Lalu Prasad:एक तरफ प्रचार,दूसरी तरफ CBI

बिहार के विधानसभा चुनाव के पहले राजद परिवार पर एक बड़ा झटका मिला,एक तरफ तेजस्वी यादव पूरे जोर जोर से प्रचार करने में लगे है वही दूसरी तरफ उनके परिवार पर सीबीआई का खतरा फिर से मदराने लगा है,सीबीआई ने कोर्ट में पेश की दलीलें,पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद मंत्री,बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी,बिहार के विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध हुए है जिसके खिलाफ सीबीआई ने कोर्ट में सबूत पेश किए हैंhttp://news24hourslatest.com
विरोध प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ:
जैसे जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहें है वैसे वैसे सारी पार्टियां अपने पूरे लश्कर के साथ मैदान में उतर गई है,सत्ता पक्ष हो या विपक्ष हो,कोई पार्टी थोड़ा सा भी कसर नहीं छोड़ना चाहती है अपने प्रचार प्रसार में,चुनाव आयोग ने मतदाताओं को वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए अपने दस्तावेज जमा करने के लिए बोला,इसी बात को लेकर विपक्ष ने भारतीय निर्वाचन आयोग पर जानबूझकर कर मतदाताओं के नाम के साथ ही फेर करने करने का आरोप लगा रहें है,चुनाव आयोग के खिलाफ के आरजेडी,कांग्रेस और अन्य दल बीते दिन बिहार में विरोध प्रदर्शन किया,कही चक्का जाम तो कही ट्रेनों को रोक कर विरोध प्रदर्शन किया,अभी इधर आरजेडी सत्ता पक्ष और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर ही रही थी की उधर सीबीआई ने आरजेडी की मुश्किलें बढ़ा दी,सीबीआई ने दिल्ली की विशेष अदालत में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद मंत्री,बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी,बिहार के विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश होने का दावा किया है,जिस समय ये खबर आई की सीबीआई ने दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद मंत्री,बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी,बिहार के विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ आईआरसीटीसी में हुए घोटाले का पर्याप्त सबूत पेश किए है उस समय तेजस्वी यादव और लोक सभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बिहार अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ बिहार बंद के समर्थन हेतु प्रचार कर रहे थे
क्या है आईआरसीटीसी घोटाला:
दरअसल बात तब की है जब आरजेडी के अध्यक्ष,बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव देश के रेल मंत्री हुआ करते थे,2004 की बात है जब रेलवे की कैटरिंग और रेलवे होटल सारे रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी अधीन कर दिया थे,मतलब रेलवे कैटरिंग,रेलवे की होटल सब आईआरसीटीसी के अंडर में थे,और इसी बीच रांची और पूरी के बीएनआर होटल के विकास को लेकर हेरा फेरी शुरू हो गई तब से ये घोटाला नजर आ रहा है,2006 में ये टेंडर होटल सुजाता को मिला था,बताया जा रहा था की होटल सुजाता ने इसके बदले लालू यादव के परिवार को तीन एकड़ दी थी,बताया जा रहा था की ये संप्पति बेनाम थी
क्या है जमीन घोटाला:
यूपीए की सरकार ने २००४ और २००९ के बीच लालू प्रसाद रेल मंत्री थे,बताया जा रहा था की लालू यादव ने रेलवे भर्ती के बदले आवेदकों से जमीन और प्लॉट लिए,सीबीआई ने इस मामले में जांच के बाद लालू प्रसाद यादव और उनकी बेटी मीसा भारती के खिलाफ मामला दर्ज किया।
लालू ने क्या दलीलें रखी:
लालू प्रसाद,राबड़ी देवी,तेजस्वी यादव के खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले में सबूत पेश किया है लेकिन तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद के वकील ने कहा है की ये पूरा मामले पर राजनीति का दबाव है,वकील का कहना है की उनके मुवक्किलों के खिलाफ सीबीआई के पास कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है,उनका कहना है की टेंडर को लेकर कोई हेरा फेरी नही हुई है,ये झूठा आरोप लगाया जा रहा है की लालू प्रसाद ने अपने पद का दुरुपयोग किया ऐसा कोई सबूत नहीं है
आगे क्या हो सकता है :
जैसा ही हम सबको पता है होटल सुजाता को ये टेंडर मिला था और इसके बदले होटल सुजाता ने तीन एकड़ जमीन दी थी,सीबीआई ने काम को धोखाधड़ी,भ्रस्त्राचार बताया है,सीबीआई ने लालू प्रसाद,राबड़ी देवी,और तेजस्वी यादव को इस प्रक्रिया में दोषी ठहराया और उनके खिलाफ सबूत भी पेश किए है,आपको बता दे की आरोप सिद्ध होने के बाद सात साल की सजा हो सकती है
एक तो लालू प्रसाद चारा घोटाला में सजा काट चुके है,और अब ये आईआरसीटीसी घोटाला,बिहार के विधानसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए ये कहा जा सकता है की इससे आरजेडी की राजनीतिक छवि पर प्रभाव पड़ सकता है,तेजस्वी यादव इस चुनाव में बिहार के सीएम कैंडिडेट के लिए खड़े है,अब देखना है की कोर्ट क्या आदेश देता है और आगामी बिहार की विधानसभा चुनाव पर इसका क्या असर होता है,जानने के लिए पढ़ते रहिए ये न्यूज चैनल
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