बंगाल चुनाव के पहले हो सकता है बड़ा हादसा

2026 में बंगाल विधानसभा चुनाव होने वाले,लेकिन नफरत की चिंगारी पनप चुकी है,बंगाल अब हिंदू मुसलमान के बीच उलझ कर रह गया है,त्रिमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने मुसलमान को बाबरी मस्जिद के लिए एकत्रित होने के लिए कहा, मुसलमानोे ने करीब 2 लाख ईट बाबरी मस्जिद के लिए दान दे दी,यह बाबरी मस्जिद का मामला नहीं है बल्कि एक कम्युनल राइट करने की पूरी तैयारी है,उधर हिंदुओं ने इसका जमकर विरोध किया है,विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना है कि मस्जिद बनाई जाए लेकिन बाबरी बाबर के नाम पर नहीं,अब ये चिंगारी ने धीरे-धीरे आग पकड़ रही हैhttp://news24hourslatest.in
क्या यह सोची समझी साजिश है:
बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखी गई है,क्या यह सूची समझी साजिश है क्योंकि 2026 में बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं,आईये इसको बारीकी से समझते हैं,निष्कासित नेता हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को ही बाबरी मस्जिद की नींव रखि क्योंकि उनका कहना था कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद गिराई गई थी,उसके बाद मुर्शिदाबाद में लाखों मुसलमान इकट्ठा हुए,कुछ पैसे लेकर आए कुछ तो ईंट लेकर आए,जब हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद बनाने की बात की थी तो ममता बनर्जी ने उन्हें कांग्रेस से बाहर कर दिया था,आखिर ममता बनर्जी चाहती क्या है? आपको बता दे कि बंगाल में वक़्फ़ कानून के खिलाफ बहुत बड़ा विद्रोह हुआ लेकिन ममता बनर्जी की सरकार उस समय कोई एक्शन नहीं दिया,सेंट्रल गवर्नमेंट की फोर्सज ने वहां पर जाकर विद्रोह को शांत कराया
क्या SIR सबसे बड़ा कारण है:
हम सबको पता है कि बंगाल में SIR चालू हो चुका है लाखों घुसपैठियों की छानबीन करी जा रही है,एसआईआर के दौरान जो भी गैर कानूनी तरीके से भारत में शरणार्थी हुए हैं उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है,और इसी बात को लेकर ममता बनर्जी विरोध प्रदर्शन लगातार कर रही हैं,ममता बनर्जी का कहना है कि SIR के लिए सरकार वोट चोरी कराना चाहती है, ममता बनर्जी यह बखूबी जानती हैं कि जितने भी मुस्लिम वोट हैं वह कहीं नहीं जाने वाले हैं केवल हिंदू के वोट ममता बनर्जी को डाइवर्ट कर सकते हैं
हिंदू वोट का टेंशन है ममता बनर्जी को:
एसआईआर के जरिए जो अवैध रूप से बांग्लादेशी भारत में रह रहे हैं उन्हें बाहर किया जा रहा है खासकर बंगाल से क्योंकि बंगाल बांग्लादेश से बॉर्डर साझा करता है,और ऐसा कहा जा रहा है कि यह घुसपैठियों जो गलत तरीके से ममता बनर्जी को वोट करते थे और उनकी सरकार बनाते थे तो अब ऐसा नहीं होने वाला है,ममता बनर्जी को पता है कि कांग्रेस उनका वोट बैंक है लेकिन हिंदुओं का वोट बैंक हासिल करने के लिए कुछ अलग करना पड़ेगा,मतलब कि अगर हिंदुओं का वोट ममता बनर्जी को चाहिए तो थोड़ा सा मुसलमान से दूरी बनानी पड़ेगी,और इसी कारण हुमायूं कबीर को ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी से निकाल दिया लेकिन हुमायूं कबीर का कहना है कि वह अपनी अलग पार्टी बनाएंगे और ओवैसी से गठबंधन करेंगे,हुमायूं कबीर नें ऐलान कर दिया है कि वह 294 में से 135 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे और सारा मुस्लिम वोट अपने तरफ आकर्षित करेंगे,आपको बता दे कि मुसलमान की जनसंख्या लगभग 35% है बंगाल में,और बंगाल में करीब 90 विधानसभा सीट ऐसी है जहां पर मुसलमानों की संख्या लगभग 70 से 80% है,और हुमायूं कबीर ऐसा रणनीति बना रहे हैं कि इन 90 सीटों पर जितने भी मुसलमान वोट होंगे तब उनके खाते में जाएंगे,यही कारण है कि अभी ममता बनर्जी हुमायूं कबीर के बारे में कुछ नहीं बोल रही है और ना ही बाबरी मस्जिद के बारे में उन्होंने कुछ टिप्पणी की है क्योंकि ममता बनर्जी को लग गया कि अब जो पॉलिसी ममता सरकार को लाना है वह हिंदुओं के प्रति ज्यादा होना चाहिए तभी हिंदू का वोट बैंक में मिलेगा
क्या हिंदू को एकत्रित कर पाएंगी ममता बनर्जी:
ममता बनर्जी को अब हिंदू वोट बैंक का टेंशन हो चुका है,उन्हें लग रहा है कि अगर हिंदू को वह एकत्रित नहीं कर पाएंगे तो उनकी सरकार नहीं बन पाएगी इसलिए अब वह बाबरी मस्जिद को लेकर कुछ नहीं बोलें रही है और ना ही जो 5 लाख हिंदू बंगाल में गीता पाठ कर रहे हैं उनको लेकर कुछ बोल रही है,2026 में बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ममता बनर्जी को यह लग रहा है कि अगर वह हिंदुओं को एकत्रित नहीं करेंगे तो सारा का सारा वोट भारतीय जनता पार्टी की तरफ शिफ्ट हो सकता है,इसलिए ऐसा कहा जा रहा है कि जो भी नहीं योजनाएं अब बंगाल में लागू होगी तो हिंदुओं के लिए ज्यादा लाभ देगी,तो एक तरफ हुमायूं कबीर मुसलमान को एकत्रित करने में लगे हैं और दूसरी तरफ ममता बनर्जी हिंदुओं को एकत्रित करने में लगी है,अब देखना है की क्या ममता बनर्जी और हुमायूं कबीर दोनों चुनाव के बाद एक दूसरे को अगर सपोर्ट कर देंगे तो दोनों का वोट बैंक इन पार्टियों के खेमे मे चला जाएगा, और ममता बनर्जी की सरकार बन जाएगी,अब देखना है कि आगे क्या-क्या होता है,धन्यवाद