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FATF की ग्रे लिस्ट में आने के बाद क्या होता है:

FATF की ग्रे लिस्ट में आने के बाद क्या होता है:

FATF की ग्रे लिस्ट में आने के बाद क्या होता है:
FATF की ग्रे लिस्ट में आने के बाद क्या होता है:
                                                                                                                                                                                                                                                         FATF का मतलब होता है फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स हिंदी में बोले तो वित्तीय कार्रवाई कार्य बल,FATF का काम आतंकवादी वित्त पोषण से निपटने के लिए है, मनी लांड्रिंग आतंकवादी की पोषण की तकनीक और प्रति उपायों की समीक्षा करता है जिससे जोखिम भरी कामों को कम करने की मदद मिलती है, lआपको बता दे कि इसकी स्थापना 1979 में पेरिस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी,और 2001 में इसे आतंकवादी वित्त पोषण में शामिल करने के लिए विस्तार किया गया था,भारत 2010 में FATF का 34 वाँ सदस्य बनाhttp://news24hourslatest.in
FATF की लिस्ट में आने के बाद क्या होता है:
अगर कोई भी देश FATF की लिस्ट में आ जाता है तो उसे आर्थिक और राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ता है,FATF की लिस्ट में आने के बाद आर्थिक सहायता मिलने में बहुत मुश्किल होती है,और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी समस्याएं उत्पन्न होती हैं,और पाकिस्तान FATF के ग्रे लिस्ट में 2018 में आ चुका था और फिर 2025 में आने की भी संभावना है
क्या होता है ग्रे लिस्ट में आने के बाद:
ग्रे लिस्ट में अगर कोई देश शामिल होता है तो इसका मतलब की देश की मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने की क्षमता में कमी है,यह उन देशों की सूची है जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद से निपटने के लिए जो मानक तैयार किए गए हैं उसे पर खरे उतरते नहीं है, ऐसे ही देश पर वित्तीय संस्थाएं कड़ी नजर रखती हैं,और फिर उन पर दबाव डाला जाता है
क्या परिणाम होता है फैट में आने के बाद:
1-FATF की सूची में आने के बाद अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के द्वारा दबाव बनाया जाता है,जिसमें व्यापार, निवेश और वित्तीय लेनदेन पर प्रतिबंध शामिल हो सकते हैं.
2- FATF में शामिल होने के बाद आर्थिक सहायता मिलने में बहुत मुश्किल होती है, मतलब कि ऐसे देश को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करना बहुत मुश्किल होता है
3- FATF में शामिल होने के बाद अंतर्राष्ट्रीय देश से व्यापारिक संबंध भी खराब हो जाते हैं,क्योंकि अन्य देश उनसे व्यापार करने में सावधानी बरतते हैं,सतर्क रहते हैं
4- ग्रे लिस्ट और ब्लैक लिस्ट दोनों में शामिल होने के बाद अंतर्राष्ट्रीय देश से अलगाव का सामना करना पड़ता है,किसी भी तरीके की मदद से वह देश वंचित रहता है,जिससे उनकी आर्थिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा पर गहरा असर पड़ता है.
FATF में कौन-कौन देश शामिल है:
FATF में वर्तमान में 39 सदस्य शामिल हैं,जिसमें 37 सदस्य क्षेत्राधिकार और दो क्षेत्रीय संगठन शामिल है
39 सदस्य जो शामिल है उनके नाम है:
ऑस्ट्रिया,अर्जेंटीना,ऑस्ट्रेलिया,बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चीन, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हांगकांग (चीन), आइसलैंड, भारत, आयरलैंड, इजरायल, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, लक्जमबर्ग, मलेशिया, मैक्सिको, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, रूस, सऊदी अरब, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और वेनेजुएला
भारत कब शामिल हुआ फैट में:
आपको बता दे कि भारत फैट का 34 वा सदस्य है और 2010 में फैट में शामिल हुआ था
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  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

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