कांग्रेस अपने ही संकट से परेशान है

दिल्ली के रामलीला मैदान में जो कांग्रेस ने महा रैली की यह केवल राजनीतिक ही नहीं थी बल्कि यह उस गहरे संकट की अभिव्यक्ति थी जिससे कि आज देश की सबसे पुरानी पार्टी जूझ रही है,नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार रैलिया करते हैं 10-10 दिन,15-15 दिन एक-एक राज्य में बिताते हैं जब चुनाव नजदीक आता है तो संविधान की किताब लेकर लोगों के बीच में जाते हैं और यह आरोप लगाते हैं कि भारतीय जनता पार्टी ने संविधान को खतरे में डाल दिया वोट चोरी करके सत्ता हासिल की और चुनाव आयोग उनका साथ दे रहा हैhttp://news24hourslatest.in
कांग्रेस अपने ही संकट से जूझ रही है:
राहुल गांधी हमेशा मंच से भाषण बहुत अच्छा दे रहे हैं लगातार आरोप लगा रहे हैं,लेकिन जवाब में भाजपा का भी तीखा पलटवार होता रहा है और इन सबसे यही संकेत मिल रहा है कि भारतीय राजनीति में कांग्रेस अभी खोई हुई जमीन तलाशने में हड़बड़ी कर रही है,भारतीय जनता पार्टी हर चीज को सोच समझकर चलती है तभी जाकर आज वह केंद्र में है और कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे हैं,राहुल गांधी अभी तक यह बात समझ नहीं पा रहे हैं कांग्रेस में नेता है नेतृत्व नहीं है,आपको बता दे कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए यह कहा कि कांग्रेस का वंदे मातरम भारतीय जनता पार्टी ने चुरा लिया साथी उन्होंने यह भी कहा की पार्टी की विचारधारा आज भी प्रासंगिक है लेकिन हमें यह सोचना चाहिए कि कांग्रेस की जो विचारधारा है उसे लोग क्यों नहीं स्वीकार कर रहे हैं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर हमला तो किया ही साथी जितने भी संवैधानिक संस्थाएं हैं उनको भी राहुल गांधी नहीं छोड़ते हैं,राहुल गांधी को ये समझना चाहिए कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान पर बिना ठोस सबूत सीधे आरोप लगाना यह केवल सत्ता पर हमला नहीं होता बल्कि यह लोकतंत्र पर भी बहुत बड़ा प्रहार होता है
प्रियंका गांधी भी राहुल गांधी की राह पर हैं:
राहुल गांधी जिस राह पर चल रहे हैं प्रियंका गांधी भी उसी राह पर चल रही है,राहुल गांधी लगातार वोट चोरी का आरोप भाजपा और संवैधानिक संस्थाओं पर लगा रहे हैं ठीक वही प्रियंका गांधी भी कर रही है मंच से भाषण देते हुए उन्होंने नारा लगाया वोट कर गद्दी छोड़ और यह भी कहा कि चुनाव आयोग इस पूरी प्रक्रिया में भारतीय जनता पार्टी के साथ मिला हुआ है,प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि जनता को अपने मताधिकार के महत्व को समझना चाहिए बात तो सत्य है लेकिन कुछ राजनीतिक विश्लेषक है जो यह कहते हैं कि कांग्रेस को वोट की कीमत का आभास तब हुआ जब उनका जनाधार दूर होता चला गया और भाजपा की तरफ शिफ्ट होता चला गया और यह भी कहा जा है कि जिस पार्टी ने दशकों से इस भारत पर राज किया,जनता का समर्थन दिया,लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई वहीं पार्टी आज जनता को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाती नजर आ रही है
कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी:
कांग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी कमजोरी ये है कि वह बिना सबूत के आरोप लगाते नजर आ रहे हैं,नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चुनाव आयोग पर लगातार आरोप लगा रहे हैं लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं पेश कर पा रहे हैं,कांग्रेस पार्टी की यही कमजोरी है बिना तलवार के वह लड़ाई में उतर जाते हैं,कांग्रेस पार्टी के पास ना तो कोई सकारात्मक एजेंडा है और ना ही ऐसा नेतृत्व मॉडल है जो मतदाताओं को मोड़ सके,ऐसे में सत्ता हासिल करना बहुत बड़ी चुनौती बन जाती है
रामलीला मैदान में हुए महारैली का क्या संदेश निकला है:
रामलीला मैदान की सभा ने यह साफ कर दिया कि कांग्रेस अभी अपनी खोई हुई राजनीति और मतदाता को इकट्ठा करने में लगी हुई है,कांग्रेस को यह मेहनत तो करना पड़ेगा अगर उसे अपनी जनता को इकट्ठा करना है क्योंकि दस साल कांग्रेस अपना जनाधार खोती चली जा रही है,यही कारण है की भावनात्मक अपील इतिहास की याद और आक्रामक आरोपी के बावजूद भी कांग्रेस को भरोसा नहीं मिल पा रहा है और ना ही वह जनता में अपनी पैठ बना पा रही है,2019 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं उसके पहले कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं 2026 में बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं,2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में अगर कांग्रेस पार्टी को चाहिए कि अपना जनाधार वापस करने के लिए वह अलग मुद्दा उठाएं और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करना बंद कर दें इससे जनता में जो द्वेष है कांग्रेस पार्टी के प्रति वह और बढ़ता चला जा रहा है इसका ताजा उदाहरण था बिहार का विधानसभा चुनाव जहां वोट चोरी के मुद्दे को जनता ने पूरी तरीके से खारिज कर दिया और कांग्रेस को बुरी तरीके से हार का सामना करना पड़ा,खैर अब देखते हैं की रामलीला मैदान में जो महारैली का आयोजन हुआ उससे क्या संदेश जाता है,धन्यवाद
