Ahmedabad Viman Hadsa:बंद किये गये थे फ्यूल स्विच

12 जून को अहमदाबाद में हुए पलाइन हादसे से समूचा भारत हिल गया था,हादसे के बाद जाँच की प्रकिया तेज हो गयी है,लगभग एक महीने बाद प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट सामने आई है वो चौकाने वाली है.http://news24hourslatest.in
अहमदाबाद विमान हादसा:जी हां दोस्तों नागरिक उड्डयन मंत्रालय की जाँच ब्यूरो की रिपोर्ट जो सामने आई है उसमे कुछ आश्चर्यजनक बातें निकल कर सामने आई है,रिपोर्ट के अनुसार हादसे का मुख्य कारण फ्यूल का स्विच बंद होना था,जिसके कारण दोनों इंजन भी बंद हो गये थे,और इसी कारण विमान ज्यादा उचाई तक नहीं पहुच पाया और विमान में आग लग गयी,रिपोर्ट के अनुसार शक पायलेट पर जा रहा है,क्योकि रिपोर्ट में ये कहा गे है की एक पायलट ने कहा है की “तुमने स्विच क्यों बंद किया था “तो दुसरे ने कहा की “मेने नहीं किया”,लेकिन अभी किसी भी नतीजे पर बात नहीं पहुची है,अभी ये जाँच का विषय बन गया है की आखिर फ्यूल किसने बंद किया और क्यों?
पायलट एसोसिएशन का क्या कहना है:
एयरलाइन पायलट एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने रिपोर्ट को ख़ारिज करते हुए कहा है की निष्पक्ष जाँच करायी जाये,इस जाँच से कोई प्रमाण निकल कर नहीं आय है,जाँच में पायलटों को दोषी करार दिया जा रहा है हम उसे शक्त खिलाफ है,एसोसिएशन ने फिर कहा है जाँच के लिए उपयुक्त कर्मचारिओं को नहीं बुलाया जा रहा है,हम उम्मीद करते है की निष्पक्ष जाँच हो फिर उचित कार्यवाही हो
के राम मोहन नायडू ने क्या कहा :
नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने कहा है की अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुचना बेवकूफी होगी,अभी ये केवल प्रारंभिक रिपोर्ट आई है और हमें अभी फाइनल रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए,हमें जाँच एजेंसी पर भरोषा करना चाहिए और रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए,पीड़ितों के साथ न्याय जरुर होगा,हम अपनी सर्व्श्रेस्थ कोशिश करने में लगे है क्योकि सिर्फ बात चित के आधार पर कोई फैसला करना गलत होगा,आगे की जाँच जरुरी है,एएआईबी एक स्वतंत्र निकाय है और इसमें हमें कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए
सवाल क्यों खड़ा हो रहा है जाँच पर :
जैसे की हम सबको पता है की जाँच में आया है की फ्यूल इंजन को बंद कर दिया गया था लेकिन ये रिपोर्ट अधुरा है,प्रश्न यही है की जब रिपोर्ट अधुरा है तो फिर उसे सार्वजनिक करने की क्या जरुरत थी,इस आधार पर आखिर निष्कर्ष पर पहुचना कहा तक सत्य है,सरकार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए की ऐसे गलती से जनता पर प्रभाव पड़ता है,लोगों के मन तरह रतरह के सवाल पैदा होते है,सरकार का पहले से कहना है की वो इस दुर्घटना के सारे कारणों को जनता के सामने लेन के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन क्या ये तरीका है प्रतिबद्धता का की बिना कोई ठोस साबुत के रिपोर्ट को सामने ला दिया जाये
जानिए क्या हुआ था 12 जून को:
गुजरात के अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एअर इंडिया का विमान AI171 दुर्घटनाग्रस्त हो गया,जिसके चलते करीब 265 लोगो की मौत हो गई थी ,जिसमे गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे,आपको बता दे की विजय रुपाणी की गिनती बीजेपी के बड़े नेताओं में आती थी,वो पीएम मोदी और अमित शाह के करीबी भी माने जाते थे,इस विमान में 10 क्रू मेंबर, 2 पायलट और 230 यात्री थे जिनकी मौत हो चुकी थी
एयर इंडिया की फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन जा रही थी,अचानक दोपहर में फ्लाइट क्रैश हो गई थी ,जिसमे 265 लोगों की मौत हो चुकी है,यही नहीं फ्लाइट जिस मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर जा गिरा,जहां डॉक्टर मेश में खाना कहा रहे थे और वहां भी 24 लोगों की मौत हो गई,इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे जिनकी मौत हो चुकी है,गुजरात सरकार ने शवों की पहचान के लिए प्लेन में सवार लोगो के परिजनों से डीएनए (DNA) सैंपल देने की अपील की है. हादसा इतना भयानक था कि कई शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया है.एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि “बीजे. मेडिकल कॉलेज में DNA परीक्षण की व्यवस्था की गई है इसलिए विमान यात्रियों के परिवारों और करीबी लोगों, विशेष रूप से उनके माता-पिता और बच्चों से अनुरोध है कि वे अपने नमूने स्थान पर जमा करें ताकि पीड़ितों की जल्द से जल्द पहचान हो सके
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