आईए जानते हैं खालिदा जिया का सियासी सफर

बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया लंबे समय से बीमार चल रही थी जिसकी वजह से उनका निधन हो गया आपको बता दे की 1980 के दशक में सैन्य तानाशाह जनरल इरशाद के खिलाफ खालिदा जिया ने एक लंबा आंदोलन चलाया और इस आंदोलन से एक नेता की पहचान बनी,1945 में खालिदा जिया का जन्म हुआ और बंटवारे के बाद उनके परिवार पाकिस्तान चला गया,आपको बता दे की 16 दिसंबर 1971 को पूर्वी बंगाल को आजादी मिली और वह बांग्लादेश के रूप में अस्तित्व में आया,खलीदा जिया तीन बार लगभग प्रधानमंत्री बनी बांग्लादेश की और भारत के साथ उनका संबंध कठिन दौरो से भी गुजरा है, आईए जानते हैं खालिदा जिया का सियासी सफरhttp://news24hourslatest.in
खरीद जिया का सियासी सफर:
1-खालिदा जिया का जन्म 15 अगस्त 1945 को हुआ, उस समय भारत ब्रिटिश का गुलाम था
2-1971 में जब बांग्लादेश मुक्ति आंदोलन शुरू हुआ तो खालिदा जिया अपने घर परिवार में व्यस्त थी,उस दौरान पाक सेवा में मेजर उनके पति जियाउर रहमान ने पाक के खिलाफ विद्रोह कर 27 मार्च 1971 को बांग्लादेश की स्वतंत्रता की घोषणा की 9 महीने चली,संघर्ष के बाद 16 दिसंबर 1971 को बांग्लादेश का जन्म हुआ और 1977 को रहमान ने राष्ट्रपति पद संभाला और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की नींव रखी 1978 में
3-खालिदा के पति रहमान की हत्या 30 में 1981 को हुई और उसके बाद खालिदा पार्टी की प्राथमिक सदस्य बनी 12 जनवरी 1984 को उन्हें पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया
4-1986 में इरशाद ने राष्ट्रपति की चुनाव की घोषणा की जिसका खालिदा ने बहिष्कार किया और प्रमुख चेहरा बनी 1991 में हुए आम चुनाव में पहली बार वह जीत कर सत्ता में आई
5-1996 में खालिदा की पार्टी ने सत्ता वापसी की लेकिन 12 दिन तक ही सरकार चला पाए,2001 में उन्हें सत्ता वापस मिला की और प्रधानमंत्री चुनी गई
6- 1991,1996 और 2001 के चुनाव में पांच अलग-अलग संसदीय क्षेत्र से चुनी गई 2008 में वह उन तीनों क्षेत्रों से जीती जहां से उन्होंने चुनाव लड़ा था,चार दशक तक राजनीतिक हस्ती बनी रही,सोचिए लंबा सफर उन्होंने तय किया
विवादों से घिरी रहती थी खालिदा जिया:
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जीया विवादों से अक्सर खीरी रहती थी
1-2007 में खालिदा को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया
2-जीवन के अंतिम 15 से 20 वर्ष तक भ्रष्टाचार के आरोपोे के खिलाफ खालिदा जिया लगातार लड़ती रही
3-1991 से 1996 के पहले कार्यकाल में लुक ईस्ट पॉलिसी अपनी जिसके कारण भारत से भी उनके संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे
4- 8 फरवरी 2018 को खालिदा जिया को 5 साल की सजा सुनाई गई उसके बाद इन्हें 7 वर्ष की सजा मिली
5-2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटाने के बाद खालिदा को राष्ट्रपति द्वारा माफी दिया गया
भारत के साथ रिश्ते तनावपूर्ण रहे:
आपको बता दे कि बांग्लादेश की प्रभावशाली नेता रही खालिदा जिया के भारत के साथ रिश्ते हमेशा उतार-चढ़ाव में रहे खालिदा अंदर भारत से इतनी नफरत करती थी कि एक बार तो उन्होंने बांग्लादेश दौरे पर गए भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने से मना कर दिया,आपको बता दे कि उनके दूसरे कार्यकाल में भारत के साथ रिश्ते इतने बेहतर नहीं रहे,उन्होंने भारत के खिलाफ बयान बाजी की जिसका भारत नें खूब विरोध किया,जब उनकी सरकार चली गई तो विपक्ष में रही,तब यूपीए के सरकार के दूसरे कार्यकाल में रिश्ते बेहतर करने की कोशिश की गई
पुतुल नाम से जानी जाती थी खालिदा जिया:
आपको बता दे कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री पुतुल नाम से जानी जाती थी,उनका पूरा नाम खालिदा खानम पुतुल था,खालिदा को उनके संबंधी पुतुल नाम से पुकारते थे,आज वह इस दुनिया में नहीं है और उनके देहांत पर बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने 3 दिन का राजकीय शोक और एक दिन का अवकाश रखने की घोषणा की है
भारत के नेताओं ने भी संवेदनाएं व्यक्त की:
बांग्लादेश के पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के बाद भारत में भी उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गई, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे,कांग्रेस नेता राहुल गांधी,पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित अन्य नेताओं ने खालिदा जिया के प्रति अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की