अमित शाह ने केशव प्रसाद को मित्र कहा,अब सियासी बवाल हुआ चालू

लखनऊ के एक कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को मित्र कहकर संबोधित किया जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैलखनऊ में आयोजित एक समारोह में गृह मंत्री ने 60,000 से अधिक नए पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र बांटे,आपको बता दे की उत्तर प्रदेश को 60000 नए पुलिसकर्मी मिल गए,इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत पूरा मंत्रिमंडल मौजूद था,ये कार्यक्रम लगभग एक घंटे चला,अमित शाह ने दोनो नेताओं से बात मंच पर बात भी कीhttp://news24hourslatest.in
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने जब अपना संबोधन शुरू किया तब उन्होंने योगी आदित्यनाथ को एक सफल और लोकप्रिय मुख्यमंत्री बताया,उसके बाद उन्होंने कहा कि मेरे मित्र यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद है,बस इतना कहते ही इस बयान की चर्चा तेज हो गई,हर कोई अपने तरीके से इसे सोच रहा है,कुछ लोगों का कहना है की केशव प्रसाद मौर्य को मित्र कहना कही योगी को कोई संदेश तो नही था,क्या इस बयान का असर 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा
क्या करेंगे केशव प्रसाद मौर्य?
केंद्रीय मंत्री अमित शाह का केशव प्रसाद मौर्य को मित्र कहना क्या अपने आप में एक बड़ा रहस्य है,क्या 2024 में होने वाले विधानसभा चुनाव में केशव प्रसाद मौर्य की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण रहेगी,या फिर कोई अलग संकेत है
क्या अमित शाह ने अपनी तरफ से यही समझाने की कोशिश की है कि योगी अति महत्वपूर्ण हैं,क्या 2024 के विधासभा चुनाव में कुछ राजनीति बदलाव देखने को मिल सकता है,आपको बता दे की पिछले कुछ सालों में केशव प्रसाद मौर्य का राजनीतिक वजूद थोड़ा कम हुआ है क्योंकि उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा या फिर ये केवल एक चुनावी भाषण था
योगी पर मेहरबान अमित शाह
लखनऊ के अपने भाषण में अमित शाह ने योगीआदित्यनाथ को एक लोकप्रिय और सफल मुख्यमंत्री बताया,क्या इतना कहना ही योगी जी काफी था की 2024 क्लियर है बिलकुल,योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी और योगी जी मुख्यमंत्री बने,योगी जी नेतृत्व में बीजेपी कितने उप चुनाव जीते और हारे भी फिर भी बीजेपी मजबूत रही हर जगह
कभी केशव प्रसाद मौर्य नाराज थे योगी से
जी हा दोस्तों लोक सभा के चुनाव में जब बीजेपी को कम सीटें मिली तो यही केशव प्रसाद मौर्य है जो सारा आरोप योगी जी पर लगाए थे और दिल्ली तक इस बात को खुद पहुचाए थे
बहराल बात करते है अमित शाह के बयान की तो आप जान लिए की अमित शाह का कोई बयान हल्का नही रहता ,उनके हर बयान में कुछ गुप्त संदेश छिपा रहता है ऐसे ही नही उनको राजनीति का चाणक्य कहा जाता है,केशव प्रसाद को मौर्य को मित्र कहना ये दर्शाता है की अभी भी केशव प्रसाद सबके खास है और करीब भी है,कुछ लोग तो योगी की जगह केशव प्रसाद को देख रहें है,अब ये माना जा रहा है की केशव प्रसाद मौर्य का कद 2027 के यूपी के विधानसभा चुनाव में बढ़ सकता है,अमित शाह ने मित्र कहकर ये संकेत दिया है की केशव प्रसाद अभी भी उनके करीब है और आगामी चुनाव में उनको बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है
आपको बता दे की केशव प्रसाद मौर्य और योगी आदित्यनाथ में उतनी नहीं बनती जबकि अमित शाह की दोनो से बनती है इसलिए शायद अमित शाह ने दोनो का सम्मान करते हुए सभा को संबोधित किया और उनका इशारा ये भी हो सकता है की दोनो ही उत्तर प्रदेश के लिए खास है,या फिर जनता को ऐसा लगे कि दोनो नेताओं में कोई मतभेद या मनभेद नही है,क्या बीजेपी केशव प्रसाद मौर्य को आगे कर के अखिलेश यादव के जाति आधारित राजनीति को रोकेगी,बीजेपी पिछड़े जाति वाले नेताओं को भी आगे लाना चाहती है,अगर बीजेपी पिछड़े समाज के नेता को आगे लाना चाहती है तो क्या केशव प्रसाद सबसे बड़ा चेहरा होंगे ?केशव प्रसाद मौर्य ओबीसी के बड़े चेहरे के रूप में देखे जाते है,इनका भी एक वक्त था जब सीएम के रेस में नाम था,आप इस बात से भी समझ लीजिए की चुनाव हारने के बाद भी केशव प्रसाद मौर्य को बीजेपी ने बढ़ा पद दिया,आपको बता दे की केशव प्रसाद मौर्य पहली बार इलाहाबाद की पश्चिमी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ें लेकिन हार गए,उसके बाद 2022 में माफिया अतीक अहमद के खिलाफ चुनाव लड़ें और हारे,2012 में पहली बार केशव प्रसाद मौर्य कौशांबी के सिराथू से चुनाव लड़ें और बीजेपी के विधायक चुने गए ,आपको बता दे की केशव प्रसाद मौर्य पिछड़े समाज के सबसे बड़े नेता के रूप ने उभरे है इसलिए पार्टी उनको ज्यादा जिम्मेदारी सौंपी है ताकि पिछड़े समाज के लोगों को वोट ले सके,केशव प्रसाद मौर्य 2016 में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहें हैं
खैर अब हमे बस इंतजार करना है की यूपी में क्या बदलाव होने वाला है?
ये भी देखे:”क्या इन्हीं कारणों से हो रही पतियों की हत्या ?”https://youtu.be/Joqhq5lObqc?si=4zNX0VD5R26EGOtf
ये भी पढ़े:Israel Vs Iran:जानिए भारत किसके साथ खड़ा है इजराइल या ईरान ?
