Amit Shah:नीतीश कुमार नही होंगे सीएम का चेहरा?

कुछ ही समय शेष है बिहार के विधानसभा चुनाव होने में,सारी पार्टियां अपनी पूरी ताकत के साथ जुट गई है मैदान में,बीजेपी के तमाम मंत्री,पीएम,गृह मंत्री सभी लगे हुए है जनता को लुभाने में तो वही आरजेडी के तेज तर्रार नेता तेजस्वी यादव ने अभी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है,लेकिन सीएम के चेहरे को लेकर सारी पार्टियां असमंजस में है,किसी पार्टी ने अभी तक कोई सीएम चेहरा घोषित नहीं किया हैhttp://news24hourslatest.in
गृह मंत्री अमित शाह ने एक अंग्रेजी अखबार में इंटरव्यू दिया है जो काफी वायरल हो रहा है,अमित शाह से सवाल हुआ जब की बिहार का सीएम कैंडिडेट कौन होगा,इस पर अमित शाह ने कहा की ये समय बताएगा की कौन होगा बिहार का सीएम,लेकिन अमित शाह ने ये भी कहा की इतना साफ है की एनडीए बिहार के नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा,अमित शाह के इस बयान से नेता अलग अलग प्रतिक्रिया दे रहें है
निराज कुमार,प्रवक्ता,जेडीयू ने क्या कहा:
नीरज कुमार ने कहा की अमित शाह जी ने जब कहा की एनडीए बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी,तो जाहिर सी बात है की जब बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी तब नीतीश कुमार ही सीएम होंगे ,इसमें कोई डाउट नही होना चाहिए की नीतीश कुमार ही बिहार के सीएम होंगे
गुलाम गौस,एमएलसी,जेडीयू ने क्या कहा:
गुलाम ने कहा की हमारे दम पर सरकार टिकी है और हमको ही सिखाया जा रहा है,आगे इन्होंने कहा की बिहार में निश्चित रूप एनडीए की सरकार बनेगी और नीतीश कुमार फिर से बिहार के सीएम बनेंगे
अमित शाह के इस बयान से विपक्ष को एक मौका मिल गया है एनडीए पर हमला करने का,आइए जानते है विपक्ष ने क्या कहा इस पर?
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने क्या कहा:
अमित शाह के इस बयान पर आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने कहा की चुनाव तक नीतीश कुमार का चेहरा सामने है चुनाव के बाद पता नही क्या होगा,उन्होंने ने कहा की जदयू का टिकट भी अमित शाह ही बाटेंगे
मृतुंजय तिवारी ने क्या कहा:
जेडीयू के नेता मृतुंज्य तिवारी ने कहा की अब तो ये स्पष्ट हो गया किया बीजेपी चुनाव के बाद नीतीश कुमार को बिहार का सीएम नही बनाएगी,उन्होंने आगे कहा की महाराष्ट्र वाला खेल को शिंदे जी के साथ किया वही नीतीश जी साथ करेंगे
भले ही कोई कुछ भी कहे लेकिन ये बात साफ है की बिहार में राजनीति का केंद्र नीतीश कुमार ही है,गठबंधन की पार्टियां बदलती रहती है लेकिन नीतीश कुमार बिहार के सीएम बने रहते है,जबकि बिहार के एनडीए नेता का कहना है की बिहार के नेता नीतीश ही रहेंगे और सीएम भी नीतीश ही रहेंगे,एनडीए का चर्चित चेहरा नीतीश कुमार ही है और रहेंगे
इतना तो सत्य है की नीतीश पिछले 20 सालों से बिहार की राजनीति का मुख्य केंद्र रहें है,जिस तरफ नीतीश झुकते है उस पार्टी की अहमियत बढ़ जाती है,जबकि ये भी बात सत्य है की नीतीश कुमार सबके दोस्त है और सबके दुश्मन भी है,कभी महागठबंधन के साथ रहते है तो कभी एनडीए का हिस्सा बन जाते है,इसलिए ये कहना की नीतीश किसके साथ होंगे मुस्कील है क्योंकि नीतीश जी का कोई भरोसा नहीं किधर शिफ्ट हो जाए,वैसे भी तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को “पलटू चाचा” कहकर माहोल को और गरम बना दिया था.
