news24hourslatest

Yusuf Pathan Vs Owaisi,ओवैसी जैसे यूसुफ पठान नही हो सकते

ओवैसी जैसे यूसुफ पठान नही हो सकते

ओवैसी जैसे यूसुफ पठान नही हो सकते
ओवैसी जैसे यूसुफ पठान नही हो सकते

केंद्र सरकार ने पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए एक संसदीय दल का गठन किया था,केंद्र सरकार ने 7 डेलीगेशन तैयार किए थे जिसमे करीब 57 सांसद अलग अलग पार्टी से शामिल थे,जो अलग अलग देशों में जाके पाकिस्तान की पोल खोलेंगे, जिनमे एक नाम पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का भी था,यूसुफ पठान ममता बनर्जी की पार्टी त्रिमूल कांग्रेस के नेता है लेकिन यूसुफ पठान ने ये कहते हुए जाने से इंकार कर दिया की वो उपलब्ध नहीं है,लेकिन ऐसा माना जा रहा है की यूसुफ पठान अपने पार्टी के मना करने से नहीं गएhttp://news24hourslatest.in

ऑपरेशन सिंदूर द्वारा पाकिस्तान को उसके घर में घुस कर बुरी तरीके से हमला करने के बाद जब पाकिस्तान ये जान चुका की अब युद्ध विराम के अलावा कोई चारा नहीं है तो उसने भारत से संपर्क करके युद्धविराम किया.युद्ध विराम के बाद भारत ने एक संसदीय दल की गठन की जिसमे केंद्र सरकार का उद्देश्य वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की पोल खोलने का है,केंद्र सरकार ने 7 डेलीगेशन तैयार किए जिसमे करीब ५७ सांसद अलग अलग पार्टी से शामिल थे,इस डेलीगेशन में पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम भी शामिल किया गया था,लेकिन खबर ये आई की यूसुफ पठान ने इंकार कर दिया ये कह के की वो उपलब्ध नहीं है,केंद्र सरकार ने सीधा यूसुफ पठान से संपर्क किया इस काम के लिए,लेकिन यूसुफ ने विदेश जाने से इंकार करते हुए कहा है कि वह डेलिगेशन के साथ विदेश जाने के समय उपलब्ध नहीं हो पाएंगे,इस पर टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्मंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी,ममता बनर्जी का कहना है की उनकी पार्टी केंद्र सरकार के विदेश नीति का समर्थन करती है लेकिन पार्टी से बिना पूछे उसके नेता को डेलीगेशन में शामिल करना उचित नहीं है,उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीएमसी से कोई भी सांसद इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं बनेगा, चाहे वो यूसुफ पठान हों या कोई और.
वही टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का कहना है की हम आतंकवाद के खिलाफ सरकार के साथ खड़े है लेकिन हमारी पार्टी से कौन प्रतिनिधिमंडल में जाएगा, ये पार्टी तय करेगी,भाजपा नहीं

ओवैसी ने खुल कर समर्थन किया
वही केंद्र सरकार इस मामले में ओवैसी के नाम भी चयनित किया लेकिन ओवैसी ने एक शब्द बोले बिना सरकार का समर्थन किया,ओवैसी ने हर मंच पर पाकिस्तान को बुरा कहा उसकी कड़ी निन्दा की,यहां तक की ओवैसी ने बहरीन,कुवैत में भी पाकिस्तान की पोल खोलने में जरा सी भी देरी नहीं की,ओवैसी भारत के मुसलमानों को पाकिस्तान के मुसलमानों से बिलकुल अलग कर दिया,उनका कहना था भारत का मुस्लमान कभी भी आतंकवाद का समर्थन नहीं करता और पाकिस्तान के मुस्लमान आतंकवाद का समर्थन करते है,यूसुफ पठान का कोई भाषण या कोई पोस्ट भी नही देखने को मिला की कही वो कहे वो की पाकिस्तान आतंकवाद जा जड़ है,इससे पता चलता है की यूसुफ सिर्फ सियासी रोटियां सेक रहें हैं.उन्हें देश से कोई मतलब नहीं है.
देश भक्ति की बात की जाए तो ओवैसी ने ये साबित कर दिया की देश को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ सकता,उनका कहना है की सब पार्टियों को अपनी विचाधारा होती है,नेताओं में वैचारिक मतभेद जरूर होते है,लेकिन जब बात देश की हो तो सबको एक हो जाना चाहिए
ओवैसी केंद्र सरकार के हर फैसले कि जमकर विरोध करते है,चाहे वो वक्फ कानून हो,तीन तलाक का मामला हो या फिर कोई और ओवैसी केंद्र सरकार के किसी भी फैसले का समर्थन नहीं करते है,लेकिन जब पाकिस्तान के आतंकियों ने पहलगाम में निर्दोष लोगों की हत्या की वो भी धर्म पूछ कर,तब ओवैसी ने अपनी असली देश भक्ति दिखाई और पाकिस्तान को हर मंच पर चाहे वो भारत में हो या विदेश में,हर जगह बेनकाब किया,जो की एक देश भक्त को करना चाहिए जिसके लिए ओवैसी की भारत में बहुत सराहना भी की जा रही है और होनी भी चाहिए,अंत में इतना कहना चाहता हूं की यूसुफ पठान की ओवैसी से सीखना चाहिए की जब देश की बात आए तो सबकुछ त्याग कर एक हो जाना चाहिए

ये भी पढ़े:Owaisi nikale BJP MP ke sath,ओवैसी की देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं

Author

  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

    View all posts
Exit mobile version