कहां सो रहे थे सियासी पार्टी चुनाव के वक्त,कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई:Supreme Court

SIR के मुद्दे को लेकर पूरे देश में हंगामा हो रहा है, विपक्षी पार्टियों लगातार चुनाव आयोग पर हमलावर है उनका कहना है कि SIR के जरिए नए वोटर जोड़े जा रहे हैं जिसमें धांधली होने की संभावना है,ये मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय मे गया और सुप्रीम कोर्ट ने आज फटकार लगाते हुए यह कहा की चुनाव के वक्त जो बूथ लेवल एजेंट थे वह क्या कर रहे थे,उन्होंने क्यों नहीं कोई आपत्ति दर्ज कराई अभी तकhttp://news24hourslatest.in
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख:
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राजनीतिक दल को फटकारते हुए उनकी निष्क्रियता पर हैरानी जताई है,सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया है BLA जिन्हें बूथ लेवल एजेंट कहा जाता है,सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि जब धांधली हो रही थी या फिर कोई दिक्कत हुई तो उन्होंने उस समय आपत्ति दर्ज क्यों नहीं कराई,कहां थी सारी राजनीतिक पार्टियों,राजनीतिक दलों को जनता की मदद करने के लिए आगे आना चाहिए,किसी भी बूथ लेवल एजेंट को चाहिए कि अगर उसे कोई दिक्कत हो रही है तो वह तुरंत आपत्ति दर्ज कराये अगर कोई आपत्ति नहीं दर्ज करते हैं इसका मतलब की सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है,आखिर राजनीतिक पार्टियों क्यों लोगों की मदद करने में आगे नहीं आ रही है
चुनाव आयोग ने क्या कहा सुप्रीम कोर्ट से:
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी बात रखी, चुनाव आयोग का कहना है कि जो भी पार्टियां SIR के मुद्दे को लेकर शोर शराबा मचा रही हैं उनमें से किसी राजनीतिक दल ने अभी तक कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई,चुनाव आयोग का कहना है कि राजनीतिक पार्टियों के पास 1,61,000 बूथ लेवल एजेंट उपलब्ध है, उस समय किसी को कोई आपत्ति या कोई कमी नजर नहीं आई,चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि 263000 नए वोटर ने रजिस्ट्रेशन अर्जी दाखिल किया 1 अगस्त के बाद
65 लाख लोगों की भी जानकारी मिल सकती है:
चुनाव आयोग ने कहा है कि 65 लाख लोगों की डिजिटल जानकारी उपलब्ध हो सकती है,चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने सुप्रीम कोर्ट में यह बताया कि की ड्राफ्ट लिफ्ट में नाम शामिल नहीं किए जाने का भी कारण बताया और बाद में इसे हमने वेबसाइट पर भी डाला और बूथ लेवल एजेंट को भी इसकी जानकारी दे दी गई थी,65 लाख लोग डिजिटल रूप से जानकारी हासिल कर सकते हैं अपने आधार कार्ड जमा कर सकते हैं,अगर उनको कोई सुधार करना है तो आपत्ति दर्ज कर सकते हैं,उसमें सुधार भी किया जाएगा,वही आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि विपक्षी पार्टियों शोर शराबा खूब मचा रहे है लेकिन लिखित रूप से किसी ने आपत्ति दर्ज अभी तक नहीं कराई है
कोर्ट का सवाल चुनाव आयोग का जवाब:
मामले की गहराई को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि कितने BLA नियुक्त किए गए हैं, इस पर चुनाव आयोग ने जवाब दिया कि 1,61,000 BLA की नियुक्ति हुई है,और खास बात यह है कि 1,61,000 में से किसी ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई,विरोध करना है तो आप विरोध करिए लेकिन उसको एक सही नजरिए से विरोध करिए आपने आपत्ति दर्ज नहीं कराई और शोर शराबा मचा रहे हैं
राकेश द्विवेदी ने एक और बात क्या कहीं:
चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि सांसदों ने याचिका दाखिल की लेकिन किसी राजनीतिक दलों ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई,उदहारण के तौर पर
कपिल सिब्बल ने कहा कि वह राजद के सांसद मनोज झा के याचिका में पेश हो रहे हैं,पार्टी के याचिका पर नहीं
चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से अपना जवाब दिया की राहुल गांधी ने अभी तक कोई हलफनामा लिखकर चुनाव आयोग को नहीं दिया की कोई जांच होनी चाहिए जबकि चुनाव आयोग ने कहा था कि 7 दिन में या तो माफी मांगे या हलफनामा लिख कर दे,SIR का मुद्दा बेहद गंभीर मुद्दा है विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग नए वोटरों को जोड़ करके वोटो की चोरी कर सकती है,राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के साथियों का कहना है कि हम यह वोट चोरी होने नहीं देंगे,अगर नए वोटर ऐड हो रहे हैं और पुराने जितने जो घुसपैठिए हैं उन्हें हटाया जा रहा है तो यह कहां तक गलत है,खैर अब देखना है की सुप्रीम कोर्ट आगे क्या कार्रवाई करती है और कोई भी पार्टी जाकर आपत्ति दर्ज कराती है या नहीं करती है,आगे जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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