पहलगाम हमला,ये क्या हो रहा है पाकिस्तान में

पहलगाम हमले के बाद ऐसा लग रहा है जैसे पाकिस्तान भरी सदमे में है ,पाकिस्तान का हुक्का पानी जैसे सब बंद हो गया है,भारत के डर से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (Pok) में हाई अलर्ट जारी है.अब पाकिस्तान खुद को सुरक्षित करने में लगा है,पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मदद मांग रहा है.http://news24hourslatest.in
22 अप्रैल को हुए पहलगाम में आतंकी हमले में भारत ने पाकिस्तान के बहुत सारे संबध समाप्त कर लिए है,उम्मीद है की भारतीय फौज अब पाकिस्तान को तगड़ा जवाब देने में लगी है,इसी के चलते पाकिस्तान ने PoK में पर्यटकों के जाने पर रोक लगा दी है
आइए जानते है पाकिस्तान भारत के डर से क्या क्या कर रहा है
1-पाकिस्तान में नाकेबंदी शुरू,कही भारत और पाकिस्तान का युद्ध न हो जाए इसी डर से पाकिस्तान ने पोक की नाकाबंदी कर दी है,वहां के लोगों को कहा गया है की खाने का सामान,उनकी जरूरी चीजें,दवाएं ये सब स्टोर कर के रख ले,पाकिस्तानी प्रशासन ने लगभग 1000 मदरसों को बंद कर दिया है,आतिशबाजी पर भी रोक लगा दी गई है,अजान पर पाबंदी लगा दी गई है,पाकिस्तान को डर है की भारत कभी भी हमला कर सकता है
2-भारत के हमले के डर से पाकिस्तान दूसरे देशों से बातचीत करने में लगा है,खबर आई है की पाकिस्तानी पीएम ने सऊदी और UAE से बात की है,पाकिस्तान ने डेनमार्क से भी संपर्क साझा किया है,
क्या चीन बन रह है सहारा पाकिस्तान का,पाकिस्तान को लगता है की अगर दोनो देशों में युद्ध हुआ तो पाकिस्तान का साथ चीन देगा,क्योंकि चीन का पाकिस्तान को सैन्य सपोर्ट ज्यादा है,यहां तक कि चीन पाकिस्तान को आर्थिक मदद भी कर सकता है,चीन से अच्छे संबंध का कारण है पाकिस्तान की चीन के साथ अच्छी विदेश नीति,1986 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति मुहम्मद जिया-उल-हक ने राजनयिक संबंधों को सुधारने के लिए चीन का दौरा किया और चीन को खुले तौर पर सम्पूर्ण समर्थन किया,तब से चीन ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन किया है
लेकिन अगर भारत पाकिस्तान का युद्ध तो चीन भारत के साथ क्या कर सकता है,कहा जा रहा है की चीन की मजबूरी ये है की चीन अमेरिका में व्यापारिक युद्ध चल रहा है,इस कारण चीन भारत के साथ कोई नया मोर्चा नही खोलना चाहता,वैसे ही अमेरिका ने चीन 145% का टैक्स लगा चुका है जिसको लेकर दोनो देशों यानी चीन और अमेरिका में व्यापारिक युद्ध चल रहा है
1962 के चीन और भारत युद्ध के बाद पाकिस्तान ने चीन के खासकर ताइवान,झिंजियांग और तिब्बत से संबंधित मुद्दों और मानवाधिकार जैसे अन्य संवेदनशील मुद्दों पर पाकिस्तान ने चीन का साथ दिया था और चीन ने भी इस समर्थन को स्वीकार किया,पाकिस्तान और चीन के बीच आर्थिक व्यापार का कारोबार भी बढ़ रहा है ,यहां तक कि
अप्रैल 2022 में इमरान खान के सत्ता से बाहर होने के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक संकट को खत्म करने के लिए चीन ने अपनी रुचि दिखाई थी,मार्च 2025 में, चीन ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के प्रयासों के तहत उसे 2 बिलियन डॉलर का ऋण दिया
3-डर के चलते पाकिस्तान के नेता उल्टे बयान दे रहे है.भारत के तरफ से लिए गए कठोर कदम से पाकिस्तान पूरा बौखला गया है,पाकिस्तान के नेताओं को समझ नही आ रहा है की वो क्या क्या बोल रहे है,कभी बिलावल भुट्टो ने कहा की अगर भारत सिंधु जल रोकता है तो फिर युद्ध होगा और भारत से खून की नदियां बहेंगी,वही पाकिस्तानी की सांसद ने यहां तक कह डाला की बाबरी मस्जिद का पुनः निर्माण होगा और पाकिस्तानी सेना पहला ईट रखेगी और पाकिस्तान सेना प्रमुख मुनीर वहां पहली अजान पढ़ेंगे,तो कोई नेता परमाणु की धमकी देता है
4-युद्ध के डर से पाकिस्तानी नागरिक देश छोड़ने में लगे है,पहलगाम हमले के बाद बढ़ते तनाव को देखते हुए अगर युद्ध हुआ तो पाकिस्तान का इस बार क्या होगा ये पाकिस्तानी ही जानते है,खबर आ रही है की पाकिस्तान के युद्ध के डर से पाकिस्तान छोड़ कर जाने के लिए तैयार है,उनका कहना है की पाकिस्तान के पास युद्ध के बाद कुछ नही बचेगा,आपको बता दे की पाकिस्तान से पास न तो सैन्य बल है ,ना ही पैसा है की वो युद्ध करे,न है संसाधन है,एक तो वैसे ही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था वैसे ही चरमरा गई है ऊपर से गर पाकिस्तान युद्ध करेगा तो सोच लीजिए क्या होगा पाकिस्तान का,ये शब्द वहां पाकिस्तानी ही बोल रहे है
आपको बता दे की पहलगाम हमले के बाद भारत पाकिस्तान में जो तनाव चल रहा है वो युद्ध का कारण भी बन सकता है