Israel Vs Iran:जानिए भारत किसके साथ खड़ा है इजराइल या ईरान ?

भारत दोनो देशों इजराइल और ईरान के साथ मजबूती के साथ खड़ा है क्योंकि अलग अलग देशों से अलग अलग मामलों में राजनीतिक संबंध है आइए जानते है भारत के संबंध दोनो देशों से:http://news24hourslatest.in
भारत का इजराइल से संबंध:
आप को बता दे की 2017 में पीएम मोदी इसराइल जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे।
1-भारत का इजराइल के साथ रक्षा सहयोग भी बहुत अच्छा है क्योंकि भारत इजराइल से हथियार, ड्रोन, मिसाइल और नई तकनीक के हथियार खरीदता है,आपको बता दे की इजराइल ने भारत को 2015 में भारत को 168,000 डॉलर मूल्य के हथियार निर्यात किए थे और 2023 में ये आंकड़ा बढ़कर 135 मिलियन डॉलर हो गया,आप को बता दे की 10 के दशक में भारत ने सबसे पहले इजराइल से Super Dvora MK फास्ट पेट्रोल बोट खरीदा था,2014 से 2021 के बीच भारत ने इजराइल से आर्म्ड यूएवी,एंटी टैंक मिसाइल खरीदा जो जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल थी
2-रक्षा और जल तकनीक में भारत इजराइल का साथ देता है,इजराइल की स्मार्ट कृषि तकनीक और जल प्रबंधन में भारत सहयोग करता है,दोनों देशों ने 1993 से द्विपक्षीय संबंध स्थापित किए हैं, और 2006 में भारत-इजराइल कृषि परियोजना (आईआईएपी) शुरू की गई थी,जिसका एक मात्र उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देना, उत्पादकता बढ़ाना और जल उपयोग दक्षता को अनुकूलित करना है,भारत ने इजराइल की जल कुशल सिंचाई तकनीक अपनाई थी जिससे भारत को काफी लाभ मिला था,भारत ने हाल ही में इजराइल की ड्रिप सिंचाई तकनीक पर मोहर लगाया है इससे फसल अच्छी होती और है साथ ही साथ पानी की भी बचत होती है,भारत और इजराइल के बीच कृषि में सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद है। यह न केवल भारत में कृषि उत्पादकता और दक्षता में सुधार करने में मदद करता है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को भी मजबूत करता है।
3-भारत और इजराइल के बीच बहुत अच्छे डिप्लोमेटिक संबंध है,भारत और इज़राइल के बीच घनिष्ठ और बहुआयामी द्विपक्षीय संबंध हैं, जो रणनीतिक हितों और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के इतिहास पर आधारित हैं,आपको बता दे की 2014 तक भारत इज़राइल का 10वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था।
भारत ईरान के संबंध:
1-भारत ईरान के बीच ऊर्जा में सहयोग,आप को बता दे की तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने तेल और गैस के सहयोग के लिए ईरान से समझौता किया था
2-भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध,भारत और ईरान के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रिश्ते सदियों पुराने हैं।भारत एयर ईरान के बीच प्राचीन काल से ही संबंध अच्छे रहें हैं,आप को बता दे की पारसी धर्म का उदय ईरान में हुआ और भारत में भी इसका महत्वपूर्ण प्रभाव रहा है,ईरानी और स्थानीय भारतीय मूल के विभिन्न राजवंशों ने फ़ारसी भाषा का संरक्षण किया और भारत में फ़ारसी संस्कृति के विकास में योगदान दिया,आप को बता दे की भारत में लगभग 8000 ईरानी छात्र अध्य्यन करते है,हर साल लगभग 40,000 से 45000ईरानी विभिन्न उद्देश्यों के लिए भारत आते हैं।
ईरान और इजराइल का युद्ध अब केवल दो देशों का युद्ध नहीं है बल्कि ये लड़ाई कही तीसरे विश्व युद्ध की तरफ तो नही ले जा रहा है,हिंदुस्तान समेत दुनिया के देश दो अलग अलग हिस्सों में बटे है,कोई इजराइल की तरफ है तो कोई ईरान की तरफ है,ये दोनो देशों की लड़ाई पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दी है,ये लड़ाई केवल हथियार से जंग जीतने के लिए नहीं है बल्कि ये लड़ाई अपने अस्तित्व को बचाने के लिए हो रही है,ईरान के हमले के जवाब में जो इजराइल का हमला था वो बेहद घातक था और आक्रामक था क्योंकि इस हमले में ईरान के 9 परमाणु वैज्ञानिक और 120 ईरानी नागरिक मारे गए उधर इजराइल ने दावा किया कोई ईरान का परमाणु कार्यक्रम खतरनाक हद तक पहुंच गया था अगर इसे रोका नहीं जाता तो आने वाले समय में दुनिया को ये तबाह कर सकता था,इजराइल ने ये दावा किया है की हमने दुनिया को बचाया है उधर ईरान का कहना है की अमेरिका के उकसाने पर ही इजराइल ने ये हमला किया है
अब देखना है की दोनो देशों के बीच की ये लड़ाई दुनिया के और देशों पर क्या प्रभाव छोड़ती है
ये वीडियो भी देखे: “क्या इन्हीं कारणों से हो रही पतियों की हत्या ?”https://youtu.be/Joqhq5lObqc?si=4zNX0VD5R26EGOtf
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