बंगाल के हिंदुओं की आंच भारत तक पहुंची

इस समय बंगाल की स्थिति बहुत ही संवेदनशील है, बंगाल में जैसी अराजकता हुई है वैसी नहीं होनी चाहिए और इसका असर बंगाल के पड़ोसी देश पर भी पढ़ रहा है,जिसमें से एक भारत है हमने देखा कि कैसे एक आंदोलनकारी ने जिसे शेख हसीना की सरकार गिराने में अहम रोल निभाई जिसका नाम है उस्मान हादी उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई और उसके बाद बंगाल में एक हिंदू को सरेआम जला दिया गया,ऐसी घिनौने कृत्य से पूरे विश्व में अराजकता का संदेश पहुंचता है,इस कृत्य से हर समुदाय में द्वेष की भावना जबरदस्त पैदा हो गई हैhttp://news24hourslatest.in
बांग्लादेश में सरेआम हिंदू को मारा:
बांग्लादेश में जो हिंदू को मारा गया है उसकी आंच भारत तक पहुंच रही है,जो भी अराजकता बंगाल में फैली हुई है वह भारत के लिए भी खतरे का सबब बन रही है, पिछले वर्ष शेख हसीना की सरकार गिर गई और वह देश छोड़कर भाग गई तब से बंगाल के हालात काफी बिगड़ चुके हैं और हालात बीते दिनों तब और बिगड़ गए जब एक छात्र नेता को गोली मार दी गई यह वही छात्र नेता था जिसे कुछ दिनों पहले पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने की धमकी दी थी कुछ लोगों ने उसे गोली मार दी उसके बाद उसे सिंगापुर ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई उस्मान हाथी के मौत के बाद बंगाल में जबरदस्त आंदोलन हुआ
कब तक जलता रहेगा बांग्लादेश:
आपको बता दे कि बांग्लादेश में आंदोलन तभी से चरम सीमा पर है जब से शेख हसीना की सरकार गिरी है, उसके बाद जो उस्मान हादी की हत्या हुई उससे और हिंसा भड़क उठी है,आपको बता दे की उस्मान हादी के विरोध में हो रहा है प्रदर्शन में बंगाल के दो प्रमुख अखबारों के दफ्तर में आग लगा दी गई और एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र को भी आग के हवाले कर दिया गया, और आपको बता दे कि जिस अखबारों के कार्यालय पर आग लगा दी गई थी उसमें करीब 24 पत्रकार फंसे हुए थे जिन्हें कई घंटे के मेहनत के बाद सुरक्षित निकाला गया
भारत के खिलाफ माहौल:
आपको बता दे की बांग्लादेश में हिंसा इतनी व्यापक हो गई कि भारत के खिलाफ माहौल बनाने के लिए भारतीय उच्चायोग का घेराव शुरू कर दिया गया,और इसी कारण वहां की वीजा सेवाएं बंद कर दी गई,यह सब तब हुआ जब कुछ ही दिनों पहले बांग्लादेश में भारत के खिलाफ उग्र बयान बाजी के लिए वहां के उच्चायुक्त को तलब कर नाराजगी जताई गई थी बांग्लादेश में भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले ही नहीं बल्कि जितने भी अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हैं विशेष कर हिंदू पर हमले करने वाले भी बेलगाम हो गए हैं यानी कि हिंदुओं पर लगातार हमले किए जा रहे हैं और हिंदुओं को मारा भी जा रहा है
गलत आरोप में मारा गया हिंदू:
आपको बता दे की कुछ दिन पहले बांग्लादेश में एक हिंदू को सरेआम मारकर उसकी लाश को पेड़ पर टांग कर जला दिया गया और जो भी आरोप उस हिंदू पर लगाए गए थे वह सब निराधार थे और झूठे थे,बांग्लादेश में इस समय ऐसा माहौल है कि सब हिंदू डरे हुए हैं,उग्र आंदोलन हो रही है,लोग सड़कों पर उतर रहे हैं,छात्र अपने कॉलेज छोड़कर प्रदर्शन में लगे हुए हैं और यह सब तब हो रहा है जब बंगाल की अंतरिम सरकार को प्रमुख नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस चुने गए हैं, आपको बता दे कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस कट्टरपंथियों के साथ-साथ,भारत विरोधी तत्वों के हाथों में कठपुतली बनाकर खेल रहे हैं और उन्हें पदवी दे रहे हैं,आपको बता दे की कुछ दिन पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की संसदीय समिति ने बांग्लादेश में कट्टरपंथी तत्वों के साथ पाकिस्तान और चीन की भी बढ़ती सक्रियता पर बहुत अधिक चिंता जाता है और यह भी कहा कि इस पड़ोसी देश की घटनाएं से भारत को काफी संकट होने वाला है
हिंदू हो गए हैं आफत:
बांग्लादेश में हिंदुओं की जान को तो आफत है,अब वहां भारतीय हिंदुओं के लिए बहुत अधिक खतरा पैदा हो गया है और आपको बता दे कि बंगाल में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं और ऐसे समय इतना आंदोलन होना यह दर्शाता है कि बंगाल की सरकार अब लाचार है,आपको बता दे कि इन चुनाव में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को भाग लेने के रोका गया है और साथ ही पाकिस्तान परस्त जमाते इस्लामी समेत अन्य कट्टरपंथी ताकतों को भी चुनाव लड़ने की छूट दे दी गई है,सोचिए की चुनाव के बाद वहां इस्लामी कट्टरपंथियों के वर्चस्व वाली सरकार आ जाएगी तो भारत के लिए कितनी बड़ी नाकामी होगी क्योंकि वह भारत के हितों के खिलाफ काम करना शुरू कर देगी,अब देखना है कि भारत और बांग्लादेश के रिश्तों पर इन आंदोलनों का कितना प्रभाव पड़ता है
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