आइए जानते है नीतीश का सियासी सफर:
2014 में एनडीए छोड़ना:
2014 में जब लोक सभा चुनाव होने वाले थे और बीजेपी के तरफ से पीएम के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का नाम घोषित हुआ तब यही नीतीश कुमार जो अभी एनडीए का हिस्सा है,पीएम मोदी के उम्मीदवारी पर सवाल उठा रहे थे और कहने लगे उनकी पार्टी धर्मनिरपेक्षता के लिए खड़ी रहेगी,एनडीए छोड़ने के बाद नीतीश कुमार बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के साथ मिलकर महागठबंधन में शामिल हुए और चुनाव भी जीता और बिहार के सीएम के पद पर नियुक्त हुए
2017 में महागठबंधन छोड़े:
2017 में जब आईआरसीटीसी घोटाला हुआ और सीबीआई की जांच बैठी और लालू प्रसाद के आवास पर छापेमारी हुई तब इसे लेकर लालू और नीतीश के संबंध खराब होने लगे और लालू प्रसाद ने नीतीश के ऊपर ही भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया,उसके बाद नीतीश कुमार ने महागठबंधन को छोड़कर एक बार फिर एनडीए का दामन थाम लिया और एनडीए की मदद से बिहार के सीएम हुए
2022 में फिर एनडीए छोड़े:
आपको बता दे की 2020 विधानसभा चुनाव बाद गठबंधन टूट गया और बीजेपी नीतीश को बिहार के सीएम के रूप ने नही देखना चाहती थी क्योंकि जेडीयू की सीट 71 से घटकर 43 पर आ गई थी,जी हां 2015 के बिहार के विधानसभा चुनाव में जेडीयू की सीट 71 थी और 2020 के विधानसभा चुनाव में 71 से घटकर 43 हो गई इसलिए बीजेपी नही चाहती थी की नीतीश कुमार बिहार के सीएम बने,इसलिए नीतीश कुमार ने एनडीए छोड़ दिया.
2024 में नीतीश फिर एनडीए में हुए शामिल:
बिहार में बिरसा मुंडा की जयंती पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार पहुंचे तो वहां उन्होंने एनडीए के साथ जुड़ने की बात की,उन्होंने कहा कि अब हम सब दिन इनलोगों के साथ ही रहेंगे,2024 के लोक सभा चुनाव के पहले नीतीश कुमार एनडीए का दामन थाम लिए थे और महगठबंधन से अलग हो गए,इसके बाद ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तीसरी बार एनडीए में शामिल हो गये. एनडीए में शामिल होने के बाद से नीतीश कुमार लगातार हर मंच से यह कह रहे हैं कि, अब वह इधर-उधर नहीं जाएंगे. उनकी भविष्य की सियासत एनडीए के साथ होगी.
एक बात तो साफ हो गई की नीतीश कुमार की राजनीति में तेज तर्रारी इसी बात से स्पष्ट होती है की गठबंधन की पार्टी भले ही बलदाती रहे लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार ही बने रहे,नीतीश कुमार ने इतनी बार पलटी मारी है की राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कह डाला की “नीतीश कुमार यह बात कह रहे हैं तो जरूर दाल में कुछ न कुछ काला है वही बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को “पलटू चाचा” कहकर बुलाना शुरू कर दिया
आपको बता दे की 243 सदस्यीय विधानसभा में 128 विधायक नीतीश कुमार के साथ हैं जो बहुमत के आंकड़ा से 6 अधिक हैं. इस बार भी राजद 79 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है. केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है.
आपको बता दे की नीतीश कुमार पहली बार सन 2000 को शपथ लेकर बिहार के मुख्यमंत्री बने उस समय नितिश कुमार समता पार्टी में थे लेकिन अफसोस ये सरकार महज सात दिन ही चल पाई उसके बाद नीतीश कुमार बीजेपी के साथ जुड़ गए,इसके बाद 24 नवंबर 2005 में नीतीश कुमार ने भाजपा-जदयू के गठबंधन में राजग (एनडीए) की सरकार बनाई,और नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने
राजनीति के माहिर खिलाड़ी के रूप में नीतीश कुमार की पहचान है. इसलिए तो जिसके साथ जाते हैं उसी की सरकार बिहार में बन जाती है,2000 विधानसभा चुनाव के बाद बिहार में नीतीश कुमार हमेशा बहुमत सिद्ध करते रहे हैं. कभी कोई परेशानी सामने नहीं आती नीतीश कुमार के,लेकिन अब आगे फिर से ये पलटू चाचा कब पलटी मार जाए इसका कोई भरोसा नहीं,,उन्हे तो बस बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बने रहना है
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