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अमेरिका से सीखे आतंक को कैसे रोका जाए

अमेरिका से सीखे आतंक को कैसे रोका जाए

अमेरिका से सीखे आतंक को कैसे रोका जाए

 

 

 

10 नवंबर को हुए दिल्ली के लाल किले बम ब्लास्ट से पूरा देश सदमे में है,आखिर पुलिस को इतनी बड़ी जानकारी क्यों नहीं मिली वह भी राजधानी में जहां सुरक्षा बहुत तगड़ी मानी जाती है,दिल्ली हमेशा से आतंकवादियों की अड्डा रहा है बम ब्लास्ट करने का,6 महीने बीतते नहीं की एक बम ब्लास्ट की खबर सुनने को मिल जाती है अभी तो पुलिस ने फरीदाबाद में 2900 किलो आरडीएक्स पकड़ा,सोेचीये अगर इन आतंकियों की साजिश मुकम्मल हो जाती तो कितने लोगों की जान चली जाती,आखिर हमारा कानून क्या कहता है क्यों नहीं हम संदिग्ध इलाकों में सुरक्षा इतनी टाइट कर दें कि आतंकवादी आने से पहले सोचेhttp://news24hourslatest.in
क्या हमें अमेरिका से सीखना पड़ेगा:
दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद सरकार पर यह सवाल उठना लाजिमी है की कैसे दिल्ली में इतनी बड़ी सुरक्षा में चूक हो गई,वैसे हमारी सुरक्षा एजेंसियां पूरी मेहनत के साथ काम कर रही है आपको बता दे की बहुत कुछ होने वाला था जो बच गया,कार धमाके की पूरी योजना के साथ जो आतंकी उमर का वीडियो सामने आया है उस पर सवाल उठता है उसने इस बम ब्लास्ट को शहादत का नाम दिया,बताइए ये डॉक्टर है,पढ़े लिखे हैं लोगों की जान ले रहे हैं और उसे शहादत का नाम दे रहे हैं और सबसे बड़ी बात यह कि उसे कुछ लोग सपोर्ट भी कर रहे हैं जो कि नहीं करना चाहिए जिस देश में आप रहते हैं उसी देश के लोगों को आप मार रहे हैं यह कहां का न्याय है,इतने प्रतिष्ठित पेशेवरों का या समूह इतना कट्टरपंथी कैसे बन गया की आतंक के राह पर चल पड़े,जांच एजेंसिया रोज नए-नए खुलासे कर रही है,अलफलाह यूनिवर्सिटी के और डॉक्टर भी पकड़े गए हैं जो इस काम को अंजाम दे रहे थे उसमें से एक महिला भी थी
अमेरिका ने कैसे निपटाया आतंक को:
11 सितंबर को जो आतंकी हमला अमेरिका पर हुआ उसके बाद पूरी दुनिया ने देखा की कैसे हर जगह सूची तैयार की गई फिर वहां कड़ी निगरानी की गई व्यवस्थाएं लागू की गई हालांकि लोगों में इस व्यवस्था को लेकर आक्रोश था लेकिन यह देश हित के लिए किया गया और इसी शक्ति के कारण अमेरिका में आतंकवाद की घटना कम होती है,कैसे अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को मार गिराया और पूरी दुनिया को पता भी नहीं चला अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था इतनी तगड़ी है एक परिंदा भी पर मारने के पहले सोचता है,ओसामा बिन लादेन ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला किया उसके बाद गायब हो गया लेकिन अमेरिका की पुलिस और अमेरिका की एजेंसियां उसके पीछे लग गई और आखिर में उसे पाकिस्तान के एबेटाबाद में ढूंढ निकाला गया,आपको बता दे की अमेरिका की जाँच एजेंसियां ओसामा के घर के पास ही रहती थी लेकिन कानों कानों किसी को खबर नहीं हुआ और पूरी दुनिया भी यह नहीं समझ पाई कि यह कैसे हो रहा है जब उसे गोली मारी गई उसके घर में घुसकर तब बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस से यह खबर जारी की कि अलकायदा चीफ ओसामा बिन लादेन मारा गया हालांकि कुछ लोगों को यह बात समझ में नहीं आ रही थी,पाकिस्तान खुद इस बात को नहीं समझ पा रहा था कि क्या हो रहा है आतंकवाद से निपटने के लिए आपको बहुत सख्त कानून अपनाने पड़ेंगे अन्यथा ऐसे ही घटनाएं आए दिन होती रहेगी और लोगों की जान जाते रहेंगे
सुरक्षा व्यवस्था बड़ा सवाल:
हर देश में सुरक्षा व्यवस्था बहुत बड़ा मुद्दा बन जाता है जब कोई आतंकवादी घट जाती है,आपने देखा कि भारत में कैसे कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल में आतंकवादियों ने 22 लोगों को धर्म पूछ कर मार गिराया उसके बाद भारत में भी ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के घर में घुसकर हमला किया कई आतंकी ठिकानों को बर्बाद किया,आतंकवादियों को मार गिराया उनके एयरबेस भी तबाह कर दिए लेकिन पाकिस्तान कुत्ते की पूँछ है कभी सीधी नहीं हो सकती पाकिस्तान ने फिर वही हरकत किया 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले पर बम ब्लास्ट करके,पाकिस्तान अपनी हरकत से बाज नहीं आता है इसलिए जांच एजेंसी को चाहिए की चप्पे चप्पे पर नजर है और 24 घंटा सातों दिन तब जाकर भारत की व्यवस्था तंदुरुस्त होगी अन्यथा ऐसी आतंकवादी घटनाएं हमेशा होती रहेगी,आप भारत के इतिहास को पढ़ कर देखिए चाहे सरकार कांग्रेस की हो, चाहे वह भाजपा की हो चाहे चाहे अन्य दलों की हो आतंकवादी घटना हर सरकार में हुई है लेकिन इसे रोकने के लिए इतनी कड़ी व्यवस्था आज तक नहीं हुई आखिर ये घटनाएं कैसे हो जाती है,जब हमारी एजेंसी इतनी तंदुरुस्त रहती है चप्पे चप्पे पर नजर रहती है इसका मतलब है कि कहीं ना कहीं कोई गड़बड़ी है जिसे हम पकड़ नहीं पा रहे हैं,अमेरिका,चीन,जापान,सऊदी ऐसे देश हैं जहां सुरक्षा व्यवस्था इतनी टाइट है की बड़े से बड़े लोग छोटे से छोटे लोग की भी जांच निरंतर की जाती है कहीं कोई पकड़ा गया तो फौरन उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है लेकिन अपने यहां अगर कोई कैदी पकड़ा गया तो उसे मीडिया इतना बढ़ा चढ़ाकर दिखाएगा और उसके ऊपर सरकार इतना पैसा खर्च करेंगी कि जैसे कोई बहुत बड़ा नेता हो,बहुत बड़ा सेलिब्रिटी है,खैर लोगों की जान चल गई जिसके लिए हमें सहानुभूति है,लेकिन आगे और भी घटनाएं न हो इसके लिए सरकार को अपनी सुरक्षा के प्रति कटिबद्ध रहना चाहिए,धन्यवाद
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  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

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