नरेंद्र मोदी या इंदिरा गांधी कौन है ज्यादा बेहतर?

दोस्तों ये बात अक्सर आपको अंदर से कचौटती होगी की आखिर बेहतर प्रधानमंत्री कौन नरेंद्र मोदी या इंदिरा गांधी ,तो आज हम आप को बताएंगे की कौन बेहतर प्रधानमंत्री है मोदी या इंदिरा,2014 लोक सभा के चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी अब तक प्रधानमंत्री के पद पर सुशोभित है,http://news24hourslatest.in
नरेंद्र मोदी ने देश के लिए अब तक कौन से कड़े फैसले लिए:
1-नोटबंदी:-नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की थी,जिसमे 500 और 1000 के नोट पूर्व रूप के बंद कर दिए जायेंगे
2-जीएसटी:-भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2017 में जीएसटी लागू किया था,जीएसटी का मुख्य उद्देश्य देश में ‘एक टैक्स सिस्टम’ को लागू करना था।
3-तीन तलाक कानून:-तीन तलाक विधेयक को 2019 में पारित किया गया था,तीन तलाक कानून को लागू करने का उद्देश्य मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाने और अपने ऊपर हो रहे अत्याचार का जमकर विरोध करना
4-सर्जिकल स्ट्राइक:-भारत ने उरी पर हमला का बदला ,उसने पीओके में नियंत्रण रेखा के पार सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवादी लॉन्चपैड को नष्ट कर दिया और बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए
5-अनुच्छेद 370 जम्मू कश्मीर से हटाना:-अनुच्छेद 370 को खत्म करने के साथ ही सरकार ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा समाप्त कर उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया।
6-नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA)–नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को 2019 में संसद में पारित किया गया था,10 जनवरी 2020 से लागू किया गया था,इस कानून का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से आए अल्पसंख्यकों चाहे वो हिंदू हो या मुस्लिम हो या सिख हो या ईसाई हो या इन सबको भारत की नागरिकता प्रदान करता है
इंदिरा गांधी ने अपने कार्यकाल में कौन से कड़े फैसले लिए:-
1-बैंको का राष्ट्रीयकरण:-सन 1966 में जब देश में लगभग 500 बैंक की शाखा थी जिसका फायदा अमीर लोग को होता था,और इंदिरा जी को जब लगा की इससे गरीबों को नुकसान हो रहा है तो उन्होंने बैंको का राष्ट्रीयकरण कर दिया और नतीजा ये हुआ की गरीब भी अपना पैसा बैंको में डालने लगे
2-प्रिंसले स्टेट्स का भत्ता रोकना:-बात 1969 की है जब देश के राजाओं के पास खूब पैसा था,और तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कुछ रियासतों को भारत में विलय किया और उन रियासत के राजाओं को यथोचित भत्ता देने की मंजूरी दे दी थी,लेकिन इंदिरा गांधी ने इस भत्ते को पूरी तरीके से बंद करने की मंजूरी दे दी लेकिन ये प्रस्ताव राज्य सभा में नहीं पारित हो पाया लेकिन जब 1971 में इंदिरा फिर से प्रधानमंत्री बनी तो इसे सफलतापूर्वक लागू किया गया इससे राजकोष को यकीनन फायदा मिला
3-कांग्रेस का विभाजन करना:– १९६९ में जब कांग्रेस का आलाकमान इंदिरा गांधी को हटाने में लगा था तब उन्होंने वीवी का समर्थन दिया और नीलम संजीवा रेड्डी को हरा दिया जो की कांग्रेस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे,इस पर कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया और इंदिरा गांधी एक नई पार्टी बना ली और जनता ने उन्हें भरी मतों से विजई बनाया
4-हरित और स्वत क्रांति:-इंदिरा गांधी ने देश के कृषि स्तर पर बड़ा काम किया है उन्होंने कृषि में तकनीक सुधार, घाम-फूस निवारक प्रयोग और नए तरह के बीजों का प्रयोग शुरू करने के साथ कृषि और पैदावार क्षेत्र में कई संस्थाओं को खड़ा करने में बढ़ावा दिया साथ ही साथ उन्होंने दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा दिया और इसी कारण देश में हरित और स्वेत क्रांति आई
5-परमाणु प्रशिक्षण:-इंदिरा गांधी ने चीन से खतरे से बचने के लिए मई 1974 में भारत ने पहली बार पोखरण में स्माइलिंग बुद्धा आपरेशन के नाम से सफलतापूर्वक भूमिगत परीक्षण किया.
