ममता बनर्जी हिंदुओं और मुसलमान में फस गई है

जी हां दोस्तों 2026 में बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में ममता बनर्जी अपनी सक्रियता को और बढ़ाने में लगी है,भारतीय जनता पार्टी को चारों तरफ से घेरने की कोशिश में लगी है ममता,लगातार सड़कों पर SIR के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी कर रही है, ममता बनर्जी का कहना है कि SIR के जरिए बीजेपी वोट चोरी करने की कोशिश करेगी लेकिन ऐसा बंगाल की जनता होने नहीं देगी,वहीं दूसरी तरफ बीजेपी का कहना है की ममता बनर्जी इसलिए SIR विरोध कर रही है क्योंकि इनके जो कोर वोटर है वह बांग्लादेश भेजे जा रहे हैं क्योंकि वह घुसपैठियों हैं जो अवैध तरीके से ममता बनर्जी को वोट करते थेhttp://news24hourslatest.in
हिंदू मुस्लिम विवाद क्या है:
2026 में बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले ऐसे में बंगाल में इस समय हिंदू मुस्लिम का विवाद बहुत तेजी से बढ़ रहा है,त्रिमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के लिए आवाहन किया था और मुसलमानों से ये अपील की थी कि वह मुर्शिदाबाद में एकत्रित हो और बाबरी मस्जिद के लिए ईंट लेकर आए उसके बाद मुर्शिदाबाद में करीब दो लाख ईट बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए,उधर दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी बंगाल में हिंदुओं को एकत्रित करके एक नया इतिहास शुरू कर दिया है,तकरीबन 5 लाख हिंदू बंगाल में एकत्रित हुए और इस बाबरी मस्जिद के विरोध में खड़े हुए,2026 में बंगाल में विधानसभा चुनाव होने है,बंगाल मे हिन्दुओ की आबादी लगभग 70% है और मुसलमानों की आबादी लगभग 28 % है,और बंगाल में इस समय का माहौल बेहद ही संवेदनशील है क्योंकि एक तरफ हिंदू पक्ष है और दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष है एक तरफ बाबरी मस्जिद की नींव रखी जा रही है तो दूसरी तरफ 5 लाख हिंदू इस बाबरी मस्जिद का विरोध कर रहे है
क्या कहना है हुमायूं कबीर का:
त्रिमूल कांग्रेस से निष्कासित होने के बाद 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखने के बाद हुमायूं कबीर इस समय सुर्खियों में है,हुमायूं कबीर ने साफ-साफ यह ऐलान कर दिया है कि वह अपनी एक अलग पार्टी बनाएंगे और 130 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे,आपको बता दें कि बंगाल में लगभग 294 विधानसभा सिट हैं,हुमायूं कबीर ने यह भी कहा है कि उनकी पार्टी जो बनेगी वह एआइएमआइएम से गठबंधन करेगी और सरकार बनायेगी,हुमायूं कबीर ने आगे यह भी कहा है कि वह ना तो बीजेपी की सरकार बनने देंगे और ना ही ममता बनर्जी की सरकार बनने देंगे,हुमायूं कबीर अपने राजनीतिक पार्टी का ऐलान 22 दिसंबर को कर सकते हैं,उनका कहना है कि वह बंगाल के चुनाव में गेम चेंजर की भूमिका में रहेंगे,अब ऐसे में जहां हुमायूं कबीर अपनी एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिए हैं,ममता बनर्जी की मुश्किल और बढ़ गई है क्योंकि एक तरफ भाजपा पूरी ताकत के साथ इस बार बंगाल चुनाव में उतर गई है,भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि इस बार बंगाल से ममता बनर्जी की सरकार चली जाएगी क्योंकि SIR के जरिए जितने घुसपैठिए हैं जो ममता बनर्जी को वोट करते हैं उन्हें इस बार अपने वतन भेज दिया जाएगा
इकबाल अंसारी का क्या कहना है:
पूर्व मुस्लिम पक्षधर बाबरी मस्जिद इकबाल अंसारी का कहना है 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया,मुसलमानोे को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन मिल गई,और पूरे देश के मुसलमानोे ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का तहे दिल से सम्मान किया और अब बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि का कोई विवाद नहीं रहा,जिस दिन कोर्ट का फैसला आया था उस दिन सारे मुसलमानोे ने फैसले का सम्मान किया और पूरे भारत में कहीं भी दंगे की कोई खबर नहीं आई और आज टीएमसी के पूर्व नेता बंगाल में चुनाव जीतने के लिए बाबर के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं,आगे इकबाल अंसारी ने यह भी कहा की 2026 में बंगाल मे विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इसलिए इन्हें मंदिर मस्जिद का मुद्दा फिर याद आ गया,मेरी नजर में यह पूर्ण रूप से एक राजनीति है और कुछ नहीं,इकबाल अंसारी ने कहा है कि बाबर के नाम से कोई मस्जिद नहीं बननी चाहिए इस देश में क्योंकि बाबर मुसलमानोे का मसीहा नहीं था बाबर ने ऐसा कोई काम किया ही नहीं जो मुसलमान के हमदर्दी में हो या फिर देश के हित में हो
ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई है,एक तरफ बाबरी मस्जिद की नींव रखी जा रही है तो दूसरी तरफ 5 लाख बाबरी मस्जिद के विरोध में बंगाल में एकत्रित हुए हैं,एक तरफ ममता बनर्जी के पार्टी के निष्कासित नेता ममता बनर्जी का जमकर विरोध कर रहे हैं और यह दावा कर रहे हैं कि इस बार उनकी सरकार नहीं बनने देंगे और ना ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने देंगे अब देखना है कि आगे ममता बनर्जी कैसे इस मुद्दे का हल निकलती है,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
