जानिए क्या हुआ जब भारत का डेलिगेशन पहुंचा मुस्लिम देश

भारत पाकिस्तान युद्ध के बाद,बुरी तरीके से पाकिस्तान को हारने के बाद,भारत ने ये डिसाइड किया की पाकिस्तान को हर तरीके से एक्सपोज करना है,इसलिए भारत ने ७ डेलिगेशन तैयार किया है,जिसमे करीब 60 सांसदों की टीम पूरी दुनिया में जायेगी और पाकिस्तान का आतंकवादी चेहरा पूरी दुनिया के सामने एक्सपोज करेगी.
शिवसेना के सांसद श्रीकांत सिंदे के नेतृत्व वाली टीम पहुंची यूएई के अबू धाबी,सांसद श्रीकांत के टीम ने यूएई के अधिकारियों से ऑपरेशन सिंदूर के बारे चर्चा भी की.
श्रीकांत के टीम कैसे पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देती है और अपने मुल्क में आतंकवाद का संरक्षण करती है ये सब बताएगी,कैसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को घुटने के बल ला दिया ये भी बताएगीhttp://news24hourslatest.in
यूएई का कहना है की कोई भी देश आतंकवाद के साथ समझौता नहीं कर सकता,यूएई का कहना है की हम सब मिल कर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे और भारत के साथ मिलकर काम करेंगे.
सांसद शिकांत शिंदे के प्रतिनिधिमंडल ने अबू धाबी में राष्ट्रीय परिषद की रक्षा मामलों, आंतरिक और विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष डॉ. अली राशिद अल नूमी से मुलाकात की
श्रीकांत शिंदे के प्रतिनिधिमंडल में प्रतिनिधिमंडल में भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज और अतुल गर्ग, राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा, भाजपा नेता एसएस अहलूवालिया, आईयूएमएल सांसद ईटी मोहम्मद बशीर, बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा और राजदूत सुजान चिनॉय शामिल थे
श्रीकांत शिंदे ने कहा कि हमने यूएई के साथ एक सार्थक बैठक की और दोनो देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की सहमति जताई,शिंदे ने ये कहा की यूएई पूरी तरीके से भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ कंधा से कंधा मिलाकर लड़ने खड़ा है.
यूएई ने स्पष्ट कहा है की आतंकवाद एक देश का ही नही बल्कि वैश्विक स्तर का खतरा बना हुआ है,हमारा मानना है की हमें ही नही बल्कि पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हो जाना चाहिए,हमारी बैठक का मुख्य लक्ष्य यही है की आतंकवाद को जड़ से मिटाना है,आतंकवाद देश के भविष्य का बहुत बड़ा रोड़ा बना हुआ है,
श्रीकांत शिंदे ने कहा की यूएई यूएई एक विकसित देश है,और जिस तरीके से भारत आतंकवाद को झेल रहा है यूएई को भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ हर तरीके से खड़ा होना चाहिए, सांसद ने ये भी कहा यूएई किसी भी धर्म के नाम पर आतंकवाद को पनपने नहीं देना चाहता है,दोनो देश अगर आतंकवाद के खिलाफ मिलजुलकर खड़ा रहे तो इससे देश का भविष्य भी उज्वल होगा,उन्होंने कहा कि ये हमला सिर्फ भारत पर नहीं बल्कि पूरी मानवता पर हमला हुआ है,आपको बता दे की यूएई भारत पर हमले की निंदा करने वाला पहला देश है.
श्रीकांत शिंदे ने कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं की मुझे यूएई और पश्चिम अफ्रीका जाने वाले समूह का नेतृत्व करने का मौका मिला,उन्होंने ये भी कहा की भारत पिछले कितने दशकों से आतंकवाद का सामना कर रहा है और उसके खिलाफ लड़ भी रहा है,उन्होंने ये भी कहा पाकिस्तान आतंकियों का अड्डा बन चुका है और पाकिस्तान सरकार द्वारा आतंकियों की फंडिंग भी होती है,पाकिस्तान ने प्रगति किया है तो सिर्फ आतंकवाद में और कोई प्रगति पाकिस्तान न नही किया,जिस देश की अर्थव्यस्वस्था खराब हो,जिस देश में आर्थिक संकट इतना हो की युद्ध समाप्त होने के बाद तुरंत आईएमएफ से लोन लेने की नौबत आ गई,जिस देश में कोई संसाधन नहीं हो,वो देश क्या खाक तरक्की करेगा
शिंदे ने बताया कि कैसे 6 और 7 मई को भारत ने पाकिस्तान के 9 ठिकानों पर गोलीबारी की,मिसाइल दागे,ड्रोन छोड़े जिससे की पाकिस्तान के आतंकी अड्डे तबाह हो गए और पाकिस्तान को युद्धविराम घोषित करना पड़ा,लेकिन युद्ध विराम के बाद भी पाकिस्तान मानने को तैयार नहीं था उसने फिर हमला करना चाहा भारत पर ,लेकिन हमारे जाबाज आर्मी ने पाकिस्तान का मुहतोड़ जवाब दिया.
10 मई को पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों से वार्ता की और सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति बनी और युद्ध समाप्त हो गया
अब देखना है की भारत का ये डेलिगेशन जो पूरी दुनिया में जाकर पाकिस्तान को एक्सपोज कर रहा है उसका भारत को कितना फायदा होगा
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