Ahmedabad Plane Crash:ये ऑरेंज कलर का ब्लैक बॉक्स क्या है,हादसे में मिला अहम सबूत?

अहमदाबाद विमान हादसे में मारने वालों की संख्या 275 तक पहुंच चुका है,इधर अहमदाबाद सिविल अस्पताल के डिप्टी सिविल सुपरिटेंडेंट रजनीश पटेल ने शनिवार को कहा- अब तक 248 शवों का DNA सैंपल्स का क्रॉस वेरिफिकेशन हुआ है, जिसमें से 6 का DNA मैच हुआ है।
आपको बता दे की हादसे का कारण अभी तक सामने नहीं आया है,जांच एजेंसियां अभी तक जांच करने में लगी हैhttp://news24hourslatest.in
आइए जानते है ब्लैक बॉक्स क्या होता है ?
ब्लैक बॉक्स चमकीले ऑरेंज कलर का बेहद खास डिवाइस घोटा है और आसानी से ढूंढा भी जा सकता है,ये रिकॉर्डर विमान की हर गतिविधि को रिकॉर्ड करता है,इस रिकॉर्डर पर किसी चीज का असर नहीं होता है चाहे वो विस्फोट हो,आग लगे या पानी में गिरे जिसके कारण बड़े से बड़े विमान हादसे में भी ये सेफ रहता है और सारी रिकॉर्डिंग का पता आसानी से चल पाता है,आपको बता दे की ब्लैक बॉक्स स्टील या टाइटेनियम जैसे मजबूत धातुओं से बनी होती है,ऑरेंज कलर का पेंट विशेष रूप से गर्मी और कठोर परिस्थितियों में टिकने वाला होता है
ब्लैक बॉक्स में एक बीकन होता है, जो पानी में भी 30 दिनों तक सिग्नल भेजता है। डिवाइस का ऑरेंज कलर इसे समुद्र के अंदर ढूंढने में मदद करता है।
आखिर ये ऑरेंज कलर का बॉक्स ब्लैक बॉक्स क्यों कहा जाता है,आपको बता दे की ब्लैक बॉक्स ने अंदर दो पार्ट होते है,पहला सीवीआर(CVR) और दूसरा फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर,इन दोनो हिस्सों को मिलाकर ब्लैक बॉक्स बनता है,ये वो पार्ट होता है जो इंजन के अंदर के प्रोब्लम को डिटरमाइन करता है,सीवीआर का मतलब होता है कॉकपिट वाइस रिकॉर्डर.
सीवीआर ने बताया कि सुमित सभरवाल,६० साल की उम्र वाले सभरवाल एअर इंडिया के सबसे अनुभवी पायलटों में से एक थे, उनके पास आठ हजार घंटों से अधिक का विमान उड़ाने का अनुभव था,सुमित जी हाथों में एयर इंडिया की प्लेन की कमान थी,एमसीवीआर ने ये बताया कि सुमित और कुंदन जी आपस में बात चीत करते दौरान ये बोलते है की जहाज के अंदर थ्रस्ट नही मिल रहा है,विमान के पायलट सुमित सभरवाल का ATC यानि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को मैसेज भेजा था की थ्रस्ट नही मिल रहा है और पावर भी कम हो रही है,प्लेन उड़ान नहीं भर पा रहा है,मैसेज से पता चल रह है की सुमित जी प्लेन को बचाने में लगे हुए थे लेकिन थ्रस्ट नही मिलने के कारण ये हादसा हुआ ,आपको बता दे की थ्रस्ट का मतलब होता है की जैसे आप अपने बाइक में एक्सिलरेटर घुमाते हो जिसकी वजह से बाइक बाइक तेज भागती है थी वैसे ही जहाज को थ्रस्ट आगे की तरफ बढ़ाता है,अगर थ्रस्ट मिलेगा नही तो जहाज बढ़ेगा नही ,इसका मतलब ये है की इंजन के अंदर कोई न कोई प्रोब्लम थी जिसकी वजह से ये हादसा हुआ,प्लेन में दो इंजन थे और दोनो में क्या दिक्कत थी जिसकी वजह से थ्रस्ट नही मिली,सबसे बड़ा सवाल ये ही है,एक पायलट के मुताबिक पिछले 6 महीने से इंजन में दिक्कत आ रही थी और पायलट का कहना है कि उसने अधिकारियों से बात चीत भी करी लेकिन अधिकारियों ने इस चीज को सीरियस नही लिया,सवाल ये है की क्या अधिकारियों की लापरवाही थी ,आखिर दोनो इंजन का एक साथ बंद हो जाना और किसी को जानकारी तनिक भी जानकारी नहीं थी,यही हादसे का कारण बना,इसपर अभी कार्यवाही होना बाकी है,जहाज में सवा लाख लीटर फ्यूल था खबकी अहमदाबाद से लोदों जाने के लिए 55000 फ्यूल की जरूरत पड़ती है,इस हादसे का जिम्मेदार कौन होगा,बोइंग होगा,एयर इंडिया होगा या अधिकारी होंगे.
फिलहाल आपको बता दे की हादसे को 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है लेकिन अभी कोई खास सबूत नहीं लगा है की हादसा है कैसे?सभी जांच एजेंसियां हादसे की वजह तलाशने में जुटी है,खबरों के मुताबिक 8 से ज्यादा एजेंसियां इस काम में लगी है,एक सफलता ये है की एयर इंडिया के क्रैश हुए विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है, ये ब्लैक बॉक्स विमान के टेल से बरामद हुआ है,टेल का वो हिस्सा डॉक्टर हॉस्टल के मेस में फंसा था,इस ब्लैक बॉक्स को एनएसजी की टीम ने बरामद किया है अब ब्लैक बॉक्स का एनालिसिस शुरू हो गया है ताकि असली हादसे की असली वजह पता चले
ये विडियो भी देखे, “क्या इन्हीं कारणों से हो रही पतियों की हत्या ?”https://youtu.be/Joqhq5lObqc?si=4zNX0VD5R26EGOtf
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