6-पाकिस्तान को तोड़कर बांग्लादेश बनाना:-आपको बता दे पाकिस्तान के नेता पूर्वी पाकिस्तान की सफलता में बाधक हो रहे थे,वो पूर्वी पाकिस्तान के नेताओं को सफल होता नही देख पा रहे थे और इसे लेकर पाकिस्तान को चेतावनी भी दी गई और अमेरिका पाकिस्तान से तरफ से बोलने लगा की पाकिस्तान के खिलाफ कोई भी कार्रवाई की तो अंजाम अच्छे नहीं होंगे,उसके बाद जो हुआ पूरी दुनिया जानती है भारत ने अपनी सेना भेज कर पूर्वी पाकिस्तान के नेताओं को आज़ाद कर दिया जो बांग्लादेश में रूप में सबके सामने आया
7-गरीबी हटाओ:-बात 1971 कि है जब इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ बहुत बड़े बड़े लोग “इंदिरा हटाओ” का नारा दिया था जिसे इंदिरा जी ने “गरीबी हटाओ” का नारा दे डाला
8-इमरजेंसी:-इमरजेंसी लागू ने के बाद इंदिरा गांधी कि हर तरफ आलोचना होने लगी,आपको बता दे की राजनारायण ने इंदिरा पर चुनावों में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का मामला उठाया. जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 जून 1975 को उनका लोकसभा चुनाव ही रद्द नहीं किया बल्कि 6 साल तक उनके चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी और विपक्ष भी उनसे इस्तीफा मांगने लगा उधर बिहार के जे पी नारायण ने विपक्ष के साथ देशभर में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और इंदिरा गांधी को अपने कुर्सी न खिसक जाए इसके लिए उन्होंने आपातकाल लगा दिया
9-ऑपरेशन ब्लू स्टार:-ऑपरेशन ब्लू स्टार के तहत तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 04 जून 1984 से एक आपरेशन शुरू किया,आपको बता दे की उस समय जनरैल सिंह भिंडरावाला खालिस्तान का नेता बन गया था,जिसके चलते देश आतंकवाद के चपेट में आ गया था और स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाया गया और जब इंदिरा गांधी ने ऑपरेशन ब्लू शुरू किया तो उसके तहत,भिंडरावाला और उसके साथी मार गिराए गए. ये आपरेशन सफल रहा लेकिन इससे स्वर्ण मंदिर को नुकसान हुआ और सैकड़ों जानें गईं. सिखों की भावनाएं भी बड़े पैमाने पर इससे आहत हुईं. इस कदम को लेकर इंदिरा के खिलाफ आमतौर पर सिखों में खासा गुस्सा दिखा. बाद में इंदिरा के सिख गार्डों ने इसी का प्रतिशोध लेते हुए दिल्ली के प्रधानमंत्री आवास में 31 अक्टूबर 1984 में उनकी हत्या कर दी.
दोनो प्रधानमंत्री मोदी और इंदिरा गांधी ने अपने अपने कार्यकाल में बहुत अहम कदम उठाए इस देश के लिए,लेकिन दोनो में बेहतर कौन है,तो ज्यादर तर लोग इंदिरा गांधी को ही बेहतर बताते है,खासकर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर,ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान के घर में घुस कर आतंकवादियों को मार गिराया,लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है की दोनो देशों के बीच युद्धविराम उनकी वजह से हुआ,बात यही आकर अटक गई आखिर मोदी ने युद्ध विराम क्यों नही घोषित किया,अमेरिका को इसके बीच में क्यों आना पड़ा?और एक तरफ तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जिन्होंने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर के पूर्वी पाकिस्तान को नया बांग्लादेश बना दिया,आज तक ऐसा किसी प्रधानमंत्री ने नही किया,ऐसा कहा जाता है की इंदिरा गांधी फैसले लेने में कोई आनाकानी नही करती थी,वो त्वरित निर्णय लेने के लिए जानी जाती थी.
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