दो दोस्तों में अब दरार,ट्रंप ने किया i phone पर वॉर

भारत पाकिस्तान युद्धविराम घोषित होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत के खबरों में है,ट्रंप का कहना था कि अमरीका की वजह से युद्ध विराम घोषित हुआ,पाकिस्तान को अमेरिका इसलिए मदद कर रहा था क्योंकि एक तो पाकिस्तान अमरीका का कर्जदार है और दूसरा पाकिस्तान अमेरिका से कुछ हथियार भी लेता है,लेकिन अमेरिका को भारत का डर सताने लगा है की अगर भारत खुद हथियार अपने ही देश में बनाने लगेगा तो अमरीका का बिजनेस चौपट हो जायेगा,और अमरीका ये नही चाहता की कोई उसको व्यापार में टक्कर दे,इसलिए वो भारत से चिढ़ा हैhttp://news24hourslatest.in
डोनल्ड ट्रंप की नजर अब आई फोन पर पड़ी है,आखिर ट्रंप भारत से व्यापारिक दुश्मनी क्यों करना चाहते है,दोनो देशों की दोस्ती तो एक मिशाल के रूप में दुनिया देखती है,तो ऐसा क्या हुआ की ट्रंप ने एप्पल के सीईओ टीम कुक से ये तक कह डाला की भारत में एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग के बजाए अमरीका में मैन्युफैक्चरिंग करें,जबकि सर्वे में ये कहा गया है की पूरी दुनिया में बनने वाला आई फोन में से हर पांचवा आई फोन भारत का है और अमेरिकी बाजार में बिकने वाले आई फोन में भारत की हिस्सेदारी लगभग 50% है,भारत में जो भी आई फोन बनता है वो पूरी दुनिया में बेचा जाता है,एप्पल के सीईओ टीम कुक ने ये कह दिया था की अमेरिका में जो भी आई फोन बेचे जाते है उसका 50% भारत ने बनते है,आखिर ट्रंप को इतनी दिक्कत क्यों होने लगी भारत से,क्या पीछे ये कारण हो सकता है की भारत आत्मनिर्भर होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है,या फिर भारत अब खुद निर्णय लेना जान गया है,या फिर भारत पाकिस्तान युद्ध विराम का श्रेय नही मिला,ट्रंप लगातार ये कहे जा रहे है हमने दोनो देशों को समझाया तब जाकर सीजफायर घोषित हुआ लेकिन भारत ने ट्रंप के सारे दावे को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने खुद सीजफायर करने को कहा तब जाकर भारत राजी हुआ,इसमें कोई तीसरा नही है,
ट्रंप का ये सोचना है की अगर भारत अपने देश में ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्शन करता है तो अमेरिका के व्यापार में दिक्कत होने लगेगी,अमेरिका का व्यापारिक घाटा होने लगेगा,टीम कुक का सोचना है की भारत में प्रोडक्शन की वजह से अर्थव्यवस्था में काफी सुधार आएगा,क्योंकि भारत की आबादी भी बहुत है,भारत के मैनपावर है,तो ऐसे में अगर अमेरिका भारत में दखल देता है तो भारत भी एप्पल कंपनी पर कार्यवाही कर सकती है जिससे अमेरिका को नुकसान भी हो सकता है,फिलहाल तो एप्पल ज्यादातर iPhone चीन में बनाती है और अमेरिका में कोई भी स्मार्टफोन नहीं बनता है,आपको बता दे की Apple ने मार्च तक पिछले 12 महीनों में भारत में 22 बिलियन डॉलर के iPhone बनाए हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल उत्पादन लगभग 60% बढ़ा है।
कभी नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंपो एक दूसरे को अपना सच्चा दोस्त कहते थे,दोनो एक दूसरे के तारीफ के पुल बांधा करते थे,एक दूसरे को महान नेता कहते थे,क्या यही लगाओ अब दूरी में परिवर्तित हो गया है,ट्रंप क्या धीरे धीरे भारत से दुश्मनी करना चाहते है,ट्रंप का हर बयान भारत ने खारिज कर दिया शायद इसलिए ट्रंप नाराज है भारत से,ट्रंप को लगता है वो इंटरनेशनल लीडर के रूप में आगे नहीं हैं,ट्रंप ये चाहते है की जैसे पाकिस्तान उनके पैरों में पड़ा रहता है वैसे ही भारत भी अमेरिका के पैरों में पड़ा रहे,लेकिन भारत ऐसा करेगा नही,ये ही सारी बातें है जो ट्रंप केपी परेशान करती है की अमेरिका विश्वगुरु नही बन पा रहा है
क्या अमेरिका ये कहना चाहता है की दुनिया में जितनी भी बड़ी बड़ी कंपनियां है वो पहले अमेरिका में इन्वेस्ट करे,ताकि अमेरिका का व्यापारिक संबंध और मजबूत हो?उनके ये कहना की भारत को एप्पल की जरूरत नहीं इस बात को दर्शाता है की अमेरिका ये चाहता है की दुनिया की बड़ी बड़ी कंपनी भारत में नहीं बल्कि अमेरिका में इन्वेस्ट करे
ऑपरेशन सिंदूर पर बनने जा रही है फिल्मhttps://youtu.be/M4SuL4aVSS4?si=JdV5QRhW064L1E2Q
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