा हुआ रहता है अक्सर कोई ना कोई खबर सुनने को मिलती है जो हिंदू मुस्लिम के आधार पर होती है,मजार का मामला बहुत संगीन है कोर्ट के फैसले के बाद मामला और बिगड़ गया है अब देखते हैं की कोर्ट के इस फैसले के बाद अब आगे की कार्यवाही किस तरीके से होती है जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

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