नितिन गडकरी का रामबाण कदम

जब भी सड़क दुर्घटना होती थी लोग परेशान हो जाते थे कि कोई ना कोई मिल जाए ऐसा साथी जो अस्पताल तक पहुंचा दे या फिर अगर एंबुलेंस को फोन करते थे तो आने में बहुत देर हो जाती थी,कभी-कभी पूरा कैस बिगड़ जाता था तब एंबुलेंस आती थी,सड़क दुर्घटनाओं के बाद लापरवाही देखने को मिलती है की एंबुलेंस पहुंची नहीं पाती है और इसका खामियां हमे भुगतना पड़ता है,इसलिए अगर कहीं दुर्घटना हो जाती है तो 10 मिनट में वहां एंबुलेंस उपलब्ध हो जाए इसके लिए केंद्र देगा राज्यों को एंबुलेंस और यह कदम एक तरह से रामबाण साबित होने वाला हैhttp://news24hourslatest.in
केंद्र और राज्य में होगी सहमति:
आपको बता दे की अगर कहीं दुर्घटना हो जाती है तो 10 मिनट में वहां एंबुलेंस उपलब्ध हो जाए इसके लिए केंद्र देगा राज्यों को एंबुलेंस,केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ एमओयू करने जा रही है ताकि कहीं भी दुर्घटना हो तो 10 मिनट के अंदर एंबुलेंस पहुंचे और उस व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचा दे,यमुना एक्सप्रेस वे पर बड़े हादसे के 1 घंटे बाद एंबुलेंस पहुंचने का मुद्दा कांग्रेस के सांसद प्रमोद तिवारी ने राज्यसभा में उठाया था तो इसे केंद्र सरकार ने सीरियस लिया
कांग्रेस ने उठाई कदम:
आपको बता दे की कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने दुर्घटना के घंटे बाद एंबुलेंस पहुंचने का मुद्दा राज्यसभा में उठाया,अभी हमने देखा कि कैसे यमुना एक्सप्रेसवे पर गंभीर हादसा हुआ और एंबुलेंस घंटोे बाद पहुंची यही कारण है कि लोगों की जान भी चली जाती है,इस मुद्दे को काफी सीरियस लिया गया और उसके बाद यह निर्णय लिया गया कि कहीं भी कोई एक्सीडेंट होता है या दुर्घटना होता है तो 10 मिनट के अंदर वहां पर एंबुलेंस पहुंच जाना चाहिए,नितिन गडकरी ने कहा कि राज्य किलोमीटर के हिसाब से एंबुलेंस की मांग करें,केंद्र सरकार अपने पैसे से एंबुलेंस उपलब्ध कराएगी लेकिन सर्त होगी कि वह दुर्घटना के बाद 10 मिनट में वहां पहुंच जाना चाहिए ताकि घायलों को बचाया जा सके
हर साल दुर्घटना बढ़ती जाती है:
180000 लोगों की देशभर में हर साल दुर्घटना में मौत हो जाती है इसमें से अधिकतर एम्बुलेंस न पहुंचने की वजह से भी होती है,आपको बता दे की 5 लाख सड़क दुर्घटना होती है हर साल,समय पर इलाज न मिलने पर लगभग 50000 से 1 लाख जान बचाई नहीं जा सकती है,लेकिन एंबुलेंस के विलंब होने के कारण जान चली जाती है,नितिन गडकरी का कहना है कि राज्य किलोमीटर के हिसाब से 100 से 150 जितनी एंबुलेंस तय करें,उन्हें केंद्र सरकार अपने पैसे से उपलब्ध कराये और राज्य उसको लागू करें और जहां भी दुर्घटना हो वहां 10 मिनट के अंदर वहां एंबुलेंस पहुंच जाए
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने क्या स्वीकार किया:
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह स्वीकार किया की घटना के बाद 10 मिनट में एंबुलेंस पहुंचने की व्यवस्था होनी चाहिए,उन्होंने इस पूरे मुद्दे को देखते हुए राहवीर योजना बनाई है,नितिन गडकरी ने यह भी बताया कि अस्पताल पहुंचाने वालों को भी पुरस्कृत किया जाएगा और इसके लिए राज्य सरकार केंद्र के साथ MoU करने जा रही है,हर साल कोहरे में लाखों एक्सीडेंट होता है,लाखों लोग मरते हैं इससे भी कोई ना कोई व्यवस्था होनी चाहिए
टोल फ्री नंबर एक ही होगा:
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों को पत्र लिखा गया है अभी कई राज्यों में एंबुलेंस के अलग-अलग टोल फ्री नंबर है,उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र इस दिशा में काम करें और सभी राज्यों को एंबुलेंस के लिए केवल एक ही टोल फ्री नंबर दे ताकि वह नंबर सबको याद रहे और कहीं भी दुर्घटना हो तो उस नंबर पर तुरंत फोन किया जाए और 10 मिनट के अंदर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त जगह पर तुरंत पहुंच जाए ताकि लोगों की जान बचाई जा सके,आपको बता दे कि कोहरे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा हुआ जिसमें 19 लोगों की मौत हो चुकी है और यह कोहरे के चलते हुआ, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पहले स्पष्ट किया कि यमुना एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश के अधीन आता है साथी उन्होंने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति हम बहुत गंभीर हैं और राज्य को केंद्र को मिलकर इस पर काम करना चाहिए,उन्होंने यह भी बताया कि रोड और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में बहुत सुधार हुए हैं,आंकड़े बताते हैं कि देश में प्रतिवर्ष 5 लाख एक्सीडेंट में लगभग 80000 मोटे हो जाती है और इसी को मुद्दा बनाया नितिन गडकरी ने और कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ Mou साइन करके उसे एंबुलेंस दे जिससे कि हजारों लोगों की जान बचाई जा सके,यह कदम बहुत ही सराहनीय कदम है
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