Bihar Vidhansabha Chunav:महागठबंधन का महा विरोध

जैसे जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है,वोटर लिस्ट को लेकर महागठबंधन का महा विरोध अब देखने को मिल रहा है,जी हां दोस्तों बिहार में इस समय का माहोल बहुत गरम हैhttp://news24hourslatest.in
भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को लेकर विपक्ष दलों ने बिहार की सड़कों पर चक्काजाम किया,जानकारी के मुताबिक राजद समर्थकों ने पैसेंजर ट्रेन को रोक कर अपना विरोध प्रदर्शन किया,टायर जलाकर भी जलाकर विरोध प्रदर्शन किया
1-हाजीपुर में चक्का जाम किया गया,आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने गांधी सेतु पर जाम लगा दिया,उसके बाद नेशनल हाईवे 30 बार भी जाम लगा दिया गया,जिसके चलते यातायात भी प्रभावित हो गया
2-मनेर में भी जाम लगाया गया,आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने मनेर में टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया,कई जगह पर आगजनी की खबरें भी आई जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा
3-रेल पटरियों पर भी जमकर प्रदर्शन किया विपक्ष ने,जहानाबाद में भी पटना गया रेल को भी रोक कर प्रदर्शन किया गया,आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने रेल की पटरियों पर बैठ कर प्रदर्शन किया,दरभंगा में बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रोका गया और कार्यकर्ता रेल ट्रैक पर बैठकर नारेबाजी करते रहे.
तेजस्वी यादव ने क्या कहा:
इसी बीच बिहार के विधानसभा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है की,”क्या ये दो बिहारी तय करेंगे की वोट किसे वोट देना है किसे नहीं”तेजस्वी यादव ने कहा की चुनाव आयोग ने गरीबों के नाम जानबूझ हटा दिए है,मोदी अमित की दादागिरी अब नही चलेगी,तेजस्वी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में किया जा रहा विशेष पुनरीक्षण ‘भ्रम’ और ‘पारदर्शिता की कमी’ से भरा है,आगे उन्होंने कहा की NDA गठबंधन को फायदा पहुंचाने के इरादे से की जा रही है.
राहुल गांधी ने क्या कहा:
राहुल गांधी भी सत्ता पक्ष पर जमकर बरसे,उन्होंने कहा की बिहार के चुनाव को भी महाराष्ट्र की चुनाव की तरह बीजेपी बना रही है,राहुल गांधी ने कहा की चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र की चुनाव में एक करोड़ वोटर बढ़ाए और जहां वोट बढ़ाए गए वहां बीजेपी चुनाव जीत गई,राहुल गांधी ने कहा की बिहार की चुनाव में वोट की चोरी नहीं होने देंगे ,उन्होंने कहा की चुनाव आयोग बीजेपी के लिए काम कर रही है,चुनाव आयोग का कर्तव्य है की वो चुनाव में पारदर्शिता लाए,लेकिन यहां तो चुनाव आयोग ठीक उल्टा काम कर रहा है,उसका कर्तव्य संविधान की रक्षा करना होता है ना की किसी पार्टी के लिए काम करना
कौन कौन था शामिल:
इस महागठबंधन के विरोध प्रदर्शन में बिहार विधानसभा के प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव,लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी,भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता दीपांकर भट्टाचार्य,बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम सहित अन्य वामपंथी नेता भी शामिल थे
चुनाव आयोग ने क्या कहा था:
1-आगमी बिहार विधानसभा सभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग पर पड़े प्रश्न उठाए गए है लेकिन इस बार चुनाव आयोग ने ऐसा आदेश पारित किया है की दोनो पार्टी पक्ष और विपक्ष परेशान नजर आ रही है,चुनाव आयोग का कहना है की बिहार के 8 करोड़ मतदाताओं का रिवेरीफिकेशन होगा,दरअसल चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव से वोटर का रेवरिफिकेशन का आदेश दिया है जिसके तहत वोटरों को अपना सत्यापित करना होगा,तय सरकारी दस्तावेज दिखाने होंगे और जिसके पास सरकारी दस्तावेज नहीं होंगे उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जायेंगे और चुनाव आयोग ने ये भी कहा है की सिर्फ आधार कार्ड दिखाने से सत्यापित नही होगा और वोटरों को रिवेरीफिकेशन करने की अंतिम तिथि 26 जुलाई निर्धारित की गई है,ऐसे में जनता को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है,चुनाव आयोग ये भी कहना है की अगर किसी को कोई भी आपत्ति है तो उसके लिए उसे 1 सितंबर तक का समय मिलेगा
2-बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने एक नया फैसला जारी कर दिया है,चुनाव आयोग का कहना है की जो भी बूथ लेवल ऑफिसर है वो घर घर जाकर गड़ना पत्रों में इनफॉर्मेशन जमा करेंगे,चुनाव आयोग का कहना है की मतदाता सूची का ड्राफ्ट 1 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा,चुनाव आयोग ने साफ साफ कहा है कि बिहार में मतदाता सूची का वेरिफिकेशन बहुत जरूरी है क्योंकि ये वेरिफिकेशन 2003 के बाद नही हुई,चुनाव आयोग के अनुसार जो मतदाता 1 जनवरी, 2003 की मतदाता सूची में शामिल थे, उन्हें सिर्फ़ ये Enumeration Form यानी गणना पत्र भरकर जमा करना है. उन्हें कोई सबूत नहीं देना होगा. बिहार में ऐसे 4.96 करोड़ मतदाता हैं. चुनाव आयोग ने 2003 की ये वोटर लिस्ट अपनी वेबसाइट पर डाल दी है
चुनाव आयोग के मुताबिक:
चुनाव आयोग के मुताबिक 2003 के बाद लोगों में बहुत बदलाव हुआ है कहने का तात्पर्य ये है की कितने लोग गांव शहरों में गए है,कितने नए वोटर भी जुड़े होंगे,प्रवास काफ़ी तेज़ हुआ है,बिहार के लोग दूसरे राज्यों गए हैं, दूसरे राज्यों के लोग बिहार आए हैं.कई नागरिक 18 साल पूरा करने के बाद नए मतदाता बने हैं,और जितने लोगों की इस 22 साल के दौरान मृत्यु हुई है उनका कोई रिकॉर्ड नहीं है,इसलिए चुनाव आयोग का कहना है कि री वेरिफिकेशन बहुत जरूरी है ताकि जिनके पास कोई दस्तावेज नहीं है उन्हें वोटर लिस्ट के नाम से बाहर किया जाए
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