पहलगाम हमला,कब तक पाकिस्तान का साथ देगा चीन ?

आइए जानते है चीन का क्या रुख है पाकिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने भारत की तरफ से संभावित हमले का संकेत दिया है तो वही चीन दोनो देशों पर अपनी नजर बनाए हुए है,पहलगाम हमले के बाद चीन के विदेश मंत्री ने कहा था की चीन दोनो देशों के बीच बढ़ते तनाव पर नाराज बनाए हुए है,चीन का कहना है की वो जल्द से जल्द निस्पाक्छ जांच का समर्थन करता है,क्योंकि ये लड़ाई पाकिस्तान या भारत के बुनियादी हितों से मेल नहीं खाता,ना ही सुरक्षा के अनुकूल है,इस पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने चीन के समर्थन पर सुक्रियादा किया,आपको बता दे की पाकिस्तान और चीन का सैन्य संबंध बहुत सालों से है,इसी कारण पाकिस्तान चीन पर निर्भर रहता है,यही नहीं चीन आर्थिक मामलों में भी पाकिस्तान की मदद करता है,कई मौकों पर चीन पाकिस्तान की मदद के लिए आगे आया है ,इसी तरह चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर के तहत चीन ने पाकिस्तान में लगभग 62 अरब डॉलर का निवेश किया है,पाकिस्तान बड़े पैमाने पर चीन से आधुनिक हथियार खरीदता है,एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में हथियारों का आयात का 81 फीसदी हिस्सा चीन से हुआ,कुछ रिपोर्ट के अनुसार चीन ने पाकिस्तान को PL-15 मिसाइलें प्रदान कीं,चीन कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाकर भारत पर दबाव बनाना चाहता है ,जिससे पाकिस्तान की लाभ मिलेगा,ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि 1963 में चीन पाकिस्तान ने समझौते ने दोनो देशों के बीच सीमा विवादों को सुलझा लिया है,तब से लेकर आज तक चीन हमेशा पाकिस्तान की सैन्य मदद करता आ रहा है,यहां तक कि पाकिस्तान को भारतीय जहाज और सेना की मूवमेंट के लिए चीन पर निर्भर रहना पड़ेगा|http://news24hourslatest.in
चीन से अच्छे संबंध का कारण है पाकिस्तान की चीन के साथ अच्छी विदेश नीति,1986 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति मुहम्मद जिया-उल-हक ने राजनयिक संबंधों को सुधारने के लिए चीन का दौरा किया और चीन को खुले तौर पर सम्पूर्ण समर्थन किया,तब से चीन ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन किया है
1962 के चीन और भारत युद्ध के बाद पाकिस्तान ने चीन के खासकर ताइवान,झिंजियांग और तिब्बत से संबंधित मुद्दों और मानवाधिकार जैसे अन्य संवेदनशील मुद्दों पर पाकिस्तान ने चीन का साथ दिया था और चीन ने भी इस समर्थन को स्वीकार किया,पाकिस्तान और चीन के बीच आर्थिक व्यापार का कारोबार भी बढ़ रहा है ,यहां तक कि
अप्रैल 2022 में इमरान खान के सत्ता से बाहर होने के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक संकट को खत्म करने के लिए चीन ने अपनी रुचि दिखाई थी,मार्च 2025 में, चीन ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के प्रयासों के तहत उसे 2 बिलियन डॉलर का ऋण दिया
लेकिन अगर भारत पाकिस्तान का युद्ध तो चीन भारत के साथ क्या कर सकता है,कहा जा रहा है की चीन की मजबूरी ये है की चीन अमेरिका में व्यापारिक युद्ध चल रहा है,इस कारण चीन भारत के साथ कोई नया मोर्चा नही खोलना चाहता,वैसे ही अमेरिका ने चीन १४५% का टैक्स लगा चुका है जिसको लेकर दोनो देशों यानी चीन और अमेरिका में व्यापारिक युद्ध चल रहा है
आपको बता दे की पहलगाम हमले के बाद भारत पाकिस्तान में जो तनाव चल रहा है वो युद्ध का कारण भी बन सकता है क्योंकि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कदम उठाए है,आइए जानते है कौन से कदम भारत ने उठाए है
पहला फैसला
करीब 65 साल बाद रोका गया भारत पाकिस्तान का सिंधु जल समझौता,1960 का ये समझौता भरता के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच हुआ था,इस समझौते में ये था कि सिंधु नदी प्रणाली की 6 नदियों को कैसे साझा किया जाएगा,इस सिंधु नदी समझौते को भारत ने अब खत्म कर दिया है,बता दे की पाकिस्तान का अधिकांश कृषि,या फिर घर में पीने के लिए पानी का श्रोत सिंधु नदी था,
दूसरा फैसला
मोदी सरकार ने दूसरा अहम फैसला लिया है की अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को तत्काल बंद कर दिया है,जो लोग वैध तरीके से पाकिस्तान से भारत आए थे उनको अब वापस पाकिस्तान जाना पड़ेगा,इसे बंद करने से पाकिस्तान और भारत के आयात निर्यात पर असर पड़ेगा खासकर पाकिस्तान को क्यों की पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही खराब है
तीसरा फैसला
पाकिस्तान नागरिकों को भारत के वीजा पर प्रतिबंध,अब वे भारत नही आ पाएंगे और भारत में रहे है पाकिस्तानी नागरिक को तत्काल भारत छोड़ना पड़ेगा
चौथा फैसला
नई दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा,सेना,नौसेना,सलाहकारों को भी भारत छोड़ना पड़ेगा और भारत पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित भारत के उच्चायोग को वापस भारत बुलाएगा
पांचवा फैसला
ये भी एक अहम फैसला है,पाकिस्तानी रक्षा सहलकारों को यहां से हटाना और भारत के सहलाकारों को वापस भारत बुलाना उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी गई
उन्ही सब कारणों से पाकिस्तान के मंत्री तमाम उल्टे बयान भारत की दे रहे है.कोई कहता है की की भारत सिंधु का पानी रोकता है तो पाकिस्तान उस पर हमला करने से पीछे नहीं हटेगा,भारत से फिर खून की नदिया बहेंगी,तो कोई कहता है भारत पाकिस्तान पर बेबुनियाद आरोप लगा रहा है,तो कभी पाकिस्तान परमाणु की धमकी देता है भारत को,हल ही में पाकिस्तान की एक सांसद ने अजीब बयान दे डाला,उनका कहना है की बाबरी मस्जिद का पुनः निर्माण होगा और पहली ईट पाकिस्तानी सैनिक रखेगी और पाकिस्तान सेना प्रमुख मुनीर बाबरी मस्जिद पर पहली अजान पढ़ेंगे.
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