सपा को भी मिल गई चेतावनी:Chunav Aayog

इस समय चुनाव आयोग पर आरोप लगाने का सिलसिला लगातार चल रहा है,राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस करके चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे, नेता प्रतिपक्ष का कहना था कि महाराष्ट्र चुनाव में चुनाव आयोग ने एक लाख वोटो की धांधली की,वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमने भी 18000 शपथ पत्र दिए थे लेकिन चुनाव आयोग ने कोई सुनवाई नहीं की, अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब चुनाव आयोग ने दे दियाhttp://news24hourslatest.in
क्या कहा चुनाव आयोग ने:
2022 के विधानसभा चुनाव में 18000 वोट काटने हटाने का आरोप समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग पर लगाया है,तो चुनाव आयोग ने इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए समाजवादी पार्टी को चेतावनी दे दी,चुनाव आयोग का कहना है कि 18000 नहीं केवल 3919 शपथ पत्र मिले थे,और उसमें भी एक भी शपथ पत्र मूल रूप से नहीं मिला सारी कॉपियां स्कैन की गई हुई मिली थी,जिसमें से कुछ जांच पूरी हो गई है और कुछ जांच फिलहाल चल रही है,इसके साथ ही आयोग ने अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी भी दी है।आयोग ने कहा है कि कानूनन गलत साक्ष्य दिया जाना एक अपराध माना जाता है।
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राज्य चुनाव आयोग ने एक्स पर जवाब दिया:
राज्य चुनाव आयोग ने जवाब देते हुए यह कहा की जो 18000 शपथ पत्र देने की बात कही गई है उनमें से एक भी मतदाता का मूल रूप से कोई शपथ पत्र नहीं आया, समाजवादी पार्टी ने ईमेल के जरिए शिकायत की है, जिसे अलग-अलग नाम से 3919 व्यक्तियों के शपथ पत्र की स्कैन कॉपी प्राप्त हुई है,और यह शिकायत जो दर्ज है वो 33 जिलों के 74 विधानसभा क्षेत्र से संबंधित है, आयोग ने यह भी कहा कि 18000 शपथ पत्र भेजते वक्त त्रुटिवश केवल 3919 व्यक्तियों की ही शपथ पत्र अटैच कॉपी के साथ मिल पाए,राज्य निर्वाचन आयोग ने निवेदन किया है कि एक बार पुनः18000 शपथ पत्र उपलब्ध कराने का कष्ट करें
एक्स पर क्या पोस्ट किया सपा ने:
2022 के विधानसभा चुनाव में वोट धांधली का आरोप लगाते हुए सपा ने बीजेपी और चुनाव आयोग की मिली भगत पर सवाल उठाया है,सपा का कहना है कि सभी चुनाव,उपचुनाव बीजेपी के इशारे पर हुए हैं,सपा ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की आंखों पर पट्टी बंधी हुई है,क्योंकि चुनाव आयोग को बीजेपी की वोट धांधली नहीं दिखती है,क्या कार्यवाही हुई उन 18 हजार से अधिक एफिडेविट और जनता द्वारा बयां की गई शिकायतों पर? उल्टा शिकायतकर्ताओं को धमकाने की सूचनाएं भी मिलीं जो कि बेहद शर्मनाक हैं, सपा का कहना है कि जनता का भरोसा अब चुनाव आयोग से उठ चुका है,चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से कोई चुनाव नहीं कर रहा है बल्कि चुनाव आयोग एक तरफ से भाजपा का ही अंग हो गया है
जैसे राहुल गांधी ने यह मुद्दा उठाया चुनाव आयोग पर वोट धांधली का वैसे अन्य पार्टियों भी अब उस मुद्दे को उठाने लगी,इंडिया गठबंधन के नेता पूरी तरीके से बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमलावर है,वोट की चोरी हुई है ऐसा विपक्ष का आरोप है ठीक है अगर हम एक तरीके से मान ले की वोट की चोरी हुई है चुनाव आयोग उसमें मिला हुआ है परंतु आम आदमी पार्टी की सरकार जब बनी थी तो उसे 67 सिट मिली थी तब किसी ने चुनाव आयोग पर कोई आरोप नहीं लगाया, तब चुनाव आयोग सही था, कर्नाटक में सरकार बनी कांग्रेस की वहां भी चुनाव आयोग सही था,लेकिन अचानक यह फर्जीवाड़ा कहां से आ गया इसका कोई सबूत नहीं है, हां राहुल गांधी ने जो सबूत दिया है उस पर गौर करना चाहिए परंतु वह चुनाव आयोग के सबूत नहीं है वह सीएसडीएस के डेटा है और वह भी डेटा जो राहुल गांधी ने जनता के सामने रखे वह गलत थे, ऐसा सीएसडीएस के को-डायरेक्टर संजय कुमार ने कहा उसके बाद उन्होंने माफी भी मांगी और अपने पोस्ट को डिलीट भी कर दिया
बीजेपी ने क्या आरोप लगाए:
इधर भाजपा भी कहां चुप रहने वाली है बीजेपी ने डायरेक्ट जवाहरलाल नेहरू पर आरोप लगा दिया, बीजेपी का कहना है जब प्रधानमंत्री चुनना था कांग्रेस पार्टी को तो जीरो वोट मिले थे जवाहरलाल नेहरू को और 13 वोट मिले थे सरदार वल्लभभाई पटेल को, बाकी दो अन्य को और एक वोट इनवेलिड था,फिर भी
भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बने और यह सिलसिला की शुरूआत वहीं से हुई,उसके बाद इंदिरा गांधी ने संविधान की धज्जियां उड़ा दी 1976 में इमरजेंसी लगाकर
अब यह देखना है कि यह यह महाभारत कब तक चलता है और इससे लाभ किसको मिलता है बीजेपी या एनडीए को या फिर इंडिया गठबंधन को,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल