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जानिए भारत में जाति व्यवस्था और राजनीति का संबंध

जानिए भारत में जाति व्यवस्था और राजनीति का संबंध

जानिए भारत में जाति व्यवस्था और राजनीति का संबंध
भारत में जातियों और राजनीति का गेहरा संबंध है,भारत समाज में सदियों से कुछ सामाजिक बुराइयां चलती आ रही है,जो समाज को खोखला करती जा रही है,

जाती शब्द की उत्पति
अगर जाति शब्द की बात करे तो ऋग्वेद में जाति शब्द का उल्लेख हुआ है,जिसे हम चतुर वर्ण कहते है,कहा जाता है,वर्ण व्यवस्था उल्लेख सबसे पहले ऋग्वेद में मिलता है,ऐसा माना जाता है की मनुष्य के मुख से ब्राह्मण(पुजारी),भुजाओं से छत्रिय(शासक और योद्धा), जंघा से वैश्य (व्यापारी),और पैरों से शुद्र (मजदूर) की उत्पत्ति हुई है,इस क्रम से ब्राह्मण का दर्जा सबसे ऊंचा और शूद्रों का सबसे नीचा स्थान था,समय के साथ दलित,अछूत,आदिवासी सब बदलते गए और अनेकों जातियां और जनजातियां सामने उभर कर आई,

जाती पर राजनीति
भारत में राजनीति का मुख्य केंद्र बिंदु है जाती और धर्म,बिना धर्म की बात किए या बिना जाति किया बात किए कोई राजनीतिक दल ऊपर नहीं उठ सकता,सब दलों को पता है की कौन सी जाति उनको आगे बढ़ाने में सक्षम है वो उसी जाति पर आधारित राजनीत करना शुरू कर देते है,कोई मुस्लिम का पक्ष खींचता हैं तो कोई हिंदू का,राजनीत में धर्म सिर्फ और सर्फ वोट बैंक के रूप में काम करता है,जाती के आधार पर आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर भी प्रभाव पड़ता हैhttp://news24hourslatest.in
भारत में आजादी के बाद या आजादी के पहले जाति और धर्म के नाम पर खूब राजनीति होती रही है,जो कभी समाप्त होने वाली नही है,अंगेजों के समय से हिंदू मुस्लिम के बीच में लड़ाई झगड़ा चलता आ रहा है और आगे भी चलता रहेगा,और नेता इसे अपना वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती है,और हम लोग आपस में हिंदू मुस्लिम करते रहते है,
भारत की राजनीतिक पार्टियां चाहे बीजेपी हो या मायावती कोई बसपा हो या अखिलेश की सपा हो सब जाति आधारित राजनीति करते है,कोई कहता है बीजेपी ब्राह्मणों की पार्टी है तो कोई कहता है,मायावती दलितों को सपोर्ट करती है क्युकी मायावती खुद दलित जाति से आती है और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री भी रह चुकी है,तो वही अखिलेश को मुस्लिम हितैषी बताया जाता है,

जाति भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़े
ऐसे बहुत से चहरे भारत में हुए जो जाति के खिलाफ लड़ाई लड़े और जीते,अपना पूरा सर्वस्व उन्होंने समाज में सिर्फ जाति के खिलाफ आवाज उठाई और देश के उच्च जाति में पैदा हुए लोगों से लड़ाई लड़ी और जीते,चाहे वो काशीराम हो या फिर लोहिया,सब ने समाज में समानता लाने के लिए समाज से लड़ा,
इसमें सबसे ऊपर नाम आता है महात्मा फूले और डॉक्टर भीम राव अंबेडकर का ,महात्मा फुले ने जातिगत भेदभाव और असमानता के खिलाफ संघर्ष किया
फुले ने शूद्रों और अतिशूद्रों के खिलाफ आवाज उठाई और उन्हें जीने का हक दिलाया,जिस समाज में उनके उपर पत्थर फेका जाता था,गोबर फेका जाता था,उनको हर स्तर से गिराने की कोशिश की जाती थी ,ऐसे समाज में लड़कर फूले ने दलितों को, शुद्रों को उनका स्थान दिलाया,उनको इस लायक बनाया की हर परिस्थिति से लड़ सके,फुले का कहना था कि अगर आपके पास शिक्षा नई है तो आप मनुष्य नहीं है,शिक्षाही सबसे बड़ा हथियार है समाज से लड़ने का,इसलिए फूले ने महिलाओं के लिए सबसे पहले स्कूल खोला ताकि महिलाएं शिक्षा ले सके और अपने हक के लिए लड़ सके,समाज का एक बड़ा वर्ग हमेशा अपने से नीचे जाति वालों को सताता रहा है,इस ऊंच नीच को दूर करने के लिए फूले ने लड़ाई लड़ी और जीती,उन्होंने ब्राह्मणवाद के खिलाफ क्रांति की शुरुआत की।
उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना की, जो सामाजिक सुधारों के लिए एक संगठन के रूप में काम करता था,उन्होंने”गुलामगिरी” नामक पुस्तक लिखी, जिसमें उन्होंने जाति व्यवस्था की आलोचना की,कैसे ये जाति व्यवस्था देश को खोखला कर रहे है

दूसरा नाम है भारत के संविधान निर्माता डॉक्टरों भीम राव अंबेडकर का
इन्होंने दलितों के लिए संवैधानिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए संघर्ष किया,उन्होंने कहा था कि जिस स्कूल में वो जाते थे वहां के लोग,स्टूडेंट इनसे नफरत की निगाहों से देखते थे,उन्हें अलग बैठाया जाता था,उनके लिए पानी पीने के लिए अलग व्यवस्था थी,उन्हें भी स्कूल में अलग अलग प्रताड़नाओं को झेलना पड़ा,इतना सब कुछ सहने के बाद उन्होंने ये निश्चय कर लिया की इस ऊंच नीच के भेदभाव को समाप्त कर के रहेंगे,इसके लिए उन्होंने समाज में नई क्रांति लाई,उन्होंने अस्पृश्यता को समाप्त करने और दलितों को सामाजिक भेदभाव से मुक्त करने के लिए अभियान चलाए,उन्होंने “जाति का विनाश” जैसी किताबें लिखीं, जिनमें उन्होंने जाति व्यवस्था की आलोचना की,उन्होंने दलितों को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए भी काम किया,आपको बता दे की अंबेडकर ने फूले को अपना गुरु माना था

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  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

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