आईएमएफ पर भड़के पूर्व उपराष्ट्रपति,क्यों किया पाकिस्तान को आर्थिक मदद?

आईएमएफ – वर्ल्ड बैंक पर अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह का फूटा गुस्सा,बोले भारत के युद्ध के दौरान पाकिस्तान को आर्थिक मदद क्यों दी गई
पहगलाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध के दौरान आईएमएफ ने पाकिस्तान को 1 बिलियन डॉलर का कर्ज दिया था,पाकिस्तान की मदद करने के बाद आईएमएफ को भी आलोचनाएं झेलनी पड़ी थी,अफगानिस्तान के पूर्व उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने सोशल मीडिया के जरिए आईएमएफ पर हमला बोला है
22 अप्रैल को भारत के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ जिसका जिम्मेदार पाकिस्तान और वहां पल रहे आतंकी है,हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान के घर में घुस कर आतंकियों और उनके अड्डों को मार गिराया,इस दौरान खबर आई की आईएमएफ ने पाकिस्तान को करीब एक बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद की है,तब से आईएमजी की आलोचनाएं होने लगी,अफगानिस्तान के पूर्व उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने इन वित्तीय संस्थानों पार जमकर हमला बोला हैhttp://news24hourslatest.in
जानिए क्या कहा अफगानिस्तान के पूर्व उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने
भारत पाकिस्तान के युद्ध के बनाई में आईएमएफ द्वारा पाकिस्तान को आर्थिक मदद करने पर अफगानिस्तान के पूर्व उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने साफ साफ आईएमएफ को कहा है की पाकिस्तान आतंक के बढ़ावा देता है,इन्ही पैसों से आतंकवाद को चंदा भी देता है ऐसे में जब सब उजागर हो गया है की पाकिस्तान के आतंकी संगठन को बढ़ावा देता है तो उसकी आर्थिक मदद करने की क्या ज़रूरत थी,उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया है की “‘जब भी India Vs Pakistan में तनाव बढ़ता है, जैसे कि हाल ही में पहलगाम हमले के बाद बढ़े चार दिन के संघर्ष के दौरान हुआ. ऐसी हर स्थिति में आईएमएफ, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक जैसे वित्तीय संगठन पाकिस्तान को Loan देने के लिए तमाम प्रतिबंधों में ढील क्यों देते हैं?आपको बता दे की पाकिस्तान को तो वैसे आर्थिक स्थिति डामाडोल है,पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तबाह हो चुकी है
अमरुल्ला सालेह ने कहा है की जब जब भारत पाकिस्तान का युद्ध होता है तब तब पाकिस्तान को आर्थिक मदद क्यों दिया जाता है,जब की सबको पता है की पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह देता है,इतने सारे सबूत होने के बाद भी पाकिस्तान पर पैसों की बारिश क्यों होने लगती है
आपको बता दे की पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक कष्ट से जूझ रहा है,उसके विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार कमी आती जा रही है,उसके पा न तो संसाधन है लड़ने का,ना ही अधिक सैन्य बल है,और ना ही इतना पैसा है की वो युद्ध कर सके,पाकिस्तान हमेशा दूसरों पर ही निर्भर रहता है
आपको बता दे ये पहली बार नहीं है जब आईएमएफ की आलोचना हुई है इसके पहले भी आईएमएफ की आलोचना हुई है पाकिस्तान को आर्थिक मदद के मामले में,जब भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध चरम सीमा पर था,भारत ने पाकिस्तान को आइना दिखा दिया था तभी आईएमएफ ने पाकिस्तान को एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) के तहत 1 अरब डॉलर और Climate Resilience Loan के लिए भी अतिरिक्त 1.4 अरब डॉलर की राशि भी मंजूर की थी इस पर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा था की “मुझे यकीन नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय कैसे सोचता है कि उपमहाद्वीप में मौजूदा तनाव कम हो जाएगा, जबकि आईएमएफ पाकिस्तान को सभी आयुध प्रतिपूर्ति के लिए आर्थिक मदद दे रहा है, जिनका उपयोग वह पुंछ, राजौरी, उरी, तंगधार समेत अन्य स्थानों पर तबाही मचाने के लिए कर रहा है.’
वही अफगान सांसद मरियम सोलायमानखिल ने कहा है की आईएमएफ द्वारा पाकिस्तान को आर्थिक मदद करना आतंकवाद को बढ़ावा देना है और खून खराबे को बढ़ावा देने जैसा है,उन्होंने ये भी सवाल किया की आखिर कब तक आईएमएफ,वर्ल्ड बैंक पाकिस्तान को लोन देता रहेगा,आखिर कब तक पाकिस्तान मासूम लोगों की जान लेगा ,उन्होंने आगे कहा की आखिर किनते सबूत चाहिए की पाकिस्तान आतंकवाद को अपने घर में पलता है उस पर पैसा खर्च करता है
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