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बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की आग में जला 

बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की आग में जला 

बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की आग में जला 

 

 

 

 

बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की आग में जल रहा है, बांग्लादेश में एक मौत हुई है और वह शख्स नेता ही नहीं बल्कि एक बांग्लादेश के आंदोलन की आवाज था जिसे मार दिया गया,इस व्यक्ति की मौत ने पूरे बांग्लादेश को फिर से आंदोलन करने के लिए प्रेरित कर दिया है, आपको बता दें की मौत के वजह से बांग्लादेश में फिर से आगजनी शुरू हो गई है,आखिर वो व्यक्ति कौन है जिसे मारा गया है और बांग्लादेश के लोग इस मौत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैंhttp://news24hourslatest.in
वह व्यक्ति कौन है जिसे मारा गया:
आपको बता दे की उस्मान हादी बांग्लादेश के एक मशहूर राजनीतिक नेता थे,12 दिसंबर 2025 को कुछ अज्ञात लोगों ने उस्मान हादी पर अचानक गोलियों की बौछार कर दी,गोली उस्मान हादी के सिर में मारी गई जिसकी वजह से उनकी हालत गंभीर हो गई,गंभीर चोट आने के बाद उन्हें बांग्लादेश के अस्पताल में भर्ती कर दिया गया,हालात न सुधरने पर उन्हें सिंगापुर रेफर कर दिया गया,करीब 6 दिन तक उनका इलाज चलता रहा उसके बाद उनकी मौत हो गई,आपको बता दे कि उनकी मौत की खबर सुनते ही बांग्लादेश में आंदोलन तेज हो गया,प्रदर्शनकारीयों ने कई जगह आगजनी की और आंदोलन किया जिसके वजह से पूरा बांग्लादेश फिर से दहल उठा है
कौन थे उस्मान हादी:
उस्मान हादी बांग्लादेश के एक छात्र और राजनीतिक नेता थे,आपको बता दे की उस्मान हादी प्रमुख रूप से भारत विरोधी रुख और सरकार के खिलाफ आंदोलन के लिए जाने जाते थे,उस्मान हादी जो आंदोलन हुआ था बांग्लादेश में जुलाई में उसके अग्रिम पंक्ति के नेता माने जाते थे,बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ खुलकर विरोध प्रदर्शन के लिए जाने जाते थे, बांग्लादेश में उस्मान हादी की हत्या ने एक सवाल पैदा कर दिया है कि अगर कोई सरकार के विरोध में आवाज उठाएगा तो उसकी हत्या कर दी जाएगी
ढाका में विरोध प्रदर्शन:
जैसे ही बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत की खबर आई वैसे ही राजधानी ढाका में विरोध प्रदर्शन जारी हो गया लोगों ने सड़कों पर उतरकर सरकार का विरोध करना शुरू कर दिया,ढाका विश्वविद्यालय का छात्र संगठन भी इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, छात्रों ने पैदल शोक मार्च निकाला,और बांग्लादेश के गृह सलाहकार का पुतला भी फूंक दिया गया,प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार हमलावरों को पकड़ने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है
पहले शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ फिर हुई हिंसा:
उस्मान हादी की हत्या के बाद छात्रों ने वहां के लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करना शुरू किया लेकिन देखते ही देखते यह प्रदर्शन हिंसा में तब्दील हो गया,खबर यह भी आई है की सबसे अधिक निशाना जो बनाया गया वह मीडिया को बनाया गया,बांग्लादेश के राजधानी ढाका में बंगाली अखबार के ऑफिस पर भी जमकर तोड़फोड़ हुआ जिसके कारण कुछ पत्रकार और कर्मचारी भी घायल हो गए,आपको बता दे कि करीब 25 से 30 पत्रकार उस इमारत में करीब चार से पांच घंटे तक फंसे रहे,यहां तक की दमकल की गाड़ियां भी भीड़ के कारण समय पर नहीं पहुंच सकी,बाद में जब वहां सेनाओ की तैनाती की गई तब जाकर वहां के पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
बांग्लादेश की सरकार क्या कार्रवाई कर रही है:
आपको बता दे की हालत बिगड़ने के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने देश भर में सुरक्षा कड़ी कर दी है, सरकार ने ऑपरेशन डेविल हंट 2 शुरू करने का ऐलान कर दिया है,इसके साथ ही चुनावी उम्मीदवारों और प्रमुख राजनीतिक व्यक्तियों को हथियार लाइसेंस देने की प्रक्रिया आसान करने की घोषणा कर दी है,अब सरकार का यह फैसला हालात पर कितना नियंत्रित करेगा यह तो वक़्त ही बतायेगा,वही उस्मान हादी के मौत पर बांग्लादेश में एक दिन का शोक का ऐलान भी किया गया है,सरकार ने कहा कि उस्मान हादी आंदोलन के योद्धा थे,युवाओं की आवाज थे और जो भी दोषी हैं उन्हें भी किसी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा,दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाएगी,सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि उस्मान हादी की पत्नी और उनके पुत्र की जिम्मेदारी भी सरकार के अधीन रहेगी,साथ ही सरकार ने शांति और संयम बनाए रखने की अपील भी की है
बड़ी संख्या में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में लोग सड़कों पर उतरे हैं,नारे लगा रहे है,आंदोलन हो रहे हैं लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है,लोगों का कहना है कि जो भी साजिश करता है,उन्हें जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें मौत की सजा दी जाए अब देखते हैं आगे बांग्लादेश की सरकार का क्या कदम होता है,धन्यवाद

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  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

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