अब नहीं झुकेगा भारत अमेरिका के सामने:Tariff War

अमेरिका ने तरह-तरह के टैरिफ भारत पर लगाये, अमेरिका की बात भारत मानने से इनकार करता है तो अमेरिका गुस्से में आकर भारत के समानों पर टैरिफ लगा देता है,हाल फिलहाल अमेरिका ने 25 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया है,अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिका के हिसाब से चले तो वह अब पॉसिबल नहीं, भारत ने अमेरिका को दो टूक सुना दीhttp://news24hourslatest.in
जहां से सस्ता तेल मिलेगा वहीं से खरीदेंगे हम:
हाल फिलहाल के दिनों में तेल को लेकर काफी विवाद हो रहे हैं भारत रूस से तेल खरीदना चाहता है क्योंकि रूस सस्ते दामों पर तेल भारत को दे रहा है जो अमेरिका को बर्दाश्त नहीं हो रहा है,अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिका से तेल खरीदें जो की महंगा भी है लेकिन लेकिन भारत को रूस से सस्ता तेल मिल रहा है तो वह अमेरिका से क्यों खरीदेगा इसी कारण अमेरिका ने भारत पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया परंतु भारत में भी कह दिया है कि तुम चाहे कितना भी टैरिफ लगा लो हमें जहां से सस्ता तेल मिलेगा हम वहीं से खरीदेंगे,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं,अमेरिका और भारत के बीच लगातार तनाव बढ़ता ही जा रहा,भारत रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीद रहा है और अमेरिका भारत पर 50% का एक्स्ट्रा टैरिफ लग रहा है
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मास्को में भारत के राजदूत विनय कुमार ने क्या कहा:
मास्को में भारत के राजदूत विनय कुमार ने स्पष्ट रूप से अमेरिका को जवाब दे दिया,विनय कुमार ने कह दिया है कि भारतीय कंपनियां महंगा तेल नहीं खरीद सकती, विनय कुमार ने कहा कि हमारी पॉलिसी बिल्कुल साफ है,भारत की कंपनी वही डील तय करेगी जो उसके
अनुसार सही लगेगी,जो फायदेमंद होगी
क्यों नाराज है ट्रंप भारत से:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भारत की नाराजगी जग जाहिर हो चुकी है और नाराजगी का सिर्फ एक कारण नहीं है
1-ऑपरेशन सिंदूर: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जब भारत ने पाकिस्तान पर हमला किया और चार दिन तक चले इस हमले में पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया, कई आतंकवादियों को मार दिया उसके बाद पाकिस्तान की डीजीएमओ ने इस युद्ध विराम की घोषणा की तो भारत भी मान गया परंतु अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उनके वजह से युद्ध विराम घोषित हुआ और दोनों देशों के बीच लड़ाई समाप्त हुई लेकिन भारत मानने को तैयार नहीं है, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में स्पष्ट रूप से कहा दिया है कि कोई देश भारत और पाकिस्तान युद्ध में हस्तक्षेप नहीं किया
2- रूस से भारत का लगाओ:अमेरिका को यह बर्दाश्त नहीं कि भारत रूस से मित्रता करें,रूस भारत को सस्ते दामों पर तेल देने की बात कही है इस पर भारत राजी भी हो गया है परंतु अमेरिका का कहना है कि भारत अमेरिका से तेल खरीदे रूस से नहीं लेकिन भारत ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि हमें जहां किफायती दाम पर तेल मिलेगा हम वहीं से खरीदेंगे और रूस से हमें तेल बहुत सस्ते दामों पर मिल रहा है जिससे भारत को ही फायदा होगा इसी कारण अमेरिका ने भारत पर 50% का एक्स्ट्रा टैरिफ लगा दिया है
अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने क्या कहा:
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में जो भारत पर सेकेंडरी टैरिफ़ लगाया है उसके पीछे का मकसद है कि रूस को यूक्रेन से युद्ध रोकना,आखिर भारत पर टैरिफ लगाने से रूस और यूक्रेन में युद्ध कैसे रुकेगा,तो इस पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति का कहना है कि अमेरिका के इस कदम से रूस को तेल के जरिए पैसा कमाना कठिन हो जाएगा और मजबूर होकर रूस युद्ध रोक देगा,आज जैसा कि आपको पता ही है कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है और ट्रंप इसकी आलोचना कर रहे हैं,ट्रंप का हाल वही हो गया है “खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे”
और भारत लगातार यह कह रहा है कि रूस से तेल की खरीद,राष्ट्रीय हित और बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर की जा रही है।
अब देखते हैं कि 27 अगस्त से जो 50% का एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया है अमेरिका ने भारत पर उससे क्या-क्या चीज महंगी होगी और उस पर भारत पर क्या असर पड़ेगा,वैसे भी प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा है कि हम अमेरिका के सामने तो झुकेंगे नहीं भले ही हमें इसकी कीमत क्यों न चुकानी पड़ेगी,अमेरिका यह भी चाहता है कि उसके डेयरी प्रोडक्ट भारत में बीके परंतु भारतीय सरकार ने अमेरिका के डेयरी प्रोडक्ट को भारत में बिकने पर पूर्णत प्रतिबंध लगाया है, प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि हम भारत के किसानों के लिए कुछ भी कर सकते हैं हम उनके खिलाफ नहीं जा सकते और अमेरिका का वह डेयरी प्रोडक्ट भारत के किसानों के हित में नहीं रहेगा,खैर अब देखना है कि आगे क्या होता है कौन सा सामान महंगे होते हैं, जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
