वोट चोरी से हटे तो प्रदूषण पर आ गए

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने बयानों से हमेशा चर्चा में रहते हैं कोई कुछ भी बोले राहुल गांधी को कोई फर्क नहीं पड़ता वह लगातार सत्ता पक्ष पर हमलावर रहते हैं,संसद का शीतकालीन सत्र के दौरान राहुल गांधी ने अपने भाषण में भारतीय जनता पार्टी पर जमकर प्रहार किया,राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को यह चैलेंज दिया डिबेट का,राहुल गांधी का कहना था कि वह गृह मंत्री अमित शाह से वोट चोरी के मुद्दे पर SIR के मुद्दे पर बहस कर सकते हैं,तमाम सारे आरोप राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर लगाएhttp://news24hourslatest.in
वोट चोरी से हटे तो प्रदूषण पर आ गए:
राहुल गांधी ने जब अमित शाह से वोट चोरी,SIR के मुद्दे को लेकर सवाल उठाया तो गृह मंत्री अमित शाह ने अपने 90 मिनट के भाषण के दौरान राहुल गांधी के हर एक आरोप का जवाब दिया,उन्होंने वोट चोरी को सीधा 1952 के चुनाव से जोड़ दिया जब पंडित जवाहरलाल नेहरू मात्र दो वोट पाकर प्रधानमंत्री बने थे और 14 वोट पाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल प्रधानमंत्री नहीं बने, उसके बाद घुसपैठियों पर बात आई तो उन्होंने वेस्ट बंगाल और बांग्लादेश की सीमा रेखा जो राज्य सरकार के अंदर आती है उस पर भाषण दिया कि कैसे 500 किलोमीटर के एरिया में जहां फेंसिंग नहीं है वहां से बांग्लादेशी घुसपैठ करके भारत में आते हैं,जिनका काम था राज्य सरकार को रोकना लेकिन ममता बनर्जी ऐसा नहीं करती हैं क्योंकि उनको वोट चाहिए उन्हें घुसपैठियों से,अब जब यह सारा मुद्दा शांत हो गया तो राहुल गांधी ने दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण को अपना मुद्दा बनाया
प्रदूषण पर चर्चा अवश्य होनी चाहिए:
राहुल गांधी थोड़े बदले बदले से नजर आए उन्होंने एक बहुत संवेदनशील मुद्दा संसद में उठाया जो कि उठना भी चाहिए था,यह मुद्दा था प्रदूषण का राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में से कई गरीब लोग हैं जो इस प्रदूषण का शिकार हो रहे हैं उनके लिए सरकार को जरूर कुछ करना चाहिए,लाखों बच्चे ऐसे हैं जिन्हें फेफड़ों की बीमारी इस प्रदूषण की वजह से हो रही है और आने वाले समय में भी यह जो दूषित हवा है यह कई लोगों की जान ले लेगी,राहुल गांधी की यह बात बिल्कुल सही है कि प्रदूषण पर सरकार को नियंत्रित करना चाहिए नहीं तो आने वाले समय में लोगों को बीमारी छूने में
देर भी नहीं लगेगी
कैंसर,फेफड़ों की बीमारी,सांस की बीमारी:
दूषित हवा के वजह से लाखों लड़कों का भविष्य बर्बाद हो रहा है,राहुल गांधी ने कहा कि लोग कैंसर से परेशान हो रहे हैं,फेफड़ों की बीमारी हो रही है और जो बुजुर्ग है उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है इसका कारण सिर्फ दूषित हवा है,राहुल गांधी हमेशा आक्रामक अंदाज में अपना प्रश्न संसद में उठाते हैं लेकिन इस बार राहुल गांधी के तेवर थोड़े बदले बदले से थे,उन्होंने वह मुद्दा उठाया जिसे पहले ही उठाना चाहिए था चाहे वह सरकार किसी की भी हो,प्रदूषण बड़े-बड़े शहरों को तबाह कर रहा है खासकर उन लोगों को जो सड़कों के किनारे सोते हैं,झुग्गी बस्ती में रहते हैं,उनके बच्चों को अपंग बना रहा है प्रदूषण
इस बार राहुल गांधी सरकार से नहीं भिड़े:
राहुल गांधी हमेशा सरकार पर हमलावर होते हैं चाहे वह संसद में हो या संसद के बाहर हो,राहुल गांधी को कभी से कोई फर्क नहीं पड़ता की जनता उनके बारे में क्या कह रही है वह अपना मुद्दा बखूबी रखते हैं,और सरकार से सवाल करते हैं लेकिन इस बार राहुल गांधी के अंदाज़ कुछ अलग ही थे सरकार से भिड़ने के बजाय उन्होंने सरकार से हमदर्दी दिखाई,उनका कहना था कि हम सब मिलकर प्रदूषण को दूर करने के लिए कदम उठाएंगे, पहली बार राहुल गांधी सरकार की तरफ थोड़ी बहुत नरमी दिखाई और सहयोग के लिए हर पार्टियों को सामने आने की बात कही,राहुल गांधी ने कहा कि प्रदूषण सिर्फ एक दिल्ली या किसी विशेष राज्य का मुद्दा नहीं है बल्कि यह समूचे भारत का मुद्दा है राहुल गांधी ने सभी पार्टियों को यह कहा है कि प्रदूषण है,पर राजनीति छोड़कर कम से कम पांच और 10 साल के लिए एक ऐसा ठोस प्लान बनाना चाहिए जिससे कि वातावरण शुद्ध हो
मिलकर सहयोग करें एक दूसरे पर आरोप ना लगाये:
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रदूषण एक ऐसा मुद्दा है जिस पर पार्टियों को एक दूसरे पर आरोप नहीं लगाना चाहिए बल्कि सबको साथ मिलकर इस मुद्दे को हल करने के लिए कोई ठोस कदम उठाना चाहिए, देश को यह मैसेज जाना चाहिए कि हम सब साथ मिलकर इस प्रदूषण पर कोई ना कोई समाधान अवश्य निकलेंगे जिससे कि भारत प्रदूषण मुक्त हो,अगर सरकार इस पर अपना रवैया तय करें तो यह भारत के हित में होगा,धन्यवाद
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