- वक्फ बिल सुप्रीम कोर्ट ने ये क्या कह दिया

सुप्रीम कोर्ट वक्फ संशोधन अधिनियम की वैधता के मामले में आज सुनवाई होनी थी,केंद्र सरकार का कहना था की वक्फ संपति को गैर अधिसूचित नही किया जाएगा,
केंद्र सरकार ने ये भी कहा की किसी गैर मुस्लिम को नियुक्त नहीं जायेगा,
केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है की इसका उद्देस्य वक्फ संपति के दुरुपयोग को रोकना है
सरकार का कहना है की जो भी याचिका वक्फ कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में डाली गई है वो सिर्फ लोगों और सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने के मकसद से डाली गई है
आपको बता दे की 19 मई तक सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को अपनी सारी दलीलें सुप्रीम कोर्ट में पेश करनी थी,सुप्रीम कोर्ट के CJI बी आर गवई, जस्टिस एजी मसीह और जस्टिस के विनोद के चंद्रन की बेंच सुनवाई कर रही हैhttp://news24hourslatest.in
केंद्र सरकार का कहना है की वक्फ कानून में कोई बदलाव ना हो लेकिन दूसरे पक्ष में कपिल सिब्बल,अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है की ये जो कानून है वो साफ तौर पर सरकार को मंशा को दर्शाता है,ये कानून मुसलमानो की हित वाली कानून नही है, इस पर CJI बी आर गवाई ने कहा की संसद द्वारा पारित किसी भी कानून में संविधानिकता की धारा होती है,और जब तक इसमें कोई ठोस मामला नहीं आता है कोर्ट इसमें कोई दखल नहीं दे सकती है
केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा है की न्यायालय ने तीन मुद्दे चिन्हित किए है,जिसका जवाब पहले से ही हमने दे दिया है,तुषार मेहता का कहना है की मेरा अनुरोध है की सरकार इन्ही तीन मुद्दे को सीमित रखे,फिलहाल वक्फ बाय यूजर,वक्फ परिषद और राज्य,और वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम की नियुक्ति ,और वक्फ की भूमि को केंद्रित रखा जाए इस मुद्दे पर सुनवाई चल रही है,लांकि वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने तुषार मेहता की मांग का विरोध किया और कहा कि ऐसा कोई आदेश नहीं कि तीन मुद्दों पर ही अंतरिम राहत की सुनवाई होगी। कोर्ट ने इन मुद्दों की चर्चा की थी लेकिन यह नहीं कहा था कि सिर्फ इनकी बात होगी।कपिल सिब्बल ने कहा की टुकड़ों में सुनवाई नहीं हो सकती,इसलिए एक साथ सभी मुद्दों पर सुनवाई हो,कपिल सिब्बल का कहना है की अदालत द्वारा वक्फ,वक्फ बाय यूजर,घोषित संपत्यियों को गैर अधिसूचित करने का अधिकार है,दूसरा मुद्दा है केंद्री वक्फ परिषद का जिसमे कपिल सिब्बल ने कहा है की वक्फ में केवल मुसलमानो को ही शामिल किया जाना चाहिए,और तीसरा मुद्दा ये है की जब कोई कलेक्टर ये पता लगाने के जांच करता है की संपत्ति सरकारी भूमि है या नही तो वक्फ संपत्ति को वक्फ नही माना जायेगा.कपिल सिब्बल का कहना है की तीन मुद्दे ही नही बहुत सारे मुद्दे है जिसपर सुनवाई होनी चाहिए,
कपिल सिब्बल ने कहा है की नया कानून कहता है की अगर कोई संपत्ति एएसआई संरक्षित है तो ये वक्फ नही हो सकता,कपिल सिब्बल की दलीलें सुनने के बाद CJI ने कहा की खजुराहो में एक मंदिर पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है, फिर भी लोग वहां जाकर पूजा-प्रार्थना कर सकते हैं,वही मुख्य न्यायाधीश ने पूछा की क्या इससे आपका अपने धर्म का पालन करने का अधिकार छिन जाता है,क्या आप का समाज वहां प्रार्थना नहीं कर सकता
कपिल सिब्बल ने फिर पूछा की अगर किसी वक्फ प्रापर्टी की मान्यता समाप्त हो जाती है तो मैं वहां कैसे जा सकता हूं,इस CJI ने कहा की मैने एक मंदिर का दौरा किया था जो एएसआई संरक्षित है,मैने देखा की लोग वहां जाकर पूजा पाठ करते है,उन्होंने ऐसे घोषणाओं से आपका पूजा करने का अधिकार नहीं छिन सकता,कपिल सिब्बल ने कहा की ये कानून अनुच्छेद 25 का उलंघन करता है और नागरिकों को उनकी धार्मिकता के अधिकार से वंचित कर रहा है,कपिल सिब्बल ने अनुच्छेद 14 और 26 का भी उलंघन बताया
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